PDS Share Price: फैशन और कपड़ों के कारोबार से जुड़ी कंपनी PDS लिमिटेड के शेयरों में 5 नवंबर को जोरदार तेजी देखने को मिली. कंपनी के सितंबर तिमाही के रिकॉर्ड राजस्व और मुनाफे में बढ़ोतरी की खबर के बाद शेयर 52 हफ्ते के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया. इस तेजी से कंपनी के निवेशक और बाजार में उसकी हिस्सेदारी रखने वाले बड़े निवेशक भी चर्चा में आ गए हैं.
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर PDS का शेयर ₹422.40 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि पिछले कारोबारी दिन इसका बंद भाव ₹359.50 था. हालांकि, शुरुआती तेजी के बाद शेयर ने कुछ बढ़त गंवा दी और दोपहर 12:16 बजे करीब ₹380 पर कारोबार कर रहा था.
मुकेश अग्रवाल की हिस्सेदारी की वैल्यू में बढ़ोतरी
रीशेयर में तेजी का फायदा कंपनी के बड़े निवेशक मुकेश अग्रवाल को भी हुआ. सितंबर 2026 के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक, उनके पास PDS के 33.62 लाख शेयर थे, जो कंपनी की कुल 2.38% हिस्सेदारी के बराबर हैं.
5 नवंबर को शेयर के ₹422.40 के इंट्राडे हाई पर पहुंचने के आधार पर उनकी हिस्सेदारी की बाजार वैल्यू में करीब ₹21.15 करोड़ की बढ़ोतरी हुई. हालांकि, यह केवल कागजी मुनाफा है. इसका मतलब यह नहीं है कि उन्होंने शेयर बेचकर यह रकम हासिल कर ली है.
रिकॉर्ड राजस्व के साथ मुनाफे में भी मजबूत बढ़ोतरी
PDS ने सितंबर तिमाही में ₹4,432 करोड़ का राजस्व दर्ज किया. यह पिछले साल की समान तिमाही के ₹3,419 करोड़ से करीब 30% अधिक है.कंपनी के नतीजों की सबसे खास बात यह रही कि मुनाफे में बढ़ोतरी राजस्व की तुलना में ज्यादा तेज रही. सितंबर तिमाही में कंपनी का EBITDA 48.7% बढ़कर ₹153 करोड़ हो गया. EBITDA किसी कंपनी की परिचालन कमाई को दर्शाता है.
कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन भी पिछले साल के 3% से बढ़कर 3.5% हो गया. इसका मतलब है कि कंपनी अब हर ₹100 की बिक्री पर पहले से ज्यादा परिचालन कमाई कर रही है.
कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा करीब ₹70 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही से 44.2% और जून तिमाही से 144.4% ज्यादा है. हालांकि, इसमें माइनॉरिटी निवेशकों का हिस्सा भी शामिल है. PDS के अपने शेयरधारकों के हिस्से का मुनाफा करीब ₹42.39 करोड़ रहा.
कर्ज से ज्यादा नकदी, लेकिन कैश फ्लो पर नजर जरूरी
कंपनी ने बताया कि सितंबर के अंत तक वह नेट कैश की स्थिति में आ गई थी. उसके पास कर्ज से ₹154 करोड़ ज्यादा नकदी थी. साथ ही, वर्किंग कैपिटल को संभालने में लगने वाला समय घटकर माइनस पांच दिन रह गया.
यह कंपनी की वित्तीय स्थिति के लिए सकारात्मक संकेत है. हालांकि, पहली छमाही में उसका ऑपरेटिंग कैश फ्लो पिछले साल की तुलना में कम रहा. नकदी बढ़ने में सप्लायर्स को भुगतान की राशि बढ़ने का भी योगदान था. इसलिए आने वाले समय में कंपनी की वास्तविक नकदी कमाने की क्षमता पर नजर रखना जरूरी होगा.
कंपनी ने ₹2.20 प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है. इसके लिए 11 नवंबर को रिकॉर्ड डेट तय की गई है.
निवेशकों के लिए आगे क्या अहम होगा?
PDS के नतीजे बताते हैं कि कंपनी बिक्री बढ़ाने के साथ अपनी परिचालन कमाई में भी सुधार कर रही है. लेकिन कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन अभी भी अपेक्षाकृत कम है. लागत बढ़ने या ऑर्डर में कमी आने से मुनाफे पर असर पड़ सकता है.
कंपनी के राजस्व में सोर्सिंग कारोबार की हिस्सेदारी सितंबर तिमाही में करीब 95% रही. ऐसे में निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में बिक्री की वृद्धि, मार्जिन और कैश फ्लो पर नजर रखनी चाहिए.
फिलहाल, रिकॉर्ड राजस्व और शेयर के नए उच्च स्तर ने PDS को बाजार में चर्चा का विषय बना दिया है. कंपनी के लिए असली चुनौती इस वृद्धि को लगातार मुनाफे और मजबूत नकदी में बदलना होगी.