भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या की वापसी को लेकर भारतीय टीम मैनेजमेंट कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता. एक रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई का पूरा ध्यान हार्दिक को 2027 वनडे विश्व कप तक पूरी तरह फिट रखने पर है. इसी वजह से उन्हें फिलहाल लिमिटेड ओवरों की सीरीज में जल्दबाजी में मैदान पर उतारने की योजना नहीं है. पिछले कुछ महीनों में लगातार चोटों ने उनके करियर की रफ्तार को प्रभावित किया है.
रिपोर्ट के अनुसार, आईपीएल 2026 के अंतिम सेशन में हार्दिक पांड्या चोटिल हो गए थे. इसके बाद फिटनेस हासिल करने की प्रक्रिया के दौरान उन्हें एक और झटका लगा. उन्होंने फिटनेस टेस्ट भी पास कर लिया था और अफगानिस्तान के खिलाफ पिछले महीने खेली गई वनडे सीरीज में वापसी करने वाले थे, लेकिन पहले मुकाबले से ठीक पहले फिर चोटिल हो गए. इसके बाद उन्हें पूरी सीरीज से बाहर होना पड़ा.
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में चल रहा विशेष फिटनेस कार्यक्रम
हार्दिक पांड्या फिलहाल बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में विशेष रूप से तैयार किए गए प्रदर्शन और रिकवरी कार्यक्रम का हिस्सा हैं. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन्हें टी20 क्रिकेट के बजाय 50 ओवर के प्रारूप के लिए पूरी तरह तैयार करना है. इसी कारण उन्हें आयरलैंड, इंग्लैंड दौरे और एशियाई खेलों की टी20 टीम में भी शामिल नहीं किया गया. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अब वह पूरी तरह फिट हैं, लेकिन टीम मैनेजमेंट उनकी फिटनेस के साथ कोई जोखिम नहीं लेना चाहता.
विश्व कप को ध्यान में रखकर बनाई गई रणनीति
रिपोर्ट में सूत्र के हवाले से कहा गया है कि भारतीय टीम की सबसे बड़ी प्राथमिकता 2027 वनडे विश्व कप है. ऐसे में हार्दिक पांड्या को अगले एक साल तक मुख्य रूप से वनडे क्रिकेट में ही इस्तेमाल किया जा सकता है ताकि उनका कार्यभार संतुलित रखा जा सके. हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भारत को हार्दिक की कमी साफ महसूस हुई. कप्तान शुभमन गिल को टीम संयोजन बनाने में परेशानी हुई, क्योंकि नितीश रेड्डी और हर्षित राणा चोट के कारण उपलब्ध नहीं थे. ऐसे में तेज गेंदबाजी करने वाले ऑलराउंडर की कमी भारत के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आई.