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Home > खेल > झज्जर की सुरुचि सिंह ने एशियन गेम्स में रचा इतिहास, कमलजीत संग भारत को दिलाया शूटिंग में पहला गोल्ड

झज्जर की सुरुचि सिंह ने एशियन गेम्स में रचा इतिहास, कमलजीत संग भारत को दिलाया शूटिंग में पहला गोल्ड

Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 में भारत की सुरुचि सिंह और कमलजीत ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया. भारतीय जोड़ी ने 484.6 अंक हासिल कर नया एशियन गेम्स रिकॉर्ड बनाया. यह एशियन गेम्स 2026 में भारत का दूसरा गोल्ड और शूटिंग में पहला स्वर्ण पदक है.

Written By:
Edited By: Uttam Ojha
Last Updated: 2026-09-25 16:47:12

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Asian Games 2026 India Gold Medal: जापान के आइची नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया है. 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में हरियाणा की सुरुचि सिंह और कमलजीत की जोड़ी ने भारत के लिए स्वर्ण पदक जीत लिया. भारतीय जोड़ी ने फाइनल में 484.6 अंक हासिल किए और नया एशियन गेम्स रिकॉर्ड बनाया. इस जीत के साथ भारत के खाते में इन खेलों का दूसरा स्वर्ण पदक आया.

फाइनल में भारतीय जोड़ी का दबदबा

सुरुचि सिंह और कमलजीत ने फाइनल में शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी. दोनों ने कुल 484.6 अंक हासिल किए और दक्षिण कोरिया की जोड़ी को 6.6 अंकों के अंतर से पीछे छोड़ते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया. दक्षिण कोरिया को 478.0 अंक के साथ रजत और ईरान को 415.8 अंक के साथ कांस्य पदक मिला. यह भारतीय शूटिंग दल के लिए भी खास उपलब्धि है, क्योंकि सुरुचि और कमलजीत ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम में भारत को इन एशियन गेम्स का पहला शूटिंग गोल्ड दिलाया है.

झज्जर की सुरुचि ने 13 साल की उम्र में थामी थी पिस्टल

हरियाणा के झज्जर जिले की रहने वाली सुरुचि सिंह इंदर ने छोटी उम्र में ही शूटिंग को अपना करियर बना लिया था. रिपोर्टों के मुताबिक, उनके परिवार की इच्छा थी कि वह कुश्ती में आगे बढ़ें, लेकिन कॉलरबोन की चोट के बाद उन्होंने शूटिंग शुरू की. 13 साल की उम्र में उन्होंने पिस्टल थामी और भिवानी की गुरु द्रोणाचार्य शूटिंग अकादमी में प्रशिक्षण लिया. सुरुचि ने 2025 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन किया और ब्यूनस आयर्स, लीमा और म्यूनिख में ISSF वर्ल्ड कप में व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीते. 2026 में भी उन्होंने म्यूनिख वर्ल्ड कप में स्वर्ण पदक हासिल किया.

कमलजीत ने चोट के बाद बदला खेल

कमलजीत हरियाणा के रेवाड़ी जिले के सुल्खा गांव से ताल्लुक रखते हैं. उन्होंने शुरुआत में ट्रैक एंड फील्ड में करियर बनाने की कोशिश की थी, लेकिन चोट के बाद 2019 में शूटिंग की ओर रुख किया. शुरुआती दौर में उन्हें आर्थिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने प्रशिक्षण जारी रखा.

अब गांव लौटने पर होगा स्वागत

सुरुचि की इस ऐतिहासिक जीत के बाद झज्जर के सासरौली गांव और उनके परिवार में खुशी का माहौल है. स्थानीय स्तर पर उनके स्वागत की तैयारियों की बात सामने आई है. परिवार की ओर से श्याम मंदिर में दर्शन करने और गांव लौटने पर भव्य स्वागत की तैयारी की जानकारी दी गई है. हालांकि, स्वागत कार्यक्रम का आधिकारिक विस्तृत कार्यक्रम अभी सामने नहीं आया है. सुरुचि और कमलजीत की यह जीत भारतीय शूटिंग के लिए खास उपलब्धि है. दोनों ने न सिर्फ स्वर्ण पदक जीता, बल्कि 484.6 के स्कोर के साथ एशियन गेम्स रिकॉर्ड भी कायम किया.

