Rewa Honeytrap Case: मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है. सोशल मीडिया पर एक स्थानीय राजनेता से जुड़ा कथित तौर पर आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है. ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि यह वीडियो जनपद पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष विनोद मिश्रा से जुड़ा हो सकता है. हालांकि, प्रशासन या संबंधित पक्षों की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
वायरल हो रहे इस वीडियो में एक राजनेता और एक युवती को आपत्तिजनक स्थिति में एक साथ देखा जा सकत है. वीडियो सामने आने के बाद इलाके में संभावित हनीट्रैप को लेकर भी आशंकराएं जोर पकड़ने लगी हैं. हालांकि, इंडिया न्यूज वायरल हो रहे इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है.
क्या ये हनीट्रैप का मामला है?
खबरों के अनुसार, वायरल हो रहे इस वीडियो में दिख रही युवती की उम्र बहुत कम है, जिससे इस मामले की गंभीरता और भी बढ़ गई है. स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, युवती पहले मऊगंज इलाके में एक कैफ़े चलाती थी, जहां उसकी पहली बार उस राजनेता से जान-पहचान हुई थी. अब सवाल ये उठता है कि इस मामले में हनीट्रैप की थ्योरी को क्यों बल मिल रहा है. तो चलिए आपको बताते हैं.
हनीट्रैप की थ्योरी को क्यों मिला बल?
बताया जा रहा है कि हनीट्रैप की थ्योरी को इसलिए बल मिल रहा है. क्योंकि कथित तौर पर इस वीडियो से जुड़ा एक स्क्रीनशॉट युवती के इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया गया. उसने इस पोस्ट में बैकग्राउंड म्यूज़िक भी जोड़ा है. उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर कई अन्य निजी वीडियो और ब्लॉग भी मौजूद हैं. इन घटनाक्रमों के बाद, संबंधित राजनेता ने अपना मोबाइल फ़ोन बंद कर लिया है, और उसका पक्ष अभी तक सामने नहीं आया है.
राजनीतिक गलियारों में मची हलचल
वायरल वीडियो की वजह से रीवा की राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है. इसको लेकर बीजेपी विधायक प्रदी पटेल ने दावा किया है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति कांग्रेस पार्टी से जुड़ा है. तो वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस के प्रवक्ताओं ने इन आरोपों का ज़ोरदार खंडन करते हुए पलटवार किया है और दावा किया है कि संबंधित व्यक्ति वास्तव में बीजेपी से करीबी तौर पर जुड़ा हुआ है. दोनों राजनीतिक दल एक-दूसरे पर चरित्र हनन और राजनीतिक साज़िश रचने के आरोप लगा रहे हैं.
अब तक सामने नहींं आया आधिकारिक बयान
फिलहाल इस मामले में पुलिस या जिला प्रशासन ने कोई एफआईआर दर्ज नहीं किया है. और कोई आधिकारिक बयान भी जारी नहीं किया है. संबंधित राजनेता की चुप्पी और युवती के सोशल मीडिया पोस्ट ने मामले को और भी पेचीदा क्या है. जिला प्रशासन या पुलिस के आधिकारिक बयान या संबंधित नेता के बयान से ही मामला स्पष्ट हो पाएगा.