Live TV
Search
Home > क्रिकेट > राजस्थान रॉयल्स छोड़ना सबसे बड़ा रिस्क, काफी उम्मीदें थी लेकिन… क्या CSK में खुश नहीं संजू सैमसन?

राजस्थान रॉयल्स छोड़ना सबसे बड़ा रिस्क, काफी उम्मीदें थी लेकिन… क्या CSK में खुश नहीं संजू सैमसन?

संजू सैमसन ने आईपीएल 2026 से पहले राजस्थान रॉयल्स छोड़ने के फैसले को अपने करियर का सबसे बड़ा जोखिम बताया. उन्होंने खुलासा किया कि परिवार से लंबी चर्चा के बाद उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स का रुख किया. शुरुआती तीन मैचों में फ्लॉप होने के बावजूद टीम का भरोसा और एमएस धोनी की सलाह उनके लिए गेम चेंजर साबित हुई.

Written By:
Last Updated: July 24, 2026 15:26:32 IST

Mobile Ads 1x1

साल 2026 के आईपीएल से पहले संजू सैमसन ने राजस्थान रॉयल्स छोड़कर चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा बनने का फैसला किया. उन्होंने इस फैसले को अपने करियर का सबसे बड़ा जोखिम बताया. संजू ने कहा कि वह पहले ही तय कर चुके थे कि 2025 का सीजन राजस्थान के साथ उनका आखिरी होगा. इस फैसले पर उन्होंने अपनी पत्नी और परिवार के साथ कई दिनों तक चर्चा की. उन्हें पता था कि टीम छोड़ने के बाद यह तय नहीं होगा कि अगली फ्रेंचाइजी कौन होगी, लेकिन वह नए माहौल में खुद को साबित करना चाहते थे.

चेन्नई सुपर किंग्स ने संजू सैमसन को 18 करोड़ रुपये में अपने साथ जोड़ा, जबकि बदले में रवींद्र जडेजा और सैम करन राजस्थान रॉयल्स में शामिल हुए. टी20 विश्व कप 2026 में 321 रन बनाकर ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ बनने वाले संजू से काफी उम्मीदें थीं. हालांकि, आईपीएल की शुरुआत उनके लिए अच्छी नहीं रही. पहले तीन मैचों में वह सिंगल डिजिट स्कोर पर आउट हुए और टीम को भी लगातार हार का सामना करना पड़ा. इसके बावजूद उन्होंने धैर्य नहीं खोया और अपनी तैयारी पर भरोसा बनाए रखा.

चेन्नई सुपर किंग्स ने नहीं छोड़ा साथ
संजू सैमसन ने बताया कि कई लोगों का मानना था कि चेन्नई की धीमी पिच पर उनका आक्रामक खेल सफल नहीं होगा. लेकिन उन्होंने खुद पर भरोसा रखा और अपनी बल्लेबाजी में जरूरी बदलाव करने पर काम किया. सबसे बड़ी बात यह रही कि खराब शुरुआत के बाद भी चेन्नई सुपर किंग्स के कोच, साथी खिलाड़ियों और टीम मैनेजमेंट का भरोसा उन पर बना रहा. संजू के अनुसार इसी विश्वास ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाया और बिना दबाव के खेलने का आत्मविश्वास दिया.

एमएस धोनी की सलाह बनी टर्निंग पॉइंट
संजू ने बताया कि शुरुआती तीन मैचों के बाद अभ्यास के दौरान उनकी मुलाकात एमएस धोनी से हुई. धोनी ने उनसे कहा कि वह ज्यादा सोचने के बजाय अपना स्वाभाविक खेल खेलते रहें और सब ठीक हो जाएगा. यह छोटी-सी सलाह संजू के लिए बड़ी सीख साबित हुई. अगले ही मैच में उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ नाबाद शतक जड़कर शानदार वापसी की. पूरे सीजन में संजू ने 14 पारियों में 477 रन बनाए, जिसमें दो शतक और एक अर्धशतक शामिल रहा. हालांकि, इसके बावजूद चेन्नई सुपर किंग्स अंक तालिका में आठवें स्थान पर रही.

Tags:

MORE NEWS

Home > क्रिकेट > राजस्थान रॉयल्स छोड़ना सबसे बड़ा रिस्क, काफी उम्मीदें थी लेकिन… क्या CSK में खुश नहीं संजू सैमसन?

Written By:
Last Updated: July 24, 2026 15:26:32 IST

Mobile Ads 1x1

साल 2026 के आईपीएल से पहले संजू सैमसन ने राजस्थान रॉयल्स छोड़कर चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा बनने का फैसला किया. उन्होंने इस फैसले को अपने करियर का सबसे बड़ा जोखिम बताया. संजू ने कहा कि वह पहले ही तय कर चुके थे कि 2025 का सीजन राजस्थान के साथ उनका आखिरी होगा. इस फैसले पर उन्होंने अपनी पत्नी और परिवार के साथ कई दिनों तक चर्चा की. उन्हें पता था कि टीम छोड़ने के बाद यह तय नहीं होगा कि अगली फ्रेंचाइजी कौन होगी, लेकिन वह नए माहौल में खुद को साबित करना चाहते थे.

चेन्नई सुपर किंग्स ने संजू सैमसन को 18 करोड़ रुपये में अपने साथ जोड़ा, जबकि बदले में रवींद्र जडेजा और सैम करन राजस्थान रॉयल्स में शामिल हुए. टी20 विश्व कप 2026 में 321 रन बनाकर ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ बनने वाले संजू से काफी उम्मीदें थीं. हालांकि, आईपीएल की शुरुआत उनके लिए अच्छी नहीं रही. पहले तीन मैचों में वह सिंगल डिजिट स्कोर पर आउट हुए और टीम को भी लगातार हार का सामना करना पड़ा. इसके बावजूद उन्होंने धैर्य नहीं खोया और अपनी तैयारी पर भरोसा बनाए रखा.

चेन्नई सुपर किंग्स ने नहीं छोड़ा साथ
संजू सैमसन ने बताया कि कई लोगों का मानना था कि चेन्नई की धीमी पिच पर उनका आक्रामक खेल सफल नहीं होगा. लेकिन उन्होंने खुद पर भरोसा रखा और अपनी बल्लेबाजी में जरूरी बदलाव करने पर काम किया. सबसे बड़ी बात यह रही कि खराब शुरुआत के बाद भी चेन्नई सुपर किंग्स के कोच, साथी खिलाड़ियों और टीम मैनेजमेंट का भरोसा उन पर बना रहा. संजू के अनुसार इसी विश्वास ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाया और बिना दबाव के खेलने का आत्मविश्वास दिया.

एमएस धोनी की सलाह बनी टर्निंग पॉइंट
संजू ने बताया कि शुरुआती तीन मैचों के बाद अभ्यास के दौरान उनकी मुलाकात एमएस धोनी से हुई. धोनी ने उनसे कहा कि वह ज्यादा सोचने के बजाय अपना स्वाभाविक खेल खेलते रहें और सब ठीक हो जाएगा. यह छोटी-सी सलाह संजू के लिए बड़ी सीख साबित हुई. अगले ही मैच में उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ नाबाद शतक जड़कर शानदार वापसी की. पूरे सीजन में संजू ने 14 पारियों में 477 रन बनाए, जिसमें दो शतक और एक अर्धशतक शामिल रहा. हालांकि, इसके बावजूद चेन्नई सुपर किंग्स अंक तालिका में आठवें स्थान पर रही.

Tags:

MORE NEWS