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Last Updated: 2026-09-25 16:47:12

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Asian Games 2026 India Gold Medal: जापान के आइची नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया है. 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में हरियाणा की सुरुचि सिंह और कमलजीत की जोड़ी ने भारत के लिए स्वर्ण पदक जीत लिया. भारतीय जोड़ी ने फाइनल में 484.6 अंक हासिल किए और नया एशियन गेम्स रिकॉर्ड बनाया. इस जीत के साथ भारत के खाते में इन खेलों का दूसरा स्वर्ण पदक आया.

फाइनल में भारतीय जोड़ी का दबदबा

सुरुचि सिंह और कमलजीत ने फाइनल में शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी. दोनों ने कुल 484.6 अंक हासिल किए और दक्षिण कोरिया की जोड़ी को 6.6 अंकों के अंतर से पीछे छोड़ते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया. दक्षिण कोरिया को 478.0 अंक के साथ रजत और ईरान को 415.8 अंक के साथ कांस्य पदक मिला. यह भारतीय शूटिंग दल के लिए भी खास उपलब्धि है, क्योंकि सुरुचि और कमलजीत ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम में भारत को इन एशियन गेम्स का पहला शूटिंग गोल्ड दिलाया है.

झज्जर की सुरुचि ने 13 साल की उम्र में थामी थी पिस्टल

हरियाणा के झज्जर जिले की रहने वाली सुरुचि सिंह इंदर ने छोटी उम्र में ही शूटिंग को अपना करियर बना लिया था. रिपोर्टों के मुताबिक, उनके परिवार की इच्छा थी कि वह कुश्ती में आगे बढ़ें, लेकिन कॉलरबोन की चोट के बाद उन्होंने शूटिंग शुरू की. 13 साल की उम्र में उन्होंने पिस्टल थामी और भिवानी की गुरु द्रोणाचार्य शूटिंग अकादमी में प्रशिक्षण लिया. सुरुचि ने 2025 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन किया और ब्यूनस आयर्स, लीमा और म्यूनिख में ISSF वर्ल्ड कप में व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीते. 2026 में भी उन्होंने म्यूनिख वर्ल्ड कप में स्वर्ण पदक हासिल किया.

कमलजीत ने चोट के बाद बदला खेल

कमलजीत हरियाणा के रेवाड़ी जिले के सुल्खा गांव से ताल्लुक रखते हैं. उन्होंने शुरुआत में ट्रैक एंड फील्ड में करियर बनाने की कोशिश की थी, लेकिन चोट के बाद 2019 में शूटिंग की ओर रुख किया. शुरुआती दौर में उन्हें आर्थिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने प्रशिक्षण जारी रखा.

अब गांव लौटने पर होगा स्वागत

सुरुचि की इस ऐतिहासिक जीत के बाद झज्जर के सासरौली गांव और उनके परिवार में खुशी का माहौल है. स्थानीय स्तर पर उनके स्वागत की तैयारियों की बात सामने आई है. परिवार की ओर से श्याम मंदिर में दर्शन करने और गांव लौटने पर भव्य स्वागत की तैयारी की जानकारी दी गई है. हालांकि, स्वागत कार्यक्रम का आधिकारिक विस्तृत कार्यक्रम अभी सामने नहीं आया है. सुरुचि और कमलजीत की यह जीत भारतीय शूटिंग के लिए खास उपलब्धि है. दोनों ने न सिर्फ स्वर्ण पदक जीता, बल्कि 484.6 के स्कोर के साथ एशियन गेम्स रिकॉर्ड भी कायम किया.

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