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Lucknow Fire: दो महीने की बच्ची की जिंदा जलकर हुई मौत! मां का रो-रोकर हुआ बुरा हाल, दो दिन बाद भी है दिल दहला देने वाला दृश्य

Lucknow Fire Case: बीते दिनों लखनऊ में 250 झोपड़ियों के आग में जल जाने के 2 दिन बाद भी घटनास्थल का दृश्य इतना दयनीय है, कि लोगों से देखा नहीं जा रहा है. इस हादसे में दो बच्चियां जो झोपड़ी के अंदर सो रही थीं, जिंदा जलकर मर गईं. बच्चियों की मां का रो-रोकर बुरा हाल हो चुका है.

Written By: Shivangi Shukla
Last Updated: April 17, 2026 15:16:00 IST

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Lucknow Fire Case: बीते दिनों लखनऊ में 250 झोपड़ियों के आग में जल जाने के 2 दिन बाद भी घटनास्थल का दृश्य इतना दयनीय है, कि लोगों से देखा नहीं जा रहा है. हर तरफ जिंदगी पटरी पर लाने की जद्दोजहद चल रही है. 

घटनास्थल पर महिलाएं जले हुए बर्तन समेट रही हैं. लोगों का रोजमर्रा का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. घर जल जाने से महिलाओं को नहाने-खाने की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है. एक महिला अगर नहा रही है तो दो और महिलाएं उसे साड़ी से ढक रही हैं. आग से प्रभावित परिवार को कम्यूनिटी सेंटर-रैन बसेरों में शिफ्ट कर दिया गया है जहां जिला प्रशासन की ओर से खाने-पीने का प्रबंध किया जा रहा है.

जिंदा जलकर मर गई दो बेटियां 

इस हादसे में दो बच्चियां जो झोपड़ी के अंदर सो रही थीं, जिंदा जलकर मर गईं. बच्चियों की मां का रो-रोकर बुरा हाल हो चुका है. वह दो दिन से बार-बार बेहोश हो जा रही हैं. हादसे के दूसरे दिन पुलिस को छानबीन में दो मासूम बच्चों की डेडबॉडी मिली. उनकी पहचान बाराबंकी के सतीश की बेटी के रूप में की गई है. बड़ी बेटी श्रुति 2 साल की थी जबकि दूसरी बच्ची अभी मात्र 2 महीने की थी. शासन ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की है. 

कई स्थानीय लोग मदद के लिए आगे आ रहे हैं. मौके पर कई गैर सरकारी संगठन भी मदद के लिए पहुंच रहे हैं. बच्चे इतने भूखे हैं कि लंच पैकेट बांटने के लिए जैसे ही कार्टन खुलता है तो छोटे-छोटे भूखे बच्चे लंच पैकेट छीनने लगते हैं. एक स्थानीय डॉक्टर पिछले 3 दिन से लोगों के इलाज और मदद में निशुल्क लगे हुए हैं.

क्या है पूरा मामला 

राजधानी के पॉश इलाकों में से एक विकासनगर के स्लम एरिया में बुधवार शाम करीब 5.30 बजे लग गयी, जिसमें 30 से ज्यादा सिलेंडर फट गए. आग की चपेट में आकर 250 से अधिक झोपड़ियां कुछ ही मिनटों में जलकर राख हो गईं. यह आग इतनी भीषण थी कि करीब 10 किमी. दूर तक धुएं का गुबार दिखाई दे रहा था. आग लगने के बाद एहतियातन आसपास के कई मकानों को खाली कराया गया.

फायर ब्रिगेड की 20 गाड़ियों ने करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से इलाके की बिजली काट दी गई थी. लखनऊ से सांसद और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीएम विशाख जी. को फोन कर घटना की जानकारी ली. वहीं, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया था.

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Written By: Shivangi Shukla
Last Updated: April 17, 2026 15:16:00 IST

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Lucknow Fire Case: बीते दिनों लखनऊ में 250 झोपड़ियों के आग में जल जाने के 2 दिन बाद भी घटनास्थल का दृश्य इतना दयनीय है, कि लोगों से देखा नहीं जा रहा है. हर तरफ जिंदगी पटरी पर लाने की जद्दोजहद चल रही है. 

घटनास्थल पर महिलाएं जले हुए बर्तन समेट रही हैं. लोगों का रोजमर्रा का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. घर जल जाने से महिलाओं को नहाने-खाने की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है. एक महिला अगर नहा रही है तो दो और महिलाएं उसे साड़ी से ढक रही हैं. आग से प्रभावित परिवार को कम्यूनिटी सेंटर-रैन बसेरों में शिफ्ट कर दिया गया है जहां जिला प्रशासन की ओर से खाने-पीने का प्रबंध किया जा रहा है.

जिंदा जलकर मर गई दो बेटियां 

इस हादसे में दो बच्चियां जो झोपड़ी के अंदर सो रही थीं, जिंदा जलकर मर गईं. बच्चियों की मां का रो-रोकर बुरा हाल हो चुका है. वह दो दिन से बार-बार बेहोश हो जा रही हैं. हादसे के दूसरे दिन पुलिस को छानबीन में दो मासूम बच्चों की डेडबॉडी मिली. उनकी पहचान बाराबंकी के सतीश की बेटी के रूप में की गई है. बड़ी बेटी श्रुति 2 साल की थी जबकि दूसरी बच्ची अभी मात्र 2 महीने की थी. शासन ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की है. 

कई स्थानीय लोग मदद के लिए आगे आ रहे हैं. मौके पर कई गैर सरकारी संगठन भी मदद के लिए पहुंच रहे हैं. बच्चे इतने भूखे हैं कि लंच पैकेट बांटने के लिए जैसे ही कार्टन खुलता है तो छोटे-छोटे भूखे बच्चे लंच पैकेट छीनने लगते हैं. एक स्थानीय डॉक्टर पिछले 3 दिन से लोगों के इलाज और मदद में निशुल्क लगे हुए हैं.

क्या है पूरा मामला 

राजधानी के पॉश इलाकों में से एक विकासनगर के स्लम एरिया में बुधवार शाम करीब 5.30 बजे लग गयी, जिसमें 30 से ज्यादा सिलेंडर फट गए. आग की चपेट में आकर 250 से अधिक झोपड़ियां कुछ ही मिनटों में जलकर राख हो गईं. यह आग इतनी भीषण थी कि करीब 10 किमी. दूर तक धुएं का गुबार दिखाई दे रहा था. आग लगने के बाद एहतियातन आसपास के कई मकानों को खाली कराया गया.

फायर ब्रिगेड की 20 गाड़ियों ने करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से इलाके की बिजली काट दी गई थी. लखनऊ से सांसद और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीएम विशाख जी. को फोन कर घटना की जानकारी ली. वहीं, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया था.

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