Jamia Protest: दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव कराने की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब बड़े विवाद में बदल गया है. करीब दो सप्ताह से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच तनाव बढ़ने के बाद कैंपस में हंगामे की स्थिति बन गई. रविवार, 25 अक्टूबर को गेट नंबर 7 और लाइब्रेरी गेट के पास प्रदर्शनकारी छात्राओं तथा महिला पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई. घटना के बाद कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई.
13-14 दिनों से जारी छात्रों का आंदोलन
इस पूरे विवाद की शुरुआत छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग से हुई. प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में लंबे समय से छात्र संघ चुनाव नहीं हुए हैं. इसी मांग को लेकर छात्र पिछले करीब 13-14 दिनों से प्रदर्शन और भूख हड़ताल कर रहे थे. आंदोलनकारियों की मांग थी कि विश्वविद्यालय में छात्र प्रतिनिधित्व बहाल किया जाए और चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू हो. छात्र गालिब प्रतिमा लॉन के पास जुटकर अपना विरोध दर्ज करा रहे थे. इसी बीच प्रदर्शन स्थल से टेंट हटाने और आंदोलन खत्म कराने की कार्रवाई के बाद तनाव बढ़ने लगा.
Inspired by Bangladesh and CJP, Islamist of Jamia Milia Islamia thought that they too can start protest like Bangladesh, but Delhi Police is well equipped to give them the right treatment. This University is becoming den of Islamic Terrorist, should be closed down immediately, and Islamist should be arrested who want Free Kashmir.
— Oxomiya Jiyori 🇮🇳 (@SouleFacts) October 25, 2026
छात्राओं और पुलिस में झड़प
रविवार को विश्वविद्यालय के गेट नंबर 7 के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई. बैरिकेडिंग के साथ पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई. जब कुछ छात्राओं ने कैंपस में प्रवेश कर अपना विरोध जारी रखने की कोशिश की, तो वहां मौजूद महिला पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया. इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की में बदल गई. इस घटनाक्रम के बाद 14 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई.
क्लास ऑनलाइन, लाइब्रेरी और दफ्तर बंद
कैंपस में तनाव बढ़ने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने लाइब्रेरी और दफ्तर बंद कर दिए तथा कक्षाएं ऑनलाइन माध्यम से चलाने का फैसला लिया. प्रदर्शन में शामिल कुछ छात्रों के खिलाफ निलंबन और कैंपस में प्रवेश पर रोक जैसी कार्रवाई की भी खबरें सामने आ रही हैं.