Crude Oil Price: अमेरिका और ईरान के बीच टेंशन जारी है. दोनों ओर से लगातार हमले हो रहे हैं. इसका असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखा जा रहा है. इसके चलते शेयर बाजार से लेकर अन्य सेक्टर पर साफ-साफ प्रभाव नजर आ रहा है.
अमेरिका और ईरान में जारी संघर्ष में नया मोड़ आ गया है. इस बीच अमेरिका के नए हमले करने से पीछे हटने के बाद सोमवार (27 जुलाई, 2026) को तेल की कीमतों में तेजी से गिरावट आई है. इससे उम्मीद जगी है कि राजनीतिक दबाव से मिडिल ईस्ट में तनाव कम हो सकता है. इसके बाद आने वाले समय में धीरे-धीरे होर्मुज स्ट्रेट से शिपिंग फिर से शुरू हो सकती है.
गौरतलब है कि जुलाई के ज़्यादातर समय में कीमतों में तेज़ी रही क्योंकि देशों के बीच सीज़फ़ायर टूट गया. फिर, पिछले हफ़्ते, ईरान के सपोर्ट वाले ग्रुप हूथी ने रेड सी में सऊदी अरब के ख़िलाफ़ ब्लॉकेड की धमकी देकर लड़ाई को और बढ़ा दिया, जिसके बाद तेल कुछ समय के लिए $100 प्रति बैरल से ऊपर चला गया.
तेल की कीमतें गिर गईं
तेल के लिए ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 4 परसेंट गिरकर लगभग $92.63 प्रति बैरल हो गई. यह सितंबर में डिलीवर होने वाले तेल के लिए है. अक्टूबर डिलीवरी के लिए ज़्यादा एक्टिवली ट्रेड होने वाले कॉन्ट्रैक्ट की कीमत भी उतनी ही गिरकर लगभग $87.91 प्रति बैरल हो गई.
US बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 5 प्रतिशत गिरकर लगभग $85 प्रति बैरल पर आ गया.
स्टॉक्स में मामूली बढ़त हुई
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार को जब अमेरिका में स्टॉक्स की ट्रेडिंग फिर से शुरू होगी तो S&P 500 के फ्यूचर्स में थोड़ी बढ़ोतरी हुई. एशिया में स्टॉक्स, जहां देश बड़ी मात्रा में तेल और गैस इंपोर्ट करते हैं, सोमवार सुबह की ट्रेडिंग में ज्यादातर फ्लैट थे.