केंद्र सरकार के कर्मचारी 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. उम्मीद है कि आयोग अपनी सिफारिशें अगले साल के पहले हिस्से में सरकार को सौंप देगा. हालांकि, सिफारिशें जमा होने के बाद उन्हें लागू करने में करीब एक साल का समय लग सकता है.
ऐसी संभावना है कि नए नियम 1 जनवरी 2026 से ही लागू माने जाएंगे. अगर ऐसा होता है और नए वेतन को लागू करने में देरी होती है, तो कर्मचारियों को पिछले समय का बचा हुआ पैसा (एरियर/Arrears) एक साथ मिल सकता है.
लेवल-8 कर्मचारियों को कैसे मिल सकते हैं लगभग ₹18 लाख?
मान लीजिए लेवल-8 में काम करने वाले किसी कर्मचारी का अभी मूल वेतन (Basic Pay) ₹47,600 है.
नया मूल वेतन: अगर 8वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है, तो अनुमानित नया मूल वेतन लगभग ₹1,22,332 हो जाएगा.
मूल वेतन में बढ़ोतरी: इस हिसाब से मूल वेतन में सीधे ₹74,732 प्रति माह की बढ़ोतरी होगी (1,22,332−47,600).
24 महीने का बकाया (एरियर): यदि नई सैलरी स्ट्रक्चर लागू होने में 2 साल (24 महीने) की देरी होती है, तो सिर्फ बेसिक पे के अंतर का एरियर इस प्रकार होगा:
₹74,732×24=₹17,93,568 (लगभग ₹18 लाख)
ध्यान दें: यह ₹18 लाख का आंकड़ा सिर्फ एक अनुमानित उदाहरण है, जो 2.57 फिटमेंट फैक्टर और 24 महीने की देरी की धारणा पर आधारित है. सरकार की ओर से अभी इसकी पक्की पुष्टि नहीं हुई है.
आयोग की बैठकें और मौजूदा स्थिति
8वां वेतन आयोग इस समय सरकारी कर्मचारियों के वेतन, फिटमेंट फैक्टर, भत्तों (Allowances) और पेंशन से जुड़े मुद्दों पर तेजी से चर्चा कर रहा है. आयोग की टीम देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जाकर बैठकें कर रही है.
- हो चुकी बैठकें: राजस्थान, तमिलनाडु, पुडुचेरी और चंडीगढ़.
- आने वाली बैठकें: आयोग 7 और 8 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में और 22 तथा 23 अक्टूबर 2026 को मुंबई में संबंधित पक्षों से मिलेगा. (मुंबई की बैठक के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 10 अक्टूबर 2026 तय की गई है).
7वें वेतन आयोग की 10 साल की अवधि 31 दिसंबर 2025 को पूरी हो चुकी है. फिलहाल सरकार या वेतन आयोग ने नई दरें लागू करने की कोई पक्की तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन उम्मीद यही है कि नई सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी मानी जाएंगी.