Bageshwar Dham: बाबा बागेश्वर धाम के भक्त सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी हैं. विदेशों में रहने वाले कई श्रद्धालु बागेश्वर धाम की धार्मिक संस्था को दान करना चाहते थे, लेकिन सरकार के नियमों के तहत यह गैरकानूनी होता, इस वजह से पंडित धीरेन्द्र शास्त्री की संस्था ये दान स्वीकार नहीं करती थी.
हाल ही में भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (FCRA) के तहत धीरेंद्र शास्त्री की इस संस्था को विदेशों से दान लेने की आधिकारिक अनुमति प्रदान कर दी है.
बागेश्वर धाम की धार्मिक संस्था
धीरेंद्र शास्त्री की देखरेख में काम करने वाली धार्मिक संस्था बागेश्वर जन सेवा समिति ग्राम गड़ा जिला छतरपुर मध्य प्रदेश में स्थित है. यह संस्था सामाजिक, धार्मिक और शैक्षिक कार्यों जैसे कई समाज सेवा के काम करती है. अब इस संस्था के कार्यों में विदेशों से मिलने वाले फंड का भी इस्तेमाल किया जा सकेगा.
“बागेश्वर धाम” स्वंयभू हनुमान जी की दिव्यता के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है. यह स्थान कई तपस्वियों की साधना की दिव्य भूमि है. यहां बालाजी महाराज एक अर्जी के माध्यम से आपकी समस्या सुनते हैं. इस समय पंडित धीरेन्द्र शास्त्री यहां के पीठाधीश हैं.
क्या होता है FCRA?
विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA), 2010, एक भारतीय कानून है जो गैर-सरकारी संगठनों, संस्थाओं और व्यक्तियों द्वारा विदेशी निधियों की स्वीकृति और उपयोग को विनियमित करता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे राष्ट्रीय हितों को नुकसान न पहुंचाएं. विदेशों से दान या फंड लेने के लिए FCRA ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अनिवार्य पंजीकरण आवश्यक है, जो पांच वर्षों के लिए वैध होता है.