राजधानी दिल्ली में रह रहे कटघर निवासी कारोबारी की बेटी की गुमशुदगी के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है. बेटी अदीला 25 जून को एग्जाम का कहकर घर से निकली थी. 29 जनवरी को दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल नंबर एक पर वापसी की थी. उसी दिन से युवती का फोन बंद आ रहा था. परिजनों ने युवती की काफी तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया जिसके बाद पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई गई. पुलिस ने तत्काल एक्शन लिया और युवती की तलाश में जुट गए. इस मामले में लापता युवती की मां ने 18 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई थी.
मां ने दर्ज कराई थी अपहरण की शिकायत
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, कटघर के कोहिनूर तिराहा निवासी कारोबारी अदिव उर रहमान की बेटी अदीला रहमान हैदराबाद से लॉ की पढ़ाई कर रही थी. बेटी के लापता होने पर युवती की मां ने देवापुर निवासी गुलफाम अली और इसके भाई कुरबान अली के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. पुलिस ने जांच की तो पता चला कि आरोपी गुलफाम अली ने रामपुर के गंज थाने में एक साल पहले दर्ज जानलेवा हमले के मुकदमे में सरेंडर कर चुका है. इसलिए पुलिस ने कोर्ट से रिमांड मांगी और आरोपी से पूछताछ शुरू की.
3 महीने पहले हुई थी दोनों की शादी
जब आरोपी से पूछताछ के लिए पुलिस ने रामपुर जेल का रुख किया तो वहां आरोपी के मुंह से चौंकाने वाले राज़ पता चले. आरोपी गुलफाम अली ने बताया कि उसने अप्रैल के महीने में अदीला के साथ निकाह कर लिया था. वो अदीला को अजमेर शरीफ की दरगाह लेकर गया था लेकिन परिवार वालों को इसकी जानकारी नहीं थी क्योंकि अदीला अक्सर अपनी पढ़ाई और जॉब के सिलसिले में बाहर रहती थी. निकाह के बाद अदीला और गुलफाम ने नोएडा में फ्लैट लिया था, जहां अदीला पूरा खर्च उठाती थी. और सीक्रेट के बाद पति गुलफाम को कार भी गिफ्ट की थी.
युवती के रोक-टोक से तनाव में था आरोपी
आरोपी ने बताया कि अदीला गुलफाम पर परिवार से बात न करने का दबाव बनाने लगी थी और मिलमे-जुलने से भी रोकती थी. इसी बात को लेकर दोनों के बीच आए दिन विवाद होने लगा था. हालिया मामले में अदीला मुरादाबाद चली गई थी, जब गुलफाम उससे गिफ्ट मिली कार से लेने पहुंचा तो दोनों फिर से झगड़ने लगे. आरोपी गुलफाम ने बताया कि दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर स्थित पुराने टोल पर पहुंचते ही उसने अदीला के कान पर पिस्टल सटाई और फायर कर दिया.
शन को नहर में फेंककर फरार
पुलिस को दिए बयान में गुलफाम ने बताया कि कैसे वो अदीला के शव को रुड़की ले गया और वहां की एक नहर में अदीला का शव फेंक दिया था. उसने बताया कि हत्या और सबूत मिटाकर वो रामपुर स्थित अपने एक दोस्त के यहां रुका था. अगले दिन वो घर पर कार को पार्क करके सीधा रामपुर कोर्ट पहुंचा. दूसरी तरफ युवती का शव 4 जुलाई को बरामद हो गया था लेकिन 72 घंटे तक पहचान सामने न आने के कारण शव का अंतिम संस्कारकर दिया गया. आरोपी ने अपने एक-एक काले कारनामे का चिट्ठा पुलिस के सामने खोल दिया जिसके बाद उससे तमंचा बरामद करेगी.
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