Lucknow road accident: राजधानी लखनऊ में सड़क धंसने की एक घटना ने एक बार फिर निर्माण और मरम्मत व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. बुधवार को आईटी चौराहे से पहले मुख्य मार्ग पर अचानक सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया. सड़क के बीचोंबीच 10 फीट से ज्यादा गहरा गड्ढा बन गया. इसी दौरान बाइक से गुजर रहे दो भाई उसमें जा गिरे. हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए. आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह उन्हें गड्ढे से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया. घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए. जिस स्थान पर सड़क धंसी, वह पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के आवास के ठीक सामने है. इसके ऊपर से मेट्रो लाइन भी गुजरती है. सूचना मिलने के बाद पीडब्ल्यूडी की टीम मौके पर पहुंची और सड़क के धंसे हिस्से की बैरीकेडिंग कर दी गई, ताकि कोई और वाहन हादसे का शिकार न हो.
8-9 घंटे में गड्ढे को मिट्टी से ढका गया
सड़क धंसने की सूचना मिलते ही पीडब्ल्यूडी के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे. घटनास्थल को बैरीकेड कर दिया गया, जिससे मुख्य मार्ग पर यातायात भी प्रभावित हुआ. अधिकारियों के मुताबिक, सड़क की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है. बताया गया कि घटना के करीब 8 से 9 घंटे के भीतर गड्ढे में मिट्टी डालकर उसे ढकने का काम किया गया. हालांकि, जिस जगह सड़क धंसी है, वहां नीचे सीवर लाइन गुजर रही है. ऐसे में सड़क के दोबारा धंसने की वजह को लेकर जांच की जा रही है.
मेट्रो पिलर से पानी का रिसाव भी वजह?
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता सत्येंद्र नाथ के मुताबिक, सड़क के नीचे से सीवर लाइन गुजर रही है. इसके अलावा मेट्रो के पिलर से भी पानी का रिसाव होने की बात सामने आई है. उनका कहना है कि पानी के रिसाव के कारण सड़क के नीचे की मिट्टी धंस गई और इसके चलते सड़क पर गहरा गड्ढा बन गया. अधिकारी ने यह भी बताया कि इसी स्थान पर पहले भी सड़क धंसने की समस्या सामने आ चुकी है. फिलहाल गड्ढे की मरम्मत शुरू कर दी गई है. जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सड़क धंसने की मुख्य वजह सीवर लाइन में लीकेज है या मेट्रो पिलर से हो रहा पानी का रिसाव.
दो साल बाद उसी जगह फिर धंसी सड़क
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस स्थान पर बुधवार को सड़क धंसी, वहां पहले भी ऐसी घटना हो चुकी है. सितंबर 2024 में इसी इलाके में सड़क अचानक धंस गई थी. उस समय करीब 20 फीट चौड़ा और 8 फीट गहरा गड्ढा बन गया था. घटना के बाद पीडब्ल्यूडी ने सड़क की खुदाई कराई थी. उस दौरान सड़क के नीचे मौजूद ड्रेनेज लाइन में लीकेज की आशंका जताई गई थी और इसकी जांच भी की गई थी. एक महीने तक चला था मरम्मत का काम, फिर भी नहीं हुआ स्थायी समाधान? 2024 में सड़क धंसने के बाद पीडब्ल्यूडी की ओर से मरम्मत कराई गई थी. सड़क को दोबारा ठीक करने में करीब एक महीने का समय लगा था. इसके बावजूद अब उसी जगह दोबारा सड़क धंसने की घटना ने पिछली मरम्मत की गुणवत्ता और तकनीकी समाधान पर सवाल खड़े कर दिए हैं. बार-बार एक ही जगह सड़क धंसने से यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या सड़क के नीचे पानी या ड्रेनेज लाइन में दोबारा लीकेज हुआ है? क्या मेट्रो पिलर से होने वाला पानी का रिसाव लंबे समय से मिट्टी को कमजोर कर रहा है? या फिर पिछली बार की गई मरम्मत में कोई तकनीकी खामी रह गई थी?
जांच के बाद ही सामने आएगी असली वजह
फिलहाल पीडब्ल्यूडी की टीम ने सड़क की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है और घटनास्थल पर बैरीकेडिंग की गई है. हालांकि, महज गड्ढा भरने से समस्या का स्थायी समाधान होगा या नहीं, यह बड़ा सवाल है. करीब दो साल के अंतराल में एक ही स्थान पर दोबारा सड़क धंसने की घटना ने जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब लोगों की नजर इस बात पर है कि जांच में सड़क धंसने की वास्तविक वजह क्या सामने आती है और क्या इस बार ऐसा स्थायी समाधान किया जाएगा, जिससे भविष्य में इसी जगह सड़क दोबारा न धंसे.