West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (West Bengal Assembly Election 2026) के लिए पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल और दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होने वाला है. पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी टीएमसी और बीजेपी के बीच जबरदस्त लड़ाई होती हुई नजर आ रही है.
इसमें मुख्य मुकाबला नंदीग्राम, भवानीपुर और संदेशखाली सीटों पर होने वाला है. भवानीपुर में ममता बनर्जी का मुकाबला एक बार फिर सुवेंदु अधिकारी से होगा, जबकि संदेशखाली में महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर लड़ाई देखने को मिल रही है.
राज्य की हाई प्रोफाइल सीट भवानीपुर
राज्य की सबसे हाई प्रोफाइल सीट भवानीपुर है. जहां पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बीजेपी के उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी के बीच जबरदस्त मुकाबला होता हुआ दिखाई दे रहा है. 2021 में नंदीग्राम में जीत के बाद अधिकारी अब मुख्यमंत्री को उनके अपने ही गढ़ में चुनौती दे रहे हैं. बीजेपी ने एक चक्रव्यूह रणनीति बनाई है, जिसके तहत वह टीएमसी प्रमुख को उनके शहरी निर्वाचन क्षेत्र में ही उलझाए रखना चाहती है. इसके लिए वह शहरी गैर-बंगाली मतदाताओं और सत्ता-विरोधी लहर (anti-incumbency) पर भरोसा कर रही है.
राज्य की अन्य प्रोफाइल सीट
दिनहाटा उत्तरी बंगाल के सबसे अशांत क्षेत्रों में से एक है. जहां टीएमसी के उम्मीदवार उदयन गुहा और बीजेपी के अजय रॉय के बीच होता हुआ नजर आ रहा है. पिछले विधानसभा चुनाव में इस सीट पर जीत का अंतर सिर्श 57 वोटों का था, जिससे यह एक बहुत ही अहम सीट बन गई है. राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो इस बार का नतीजा कुछ भी हो सकता है.
इसके अलावा, अब हम आसनसोल दक्षिण की बात करेंगे. जहां बीजेपी की अग्निमित्रा पॉल और टीएमसी के तापस बनर्जी के बीच मुकाबला देखने को मिल रहा है. इसके अलावा, ये सीट राज्य के औद्योगिक केंद्र का प्रतिनिधित्व करता है. इस करीबी शहरी मुकाबले में कोयला उद्योग में गिरावट और बेरोज़गारी जैसे मुद्दे हावी हैं.
भांगर एक अशांत और अल्पसंख्यक बहुल सीट है. अभी यहां आईएसएफ का दबदबा है, लेकिन टीएमसी अपने पुराने गढ़ को वापस पाने के लिए जोरदारल कोशिश कर रही है. इस सीट में आईएसएफ के नौशाद सिद्दिकी और टीएमसी के शौकत मोल्ला के बीच टक्कर देखने को मिल रही है.
बहरामपुर में त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है. जहां कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी, बीजेपी के सुब्रत मैत्रा और टीएमसी के नारू गोपाल मुखर्जी के बीच मुकाबला होता हुआ नजर आ रहा है. इस सीट से कांग्रेस के अनुभवी नेता अधीर रंजन चौधरी अपनी किस्मत आजमाते हुए नजर आ रहे हैं. उनका लक्ष्य 2024 के लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद अपनी राजनीतिक जमीन वापस पाने का है.