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Home > राज्य > उत्तर प्रदेश > भगवान से डरता था इसलिए… 22 साल पहले मर चुका विजय निकला चोरों का सरगना, 50 मंदिरों में करवाई चोरी

भगवान से डरता था इसलिए… 22 साल पहले मर चुका विजय निकला चोरों का सरगना, 50 मंदिरों में करवाई चोरी

Vijay Kumar Shukla: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट पुलिस ने चोरों के सरगना विजय कुमार शुक्ला को गिरफ्तार किया है. जिसने दस्तावेजों में खुद को मृत घोषित कर चोरों का एक गैंग बनाया और उससे मंदिरों में चोरी करवाता था.

Written By: Sohail Rahman
Last Updated: April 16, 2026 22:49:47 IST

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UP Crime News: उत्तर प्रदेश (UP News) के चित्रकूट जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जिसे सुनकर आपको बिल्कुल भी यकीन नहीं होगा. दरअसल, पूरा मामला यह है कि उत्तर प्रदेश की चित्रकूट पुलिस ने चोरों के एक ऐसे सरगना को गिरफ्तार किया है. जिन्होंने अपना साथियों से 20 सालों के अंदर देशभर के करीब 50 मंदिरों में चोरी करवाई.

इस सरगना का नाम विजय कुमार शुक्ला है. जिसकी उम्र 45 साल बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार, उसका गैंग मंदिरों से मूर्तियां, चांदी के गहने और पीतन के घंटे चुराता था. हालांकि इस मामले में पुलिस को सफलता हाथ लगी है. विजय और उसके गैंग को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

कब शुरू हुआ खेल?

अब जो हमको बताने जा रहे हैं. वो आपको और भी हैरान कर देगा. दरअसल, साल 2004 में चित्रकूट का रहने वाला विजय कुमार शुक्ला मर्डर के एक मामले में जेल जाता है. जिसके कुछ दिनों के बाद उसे इस केस के मामले में जमानत मिल जाती है और इसके बाद वह आगरा में अपने गांव लौट जाता है. इसके बाद विजय ने अपना असली खेल शुरू किया. आगरा के अपने पुश्तैनी गांव में उन्होंने दस्तावेजों में खुद को मृत घोषित कर दिया. इसके बाद उन्होंने अपना गैंग बनाया.

गैंग में किसे किया शामिल?

इस गैंग में उसने बिजनौर के बाबर शाह, कौशांबी के मोहन लाल और फतेहपुर के कामता प्रसाद को शामिल किया. इसके बाद विजय देश के अलग-अलग शहरों में घूमकर मंदिरों की रेकी करता और उसके ये तीनों गुर्गे अंधेरा होते ही उन मंदिरों में चोरी को अंजाम देते. इनके निशाने पर मंदिर की मूर्तियां, चांदी के गहने और पीतल के घंटे होते थे.

चोरी के लिए अपनाता था ये तरीका

चोरी के लिए विजय का गैंग मंदिर के आसपास के कुत्तों को जहरीली मिठाइयां खिला देता था. ताकि कुत्ते भौंककर उन्हें परेशान न करें. इस तरह से विजय के गैंग ने एक-एक करके करीब 50 मंदिरों को अपना निशाना बनाया. पुलिस को विजय कुमार शुक्ला और उनके साथियों के मोबाइल से देशभर के 300 से ज्यादा मंदिरों की तस्वीरें मिली हैं. विजय कुमार शुक्ला भगवान से डरता था. इसलिए वो खुद से किसी भी चोरी की घटना को अंजाम नहीं देता था. पुलिस की पूछताछ में विजय कुमार शुक्ला ने बताया कि देवी-देवता उससे नाराज न हो जाएं, इसलिए चोरी के कुछ सामानों को मंदिरों में दान कर देता था.

किन-किन चीजों की हुई बरामदगी?

