Venus Transit 2026: ज्योतिष शास्त्र में शुक्र को सुख-सुविधा, धन, प्रेम और वैवाहिक जीवन का कारक ग्रह माना जाता है. 2 सितंबर 2026 को शुक्र कन्या राशि से निकलकर अपनी स्वराशि तुला में प्रवेश करेंगे और 26 सितंबर तक यहीं रहेंगे. इस दौरान मीन राशि में मौजूद शनि के साथ शुक्र का षडाष्टक संबंध बनेगा. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहों की यह स्थिति कुछ राशियों के लिए मानसिक तनाव, खर्च और कामकाज से जुड़ी परेशानियां बढ़ा सकती है.
2 सितंबर से बदलेगी शुक्र की चाल
शुक्र 2 सितंबर को तुला राशि में प्रवेश करेंगे. तुला शुक्र की अपनी राशि है, इसलिए सामान्य तौर पर यहां शुक्र की स्थिति मजबूत मानी जाती है. हालांकि इस दौरान मीन राशि में स्थित शनि के साथ षडाष्टक संबंध बनने के कारण कुछ राशियों को सावधानी बरतने की जरूरत बताई जा रही है. यह स्थिति 26 सितंबर 2026 तक रहेगी. इसके बाद शुक्र तुला राशि से निकलकर वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे.
इन राशियों को रहना होगा सावधान
मेष राशि
शुक्र आपकी राशि से निकलकर दूसरे भाव में गोचर करेंगे, जबकि शनि के साथ षडाष्टक संबंध बन सकता है. इस अवधि में आर्थिक मामलों में अड़चन और अनावश्यक खर्च बढ़ने की आशंका है. बजट बिगड़ने से बचने के लिए खर्चों पर नियंत्रण रखना बेहतर होगा. परिवार में बातचीत के दौरान भी संयम बरतें. आपकी कोई बात गलत समझी जा सकती है और इससे रिश्तों में मतभेद पैदा हो सकते हैं. पैसों से जुड़े बड़े फैसले जल्दबाजी में लेने से बचें.
तुला राशि
शुक्र आपकी राशि के प्रथम भाव में गोचर करेंगे और शनि के साथ षडाष्टक संबंध बनाएंगे. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस दौरान स्वास्थ्य और मानसिक तनाव से जुड़े मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत हो सकती है. काम के बीच आलस्य हावी हो सकता है. कार्यक्षेत्र में विरोधियों या गुप्त शत्रुओं से भी सतर्क रहने की सलाह दी जाती है. अपनी महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी हर किसी से साझा करने से बचें.
मीन राशि
मीन राशि में इस समय शनि विराजमान हैं और शुक्र के साथ षडाष्टक संबंध बनने की स्थिति रहेगी. इसके चलते मानसिक उथल-पुथल और चिंता बढ़ सकती है. साझेदारी से जुड़े कामों में विशेष सावधानी बरतें. किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले उसे अच्छी तरह पढ़ लें. वाहन चलाते समय सतर्क रहें और बड़े निवेश से जुड़े फैसले सोच-समझकर ही लें.
मुश्किलों से बचने के लिए करें ये उपाय
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शुक्र से जुड़े नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए शुक्रवार के दिन मंदिर में सफेद वस्तुओं जैसे दूध, चावल या खीर का दान किया जा सकता है. शनिवार को शनि देव के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं और ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जाप करें. इस अवधि में बेवजह के वाद-विवाद से बचना और आर्थिक मामलों में बजट का ध्यान रखना भी लाभकारी माना गया है.