Vidisha Gen Alpha Protest: बढ़ती महंगाई और अचानक से बढ़ाए गए बस किराए पर जहां आम जनता खामोश बैठी रही, वहीं स्कूली छात्राओं ने अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर दी है. हाल के दिनों में जहां Gen-Z के आंदोलनों की चर्चा देश-दुनिया में बनी हुई थी, वहीं अब उनके नक्शेकदम पर चलते हुए Gen-Alpha (स्कूली छात्राओं) ने भी मोर्चा संभाल लिया है. मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के सिरोंज में बस किराए में हुई बढ़ोतरी से आक्रोशित दर्जनों छात्राओं ने बस स्टैंड पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और करीब आधे घंटे तक चक्का जाम की स्थिति बनाए रखी.
‘किराया नहीं घटा तो छूट जाएगी पढ़ाई’
ग्रामीण इलाकों से रोज स्कूल आने-जाना करने वाली छात्राओं का कहना है कि प्रशासन और बस ऑपरेटरों के इस फैसले ने उनकी कमर तोड़कर रख दी है.
प्रदर्शनकारी छात्राओं ने कहा, ‘पहले जिस सफर का किराया 10 से 15 रुपये लगता था, उसे अचानक बढ़ा दिया गया है. हम साधारण परिवारों से आती हैं; रोज-रोज इतना किराया देना हमारे और हमारे माता-पिता के बस की बात नहीं है. अगर किराया कम नहीं हुआ, तो हमारी पढ़ाई छूटने की नौबत आ जाएगी.’
छात्राओं ने साफ शब्दों में मांग की है कि बढ़ा हुआ किराया हर हाल में वापस लिया जाए. उन्होंने क्षेत्रीय विधायक उमाकांत शर्मा से भी इस मामले में तुरंत दखल देने और राहत दिलाने की गुहार लगाई है.
विदिशा में Gen Alpha का मोर्चा, छात्राओं ने विधायक से कहा— “किराया कम करो, बच्चों को लूटना बंद करो”#Vidisha #GenAlpha #Students #StudentProtest #MadhyaPradesh #MPNews #Education #PublicTransport #ViralVideo #BreakingNews #NewsUpdate #Trending #IndiaNews pic.twitter.com/4EeYFDlFBm
— प्रतीक खरे/Pratik khare 😷 (@pratik_khare_) August 12, 2026
हमें 25 रुपये कहाँ से मिलेंगे?
छात्राओं ने आगे बताया कि वे सरकारी स्कूलों में पढ़ती हैं और पूछा कि रोज़ाना किराया देने के लिए उन्हें 25 रुपये कहाँ से मिलेंगे. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने छात्राओं के विरोध-प्रदर्शन का एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि ‘जेन ज़ेड’ (Gen Z) के बाद अब ‘जेन अल्फा’ (Gen Alpha) आ गया है.
प्रशासन के फूले हाथ-पांव, मौके पर पहुंचे SDM
छात्राओं के इस तरह अचानक सड़कों पर उतरने से स्थानीय प्रशासन और बस स्टैंड परिसर में हड़कंप मच गया. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) ओम नारायण बड़कुल तुरंत मौके पर पहुंचे. उन्होंने छात्राओं से सीधे बातचीत की, उनकी आर्थिक समस्याओं और परेशानियों को सुना तथा समस्या के जल्द समाधान का भरोसा दिलाया.
प्रशासन के आश्वासन के बाद छात्राओं ने प्रदर्शन समाप्त किया, लेकिन साथ ही यह चेतावनी भी दी है कि यदि किराए में कटौती नहीं की गई तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगी.