Gujarat IIFL manager murder: गुजरात के प्रांतिज तालुका में IIFL फाइनेंस के ब्रांच मैनेजर की हत्या ने पुलिस को भी चौंका दिया. माणसा ब्रांच में मैनेजर के पद पर तैनात भरत चौधरी 2 सितंबर को अचानक लापता हो गए थे. दो दिन बाद लिमला गांव के पास वडवासा जाने वाली सड़क पर उनकी कार संदिग्ध हालत में मिली. कार के अंदर भरत चौधरी का शव पड़ा था और उनके गले पर धारदार हथियार से गंभीर चोट के निशान थे. मामले की जांच शुरू हुई तो पुलिस को तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स से कुछ ऐसे सुराग मिले, जिन्होंने हत्या की गुत्थी सुलझा दी. पुलिस के मुताबिक, इस वारदात के पीछे IIFL फाइनेंस से लिए गए कुल 6 लाख रुपये के कर्ज से जुड़ी साजिश सामने आई है.
6 लाख के कर्ज ने रची हत्या की कथित साजिश
डिप्टी एसपी ए.के. पटेल के मुताबिक, जांच के दौरान भावना उर्फ भावू ठाकोर और उसके प्रेमी योगेश ठाकोर का नाम सामने आया. पुलिस ने भावना को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो कथित तौर पर हत्या की पूरी कहानी सामने आई. पुलिस जांच के अनुसार, भावना ने IIFL फाइनेंस से करीब 1.50 लाख रुपये का लोन लिया था, जबकि उसके प्रेमी योगेश ठाकोर ने इसी कंपनी से करीब 4.50 लाख रुपये उधार लिए थे. इस तरह दोनों पर कुल 6 लाख रुपये का कर्ज था. आरोप है कि दोनों लोन की किस्तें चुकाने से बचना चाहते थे. इसके साथ ही उनके मन में गिरवी रखे सोने के गहने वापस हासिल करने की भी चाहत थी. पुलिस के मुताबिक, इसी कथित मकसद से दोनों ने ब्रांच मैनेजर भरत चौधरी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई.
पैसे देने के बहाने मैनेजर को बुलाया
जांच में पुलिस को पता चला कि भावना ने भरत चौधरी को फोन किया था. उसने पैसे देने की बात कहकर उन्हें प्रांतिज बुलाया. इसके बाद योगेश ठाकोर भरत को अपनी कार में माणसा से लेकर रवाना हुआ. पुलिस के अनुसार, कार जब वडवासा के आसपास पहुंची तो योगेश ने वाहन के अंदर ही भरत चौधरी पर धारदार हथियार से हमला कर दिया. उनके गले पर गंभीर वार किए गए, जिससे उनकी मौत हो गई. हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने शव और कार को किसी सुनसान जगह पर ठिकाने लगाने की कथित योजना बनाई.
कार गड्ढे में फंसी और बिगड़ गया पूरा प्लान
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपी शव और कार लेकर लिमला की ओर बढ़े. उनका कथित इरादा शव को सुनसान स्थान पर फेंकने और कार को भी वहीं छोड़ने का था. लेकिन रास्ते में कार को पीछे करते समय वाहन सड़क किनारे बने एक गड्ढे में फंस गया. काफी कोशिश के बावजूद कार बाहर नहीं निकल सकी. इसी दौरान आरोपियों को पुलिस तक मामला पहुंचने और पकड़े जाने का डर सताने लगा.आखिरकार वे शव और कार को वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गए. बाद में पुलिस ने इसी कार से भरत चौधरी का शव बरामद किया.
सात साल से था दोनों का प्रेम संबंध
पुलिस के अनुसार, भावना उर्फ भावू ठाकोर और योगेश ठाकोर पिछले करीब सात साल से प्रेम संबंध में थे. फिलहाल पुलिस ने भावना को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि योगेश ठाकोर फरार बताया जा रहा है. योगेश की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित की हैं और उसकी तलाश की जा रही है. पुलिस अब हत्या में इस्तेमाल हथियार, वारदात से जुड़े अन्य साक्ष्यों और दोनों आरोपियों की भूमिका को लेकर आगे की जांच कर रही है. पुलिस की जांच में सामने आई यह कहानी फिलहाल आरोपों और जांच के तथ्यों पर आधारित है. मामले में आगे की कार्रवाई और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की अंतिम पुष्टि होगी.