Serial Rapist Akku Yadav Full Story: अशोक खरात से लेकर अमरावती का अयान इस समय सुर्ख़ियों में हैं. दरअसल, ये वो हैवान हैं जिन्होंने सैकड़ों महिलाओं के साथ सेक्स किया और उनकी प्राइवेट वीडियो बनाई. वहीं अब इनकी असलियत पूरी दुनिया के सामने आ चुकी हैं. लेकिन सिर्फ यही नहीं आज से 21 साल पहले एक ऐसे अपराधी का खुलासा हुआ था जिसने लगभग 400 महीलाओं के साथ हैवानियत की थी. बता दें कि 2004 में एक खचाखच भरे कोर्टरूम में, एक आदमी के मुँह में लाल मिर्च पाउडर ठूँस दिया गया, सिर्फ यही नहीं बल्कि उसके प्राइवेट पार्ट्स चाकू से काट दिए गए, और उसका सिर उसके धड़ से अलग कर दिया गया. बता दें कि ये काम किसी एक महिला ने नहीं बल्कि लगभग 400 महिलाओं ने मिलकर किया था. अचानक से कोर्टरूम का दरवाजा खुलता है और 400 महिलाएं अंदर घुस आती हैं. इसी दौरान वो हथियारों से कोर्टरूम में ही उस हैवान को जहन्नुम में धकेल देती हैं.
कौन था 400 महिला रेप करने वाला शख्स ?
बता दें कि, जिस आदमी को महिलाओं ने इतनी बेरहमी से मौत के घाट के उतारा वो कोई और नहीं, बल्कि भारत कालीचरण उर्फ़ अक्कू यादव था. इस शख्स के दिमाग में ऐसी हवस संवार थी कि इसने अकेले सैकड़ों महिलाओं को अपनी हवस का शिकार बनाया. इस आदमी ने युवा लड़कियों, अधेड़ उम्र की महिलाओं और बुज़ुर्गों के साथ जघन्य यौन अपराध किए थे. 1 या 2 नहीं बल्कि इसने 100 से भी ज्यादा महिलाओं का दुष्कर्म किया. इसके अलावा, उसके आपराधिक कारनामे इतने घिनौने थे कि उनके बारे में जानकर आपका खून खौल उठेगा. ये मामला नागपुर ज़िले के कस्तूरबा नगर का है. दरअसल, अक्कू यादव झुग्गियों में बिताए बचपन से उठकर रास्ते में छोटे-मोटे अपराध करते हुए एक बड़ा गैंगस्टर बन गया था. बताया जाता है कि इस अपराधी का जन्म लगभग 1971 में महाराष्ट्र के नागपुर के बाहरी इलाके में हुआ था. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसका नाम पहली बार 1991 में सामने आया, जब उस पर एक गैंगरेप मामले में शामिल होने का आरोप लगा. इस एक घटना ने उसके हौसले बुलंद किए और उसे घिनौना काम करने पर मजबूर कर दिया. .
आखिर कैसे करता रहा इतने घिनौने अपराध
बताया जाता है कि अक्कू यादव इतना ज्यादा शातिर था कि वो अपराध करने से पहले ही पुलिसवालों की जेब भर देता था. उन्हें खिलता-पिलाता था और उनकी खूब खातिरदारी किया करता था. नियमित रूप से उन्हें रिश्वत के तौर पर मोटी रकम देता था. इसी वजह से वो अपने इलाके में बिना किसी रोक-टोक के अपराध करता था. ऐसे भी कई मौके ए जब पुलिस अधिकारियों ने उसके खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय, सक्रिय रूप से उसके साथ मिलीभगत की. इस एक शख्स ने पूरे इलाके में खौफ पैदा कर दिया था. महिलाएं इसके डर से घर का दरवाजा बंद करके रहती थीं.
ऐसे दिखाता था अक्कू अपनी हैवानियत
इलाके की ही महिलाओं ने खुद इस बात की जानकारी दी कि अक्कू यादव ने ‘आशो भगत’ नाम की एक महिला के स्तन काट दिए थे, जिससे वो अपनी बेटी और पड़ोसियों के सामने दर्द से कराह उठी थी. इसके बाद उसने सरेआम उसके शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए, और उसे एक भयानक और दर्दनाक मौत दी. इतना ही नहीं, एक बार तो उसने एक महिला को उसकी शादी के तुरंत बाद अगवा कर लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया. अक्कू यादव और उसके गिरोह ने ‘कलमा’ नाम की एक महिला के साथ, उसके बच्चे को जन्म देने के ठीक दस दिन बाद सामूहिक बलात्कार किया. इस भयानक अनुभव के बाद, कलमा ने खुद पर केरोसिन डालकर आग लगा ली. एक बार उसने सरेआम एक आदमी को नंगा कर दिया और सिगरेट से उसे जलाया. महिलाओं को उनके घरों से अगवा करके उनके साथ बलात्कार करना यही उसका काम करने का तरीका था.
400 महिलाओं ने उड़ाए अक्कू के परखच्चे
लेकिन एक दिन इस अपराधी को महिलाओं ने ऐसे अंजाम तक पहुँचाया जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती. दरअसल, 13 अगस्त, 2004 के दिन अक्कू को अदालत में पेश किया जाना था. भारी सुरक्षा के बीच, पुलिस उसे नागपुर की ज़िला अदालत ले जा रही थी. आरोपी को कोर्ट रूम नंबर 7 में पेश किया जाना था. पूरे शहर की महिलाओं को इस बात की जानकारी थी. वहीं फिर उस दिन अदालत परिसर महिलाओं से खचाखच भरा हुआ था. भारी भीड़ के बीच, पुलिस उस ‘हैवान’ को हिरासत में लेकर अदालत पहुंची. जिसके 400 महिलाएं उस कोर्ट रूम में घुसी और इस हैवान के अंग-अंग कांट दिए.
हुआ कुछ यूँ कि जैसे ही पुलिस अक्कू यादव को कोर्ट रूम नंबर 7 में ले गई, वहां मौजूद महिलाओं के एक समूह ने धारदार हथियारों से उस पर हमला किया. महिलाओं ने पहले उसके चेहरे पर लाल मिर्च का पाउडर फेंक दिया. उसके बाद महिलाओं ने चाकू और पत्थरों से उसके शरीर पर वार किए. महिलाओं की भीड़ के बीच वो पूरी तरह से नज़र आना बंद हो गया था. इससे पहले कि कोई समझ भी पाता कि क्या हो रहा है, किसी ने अक्कू के गुप्तांग उसके शरीर से काट डाले. थोड़ी ही देर बाद, अक्कू की चीखें थम गईं. वहीं जब महिलाओं के हटने के बाद पुलिस की नजर अक्कू चीथड़े उड़े हुए थे, हर तरफ अंग बिखरे हुए थे कहीं कान तो कहीं उसका प्राइवेट पार्ट. पूरा कोर्टरूम खून से सन गया था. ये वो दिन था जिस दिन हर बार की तरह बुराई का अंत हुआ और अच्छाई की जीत. इस दिन उस इलाके की हर एक महिला ने सुकून की नींद ली.