Vegetables in September: बालकनी या छत में खाली पड़े हैं गमले? सितंबर में लगाएं ये सब्जियां, सर्दियों में आएंगी काम
Vegetables in September: अगर आप सर्दियों में बाजार से सब्जियां खरीदने के बजाय घर की बालकनी या छत से ही ताजा सब्जियां तोड़कर खाना चाहते हैं तो सितंबर से इसकी तैयारी शुरू कर दें. इस महीने मौसम में बदलाव शुरू हो जाता है और किचन गार्डन के लिए कई सब्जियों की बुवाई की जा सकती है. अच्छी बात यह है कि इसके लिए बड़े गार्डन की जरूरत नहीं होती. कुछ गमलों में ही पालक, मेथी, मूली, गाजर और धनिया उगाए जा सकते हैं.
सितंबर में घर पर लगाएं सब्जियों के बीज
सितंबर का महीना घर में किचन गार्डन शुरू करने के लिए काफी अच्छा माना जाता है. बारिश की तेज गर्मी कम होने लगती है और मौसम धीरे-धीरे ठंड की ओर बढ़ता है. ऐसे में बालकनी, छत या घर के छोटे से हिस्से में सब्जियों की बुवाई शुरू की जा सकती है. खास बात यह है कि इसके लिए बड़े गार्डन की जरूरत नहीं होती. कुछ गमलों, अच्छी मिट्टी और नियमित देखभाल से घर पर ही ताजी सब्जियां उगाई जा सकती हैं.
पालक के लिए चौड़ा गमला रहेगा सही
सितंबर में पालक की बुवाई की जा सकती है. इसे उगाने के लिए बहुत बड़े गमले की जरूरत नहीं होती, बल्कि चौड़ा कंटेनर या ग्रो बैग इस्तेमाल किया जा सकता है. मिट्टी भुरभुरी और पोषक तत्वों वाली होनी चाहिए. बीज बोने के बाद मिट्टी में हल्की नमी बनाए रखें. पालक की अच्छी ग्रोथ के लिए पर्याप्त रोशनी वाली जगह चुनें. सही देखभाल के साथ कुछ ही समय में गमले में हरी-भरी पालक दिखाई देने लगती है. घर में कंटेनर में पालक उगाने के तरीके में मिट्टी, पानी और रोशनी का संतुलन खास महत्व रखता है.
कम जगह में भी उग जाएगी मेथी
मेथी ऐसी हरी सब्जी है जिसे घर पर उगाना काफी आसान है. इसके लिए आप गमले, ट्रे या ग्रो बैग का इस्तेमाल कर सकते हैं. मेथी के बीजों को बहुत ज्यादा गहराई में नहीं बोना चाहिए. बीज डालने के बाद ऊपर से मिट्टी की हल्की परत डालें और पानी का हल्का छिड़काव करें. गमले को ऐसी जगह रखें जहां पर्याप्त धूप पहुंचती हो. सही देखभाल मिलने पर कुछ दिनों में मेथी की हरी पत्तियां निकलने लगती हैं और इन्हें खाने में इस्तेमाल किया जा सकता है.
मूली के लिए गहरा गमला चुनें
सितंबर के आसपास मूली की बुवाई भी की जा सकती है. अगर आप इसे घर के गमले में उगाना चाहते हैं तो ऐसा कंटेनर चुनें जिसकी गहराई पर्याप्त हो, क्योंकि मूली की जड़ मिट्टी के अंदर विकसित होती है. मिट्टी ज्यादा सख्त नहीं होनी चाहिए और उसमें पानी की निकासी अच्छी होनी चाहिए. मिट्टी में पानी जमा रहने से जड़ों की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है. गमले को ऐसी जगह रखना बेहतर रहेगा जहां पौधे को पर्याप्त रोशनी मिले.
गाजर के लिए मिट्टी होनी चाहिए भुरभुरी
घर पर गाजर उगाने के लिए सबसे जरूरी चीज है सही गमला और भुरभुरी मिट्टी. गाजर की जड़ मिट्टी के अंदर बढ़ती है, इसलिए बहुत उथला कंटेनर इसके लिए सही नहीं रहेगा. मिट्टी में ज्यादा कड़ापन नहीं होना चाहिए, ताकि जड़ आसानी से नीचे की ओर बढ़ सके. गाजर के गमले में जल निकासी की अच्छी व्यवस्था रखें और पौधे को पर्याप्त रोशनी वाली जगह पर रखें. थोड़ी देखभाल के साथ घर की छत या बालकनी में भी गाजर उगाने की कोशिश की जा सकती है.
धनिया छोटे गमले में भी उग जाएगा
अगर आप पहली बार किचन गार्डन शुरू कर रहे हैं तो धनिया आपके लिए आसान विकल्प हो सकता है. इसे बहुत ज्यादा जगह की जरूरत नहीं होती और छोटे गमले में भी उगाया जा सकता है. धनिया के बीजों को बोने से पहले हल्का सा दबाकर दो हिस्सों में किया जा सकता है, जिससे अंकुर निकलने में मदद मिल सकती है. बीजों को मिट्टी में डालने के बाद हल्की नमी बनाए रखें. पौधे बड़े होने लगें तो जरूरत के अनुसार ताजा धनिया काटकर सीधे रसोई में इस्तेमाल किया जा सकता है.
गमले में सब्जियां उगाते समय इन बातों का रखें ध्यान
घर पर सब्जियां उगाते समय सिर्फ बीज बोना ही काफी नहीं है. गमले में ऐसी मिट्टी रखें जो भुरभुरी हो और जिसमें पानी आसानी से निकल सके. कंटेनर में ड्रेनेज होल जरूर होने चाहिए. बीज बोने के बाद जरूरत के अनुसार पानी दें, लेकिन मिट्टी में लगातार पानी जमा न रहने दें. पौधों को उनकी जरूरत के मुताबिक पर्याप्त रोशनी भी मिलनी चाहिए. सही मिट्टी, पानी और रोशनी मिलने पर सीमित जगह में भी अच्छा किचन गार्डन तैयार किया जा सकता है.
अभी लगाएं, सर्दियों में घर की ताजी सब्जियां खाएं
सितंबर में किचन गार्डन की तैयारी शुरू करने का फायदा यह है कि आने वाले ठंडे मौसम के लिए पौधों को तैयार होने का समय मिल जाता है. पालक, मेथी, मूली, गाजर और धनिया जैसी फसलों को उपलब्ध जगह और सही कंटेनर के हिसाब से लगाया जा सकता है. इसके लिए छत या बड़े लॉन की जरूरत नहीं है. कुछ गमलों और नियमित देखभाल के साथ बालकनी में भी छोटा सा किचन गार्डन तैयार किया जा सकता है. जब पौधे तैयार होंगे तो बाजार जाने के बजाय घर से ही ताजी हरी सब्जियां और साग मिल सकेंगे.