Sachin Tendulkar vs Virat Kohli | De Villiers On Virat Tendulkar: दक्षिण अफ्रीका के महान बल्लेबाज एबी डिविलियर्स ने गॉल में श्रीलंका के खिलाफ भारत की 165 रनों की बड़ी जीत के बाद एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने अपने पूर्व रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) साथी विराट कोहली की जमकर तारीफ की. डिविलियर्स का मानना है कि विदेशी सरजमीं पर भारतीय टीम के खेलने के तरीके और उसके बेंचमार्क को आगे बढ़ाने में विराट कोहली ने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को भी पीछे छोड़ दिया है.
सचिन-विराट की तुलना पर बोले डिविलियर्स
डिविलियर्स ने यह बातें अपने यूट्यूब चैनल पर शेयर कीं. उन्होंने कहा, ‘अगर मैं पीछे मुड़कर देखूं तो सचिन तेंदुलकर ही वह पहले खिलाड़ी थे जिन्होंने भारत के लिए इस बदलाव की शुरुआत की थी. लेकिन विराट कोहली उनसे भी एक कदम आगे निकले और उन्होंने इसे एक अलग ऊंचाई पर पहुंचाया. सचिन ने पहली बार दुनिया को दिखाया था कि उपमहाद्वीप के बल्लेबाज भी तेज और उछाल भरी विदेशी पिचों पर हावी हो सकते हैं. विराट ने उसी सोच को अपनाया और भारतीय क्रिकेट के मानकों को काफी ऊंचा कर दिया’
अगर आंकड़ों की बात करें तो दोनों दिग्गजों का सफर थोड़ा अलग रहा है. सचिन तेंदुलकर ने 2013 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था. वह 200 टेस्ट मैचों में 15,921 रन बनाकर टेस्ट इतिहास के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं. वहीं, मई 2025 में टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने वाले विराट कोहली के नाम 123 टेस्ट मैचों में 9,230 रन दर्ज हैं.
विदेशी दौरों के आंकड़ों पर नजर डालें तो सचिन के कुल टेस्ट रनों का लगभग 55 प्रतिशत हिस्सा (8,705 रन) भारत से बाहर आया है, जो टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में विदेशी जमीन पर बनाए गए सबसे ज्यादा रन हैं. दूसरी तरफ, विराट कोहली ने भारत से बाहर खेले गए 66 टेस्ट मैचों में 4,774 रन बनाए हैं.
अगर SENA देशों (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) की बात करें, तो वहां भी आंकड़ों में अंतर साफ दिखता है. सचिन ने इन चार देशों में 63 टेस्ट मैचों की पारियों में 51.30 की औसत से 5,387 रन बनाए, जिसमें 17 शतक और 23 अर्धशतक शामिल थे. वहीं, विराट कोहली ने SENA देशों में 46 टेस्ट खेलकर 42.08 की औसत से 3,661 रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 14 अर्धशतक शामिल हैं.
युवा खिलाड़ियों पर विराट का प्रभाव
भले ही आंकड़ों में सचिन का पलड़ा भारी दिखता हो, लेकिन डिविलियर्स के मुताबिक विराट का सबसे बड़ा योगदान भारतीय टीम में जीत की मानसिकता भरना रहा है. विराट ने जिस आक्रामकता के साथ टीम को विदेशों में लड़ना और जीतना सिखाया, उसी का नतीजा है कि आज केएल राहुल और देवदत्त पडिक्कल जैसे युवा खिलाड़ी भी उसी राह पर आगे बढ़ रहे हैं.
डिविलियर्स ने कहा, ‘विराट की इसी सोच का असर है कि आज केएल राहुल और पडिक्कल जैसे खिलाड़ी सचिन और विराट के बनाए रास्तों पर चलकर अपनी बल्लेबाजी का स्तर बढ़ा रहे हैं.’
केएल राहुल को दी अहम सलाह
हालांकि, डिविलियर्स ने केएल राहुल की तारीफ करने के साथ-साथ उन्हें सुधार करने की भी सलाह दी. उन्होंने कहा, ‘केएल राहुल की तकनीक बेहद मजबूत है और वह भारतीय टीम के बहुत महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं. लेकिन विदेशों में उनका औसत सिर्फ 34 का है, जिसे बेहतर करने की जरूरत है. जब भी वह क्रीज पर टिक जाएं, तो उन्हें केवल शतक बनाकर नहीं रुकना चाहिए, बल्कि उसे 180 जैसे बड़े स्कोर में बदलना चाहिए. क्योंकि विदेशी पिचों पर नई गेंद के सामने शून्य पर आउट होने का खतरा हमेशा बना रहता है. इसलिए उनके लिए सबसे जरूरी है कि वे अपनी अच्छी शुरुआत को बड़े शतकों में बदलें.’