फिल्मी परिवार के बेटे, फिर भी काम के लिए तरसे संजय कपूर, एक हिट के बाद भी नहीं बदली किस्मत
Sanjay Kapoor: बॉलीवुड में कपूर परिवार का नाम आते ही शोहरत, दौलत और कामयाबी की तस्वीर सामने आती है. हालांकि इसी परिवार के संजय कपूर की कहानी कुछ अलग है. फिल्म निर्माता सुरिंदर कपूर के बेटे और अनिल कपूर-बोनी कपूर के छोटे भाई होने के बावजूद संजय को बतौर अभिनेता अपनी पहचान बनाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा. करियर में हिट फिल्में आईं, निजी जिंदगी में उतार-चढ़ाव आए और एक ऐसा दौर भी आया, जब उन्हें काम की कमी का सामना करना पड़ा.
30 साल की उम्र में शुरू हुआ फिल्मी सफर
संजय कपूर ने अपने बड़े भाइयों की तरह अभिनय की दुनिया में कदम रखा लेकिन उनकी शुरुआत देर से हुई. उनकी पहली फिल्म प्रेम साल 1995 में रिलीज हुई. हालांकि, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं दिखा सकी. इसके बाद उसी साल आई राजा ने उनकी किस्मत बदल दी. माधुरी दीक्षित के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों ने पसंद किया और संजय रातोंरात चर्चा में आ गए.
सिर्फ तुम फिल्म रही हिट
संजय के करियर में 1999 की फिल्म सिर्फ तुम भी अहम रही. फिल्म को दर्शकों का प्यार मिला लेकिन इसका फायदा उनके करियर को उम्मीद के मुताबिक नहीं मिला. संजय ने कई मौकों पर काम न मिलने और अपनी पहचान बनाने में आई मुश्किलों का जिक्र किया.
अनिल कपूर के छोटे भाई होने का दबाव
संजय के लिए अपनी अलग पहचान बनाना आसान नहीं था. बड़े भाई अनिल कपूर पहले ही बॉलीवुड में मजबूत जगह बना चुके थे. ऐसे में संजय की तुलना उनसे होना स्वाभाविक था. वह चाहते थे कि लोग उन्हें सिर्फ अनिल कपूर के भाई के तौर पर नहीं बल्कि उनकी एक्टिंग के लिए पहचानें.
महिप कपूर बनीं मुश्किल वक्त की साथी
संजय कपूर ने 1997 में महिप कपूर से शादी की. दोनों ने साथ मिलकर जिंदगी के कई उतार-चढ़ाव देखे. करियर में काम कम होने और परिवार की जिम्मेदारियां बढ़ने के दौर में आर्थिक दबाव भी सामने आया. महिप ने भी अपने परिवार के मुश्किल दिनों के बारे में बातचीत में बताया है. ऐसे वक्त में एक-दूसरे का साथ उनके लिए बेहद अहम रहा.
अभिनेता से निर्माता बनने तक का सफर
जब बतौर अभिनेता काम के मौके कम होने लगे, तो संजय ने प्रोडक्शन की ओर रुख किया. उन्होंने तेवर जैसी फिल्म के निर्माण में भूमिका निभाई, जिसमें उनके भतीजे अर्जुन कपूर नजर आए. इस फैसले से उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी मौजूदगी बनाए रखने की कोशिश की.
ओटीटी ने दिया करियर को नया मोड़
समय के साथ संजय कपूर ने खुद को नए दौर के हिसाब से ढाला. द फेम गेम, द गॉन गेम और ब्लडी डैडी जैसे डिजिटल प्रोजेक्ट्स में वह अलग अंदाज में नजर आए. ओटीटी ने उन्हें ऐसे किरदार निभाने का मौका दिया, जो पारंपरिक हीरो की छवि से अलग थे.