संजीव गोयनका को भारतीय खेल जगत के सबसे ताकतवर मालिकों में क्यों गिना जाता है? लखनऊ सुपर जायंट्स के मालिक ने सिर्फ क्रिकेट ही नहीं, बल्कि कारोबार की दुनिया में भी अरबों रुपये का साम्राज्य खड़ा किया है. आरपी-संजीव गोयनका ग्रुप के अध्यक्ष संजीव गोयनका की कुल संपत्ति इस समय करीब 3.5 अरब डॉलर मानी जाती है. भारतीय रुपये में यह लगभग 28,390 करोड़ रुपये होती है. जो कि मुकेश अंबानी से काफी कम हैं. अंबानी की नेटवर्थ भारतीय रुपयों में करीब 9.8 लाख करोड़ है.
क्रिकेट फैंस के बीच संजीव गोयनका सबसे ज्यादा लखनऊ सुपर जायंट्स के मालिक के रूप में जाने जाते हैं. उन्होंने 2021 में इस आईपीएल टीम को 7,090 करोड़ रुपये में खरीदा था. यह आईपीएल इतिहास की सबसे महंगी टीम खरीद में से एक थी. इसके बाद से लखनऊ सुपर जायंट्स लीग की सबसे चर्चित और मूल्यवान टीमों में शामिल हो गई. गोयनका ने सिर्फ क्रिकेट में ही नहीं, बल्कि फुटबॉल में भी बड़ा निवेश किया है. वह इंडियन सुपर लीग के बड़े क्लब मोहन बागान सुपर जायंट्स के भी मालिक हैं. कार कलेक्शन की बात करें तो उनके पास रोल्स-रॉयस, बेंटले बेंटायगा और मर्सिडीज-मेबैक एस 600 गार्ड जैसी महंगी कारें हैं.
क्रिकेट और फुटबॉल दोनों में उनकी मौजूदगी ने उन्हें भारतीय खेल जगत का बड़ा नाम बना दिया है. मैदान के बाहर आरपी-संजीव गोयनका ग्रुप कई अलग-अलग क्षेत्रों में कारोबार करता है. इस ग्रुप के पास देश की बड़ी बिजली कंपनी सीईएससी है. इसके अलावा स्पेंसर जैसी मशहूर खुदरा सीरीज भी इसी ग्रुप का हिस्सा है. ग्रुप पीसीबीएल नाम की बड़ी कंपनी भी चलाता है, जो कार्बन ब्लैक के कारोबार में है. इसके अलावा मीडिया, तकनीक और खाद्य उत्पादों में भी ग्रुप की हिस्सेदारी है.
किस किस कंपनी के मालिक हैं गोयनका?
संजीव गोयनका के सबसे चर्चित ब्रांड में टू यम! और सारेगामा शामिल हैं. टू यम! देश का लोकप्रिय स्नैक ब्रांड बन चुका है, जबकि सारेगामा भारत की सबसे बड़ी संगीत कंपनियों में गिनी जाती है. आज संजीव गोयनका सिर्फ एक आईपीएल टीम के मालिक नहीं हैं. वह भारत के सबसे अमीर उद्योगपतियों में गिने जाते हैं, जिनका असर कारोबार, खेल और मनोरंजन तीनों क्षेत्रों में लगातार बढ़ता जा रहा है.