Deputy CM Keshav Prasad Maurya in Prayagraj: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज दौरे के दौरान समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के शासनकाल में नकल माफियाओं को संरक्षण मिला और भर्ती प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार बढ़ा. साथ ही उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा एक बार फिर पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी.
मीडिया से बातचीत में केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है, जबकि समाजवादी पार्टी के शासन में नकल और भर्ती घोटालों को बढ़ावा मिला. उनका आरोप था कि सपा सरकार ने नकल रोकने के लिए बनाए गए प्रावधानों को खत्म कर दिया, जिससे गलत प्रवृत्तियों को बढ़ावा मिला.उन्होंने राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि परीक्षा व्यवस्था और नकल के मुद्दे पर विपक्ष को सरकार पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है.
पेपर लीक पर सख्त कानून का किया जिक्र
डिप्टी सीएम ने कहा कि नीट परीक्षा विवाद के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं. उन्होंने हाई-पावर्ड टास्क फोर्स के गठन और एंटी-पेपर लीक कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने का प्रयास किया जा रहा है.
ओवैसी के बयान पर भी दी प्रतिक्रिया
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के विपक्षी एकजुटता संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मौर्य ने कहा कि विपक्ष चाहे जितनी भी रणनीति बना ले, उत्तर प्रदेश की जनता भाजपा के साथ है. उन्होंने विश्वास जताया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा दोबारा स्पष्ट बहुमत हासिल करेगी.
सावन और कांवड़ यात्रा की तैयारियों का लिया जायजा
सावन और कांवड़ यात्रा को लेकर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं. कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और शिवालयों के आसपास विशेष इंतजाम किए गए हैं. उन्होंने बताया कि यात्रा मार्गों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है.साथ ही उन्होंने कहा कि कांवड़ मार्गों और प्रमुख शिवालयों के आसपास मांस और मदिरा की बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि श्रद्धालुओं की आस्था और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं में किसी तरह की लापरवाही न हो.