इस पूरे मामले पर चित्रकूट के एसपी का बयान सामने आया है. जिसमें उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि विजय कुमार शुक्ला मंदिरों से चुराया गया सामान आगरा और मथुरा के बाजारों में बेचा करता था. पुलिस ने इस गैंग के पास से 7 किलो चांदी, बजरंग बली की एक गदा और 65700 रुपये नकद बरामद किए हैं.

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Last Updated: April 16, 2026 22:49:47 IST

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UP Crime News: उत्तर प्रदेश (UP News) के चित्रकूट जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जिसे सुनकर आपको बिल्कुल भी यकीन नहीं होगा. दरअसल, पूरा मामला यह है कि उत्तर प्रदेश की चित्रकूट पुलिस ने चोरों के एक ऐसे सरगना को गिरफ्तार किया है. जिन्होंने अपना साथियों से 20 सालों के अंदर देशभर के करीब 50 मंदिरों में चोरी करवाई.

इस सरगना का नाम विजय कुमार शुक्ला है. जिसकी उम्र 45 साल बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार, उसका गैंग मंदिरों से मूर्तियां, चांदी के गहने और पीतन के घंटे चुराता था. हालांकि इस मामले में पुलिस को सफलता हाथ लगी है. विजय और उसके गैंग को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

कब शुरू हुआ खेल?

अब जो हमको बताने जा रहे हैं. वो आपको और भी हैरान कर देगा. दरअसल, साल 2004 में चित्रकूट का रहने वाला विजय कुमार शुक्ला मर्डर के एक मामले में जेल जाता है. जिसके कुछ दिनों के बाद उसे इस केस के मामले में जमानत मिल जाती है और इसके बाद वह आगरा में अपने गांव लौट जाता है. इसके बाद विजय ने अपना असली खेल शुरू किया. आगरा के अपने पुश्तैनी गांव में उन्होंने दस्तावेजों में खुद को मृत घोषित कर दिया. इसके बाद उन्होंने अपना गैंग बनाया.

गैंग में किसे किया शामिल?

इस गैंग में उसने बिजनौर के बाबर शाह, कौशांबी के मोहन लाल और फतेहपुर के कामता प्रसाद को शामिल किया. इसके बाद विजय देश के अलग-अलग शहरों में घूमकर मंदिरों की रेकी करता और उसके ये तीनों गुर्गे अंधेरा होते ही उन मंदिरों में चोरी को अंजाम देते. इनके निशाने पर मंदिर की मूर्तियां, चांदी के गहने और पीतल के घंटे होते थे.

चोरी के लिए अपनाता था ये तरीका

चोरी के लिए विजय का गैंग मंदिर के आसपास के कुत्तों को जहरीली मिठाइयां खिला देता था. ताकि कुत्ते भौंककर उन्हें परेशान न करें. इस तरह से विजय के गैंग ने एक-एक करके करीब 50 मंदिरों को अपना निशाना बनाया. पुलिस को विजय कुमार शुक्ला और उनके साथियों के मोबाइल से देशभर के 300 से ज्यादा मंदिरों की तस्वीरें मिली हैं. विजय कुमार शुक्ला भगवान से डरता था. इसलिए वो खुद से किसी भी चोरी की घटना को अंजाम नहीं देता था. पुलिस की पूछताछ में विजय कुमार शुक्ला ने बताया कि देवी-देवता उससे नाराज न हो जाएं, इसलिए चोरी के कुछ सामानों को मंदिरों में दान कर देता था.

किन-किन चीजों की हुई बरामदगी?

इस पूरे मामले पर चित्रकूट के एसपी का बयान सामने आया है. जिसमें उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि विजय कुमार शुक्ला मंदिरों से चुराया गया सामान आगरा और मथुरा के बाजारों में बेचा करता था. पुलिस ने इस गैंग के पास से 7 किलो चांदी, बजरंग बली की एक गदा और 65700 रुपये नकद बरामद किए हैं.

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