Tarn Taran murder: पंजाब के तरनतारन में एक युवक की बेरहमी से हत्या का मामला सामने आया है. पुलिस की शुरुआती जांच में वारदात के पीछे पुराना विवाद और बदले की आशंका जताई जा रही है. बताया जा रहा है कि मृतक आरोपी की बहन को घर से लेकर चला गया था. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव चल रहा था. अब हत्या की वारदात से जुड़ा यह दावा भी सामने आया है कि युवक पर महज 37 सेकेंड में 83 बार धारदार हथियार से वार किए गए. हालांकि, पुलिस ने अभी इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
बहन को लेकर घर से गया था युवक
मामला सिटी तरनतारन थाना क्षेत्र का है. मृतक की पहचान कड़गिल गांव निवासी जगजीत सिंह के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक, जगजीत सिंह कथित तौर पर 18 जुलाई को नौरंगाबाद निवासी जसप्रीत सिंह की बहन जसनप्रीत कौर को उसके घर से लेकर चला गया था. इसके बाद दोनों परिवारों के बीच विवाद और तनाव की स्थिति बन गई थी. पुलिस को आशंका है कि इसी पुराने विवाद को लेकर जगजीत सिंह को निशाना बनाया गया. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी ने अचानक हमला किया था या फिर वारदात की पहले से योजना बनाई गई थी.
बस स्टैंड के बाहर धारदार हथियार से हमला
बताया जा रहा है कि तरनतारन बस स्टैंड के बाहर जगजीत सिंह पर धारदार हथियार से हमला किया गया. हमले में उसे गंभीर चोटें आईं और उसकी मौत हो गई. घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. इस मामले में नौरंगाबाद निवासी जसप्रीत सिंह और उसके भाई हरप्रीत सिंह के नाम सामने आए हैं. पुलिस ने जसप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि हरप्रीत सिंह अभी फरार बताया जा रहा है. उसकी तलाश में पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं.
37 सेकेंड में 83 वार का दावा, पुलिस ने नहीं की पुष्टि
हत्या की इस वारदात से जुड़ा सबसे चौंकाने वाला दावा यह है कि दोनों भाइयों ने कथित तौर पर जगजीत सिंह पर सिर्फ 37 सेकेंड में 83 बार धारदार हथियार से हमला किया. हालांकि, यह आंकड़ा अभी पुलिस की ओर से आधिकारिक तौर पर पुष्ट नहीं किया गया है. पुलिस ने इतना जरूर बताया है कि मृतक के शरीर पर धारदार हथियार से कई गंभीर चोटें मिली थीं. अब जांच टीम घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रही है.
एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरे की तलाश जारी
वारदात के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जसप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया. वहीं उसका भाई हरप्रीत सिंह पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है. जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या के पीछे केवल पुराना विवाद था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश भी थी. पुलिस वारदात से पहले और बाद की गतिविधियों की भी जानकारी जुटा रही है.
बदले की कहानी या पहले से रची गई साजिश?
फिलहाल पुलिस इस हत्या को बदले की वारदात के एंगल से भी देख रही है. जांच में यह अहम होगा कि आरोपी और मृतक के बीच पहले से किस तरह का विवाद था और क्या हत्या से पहले आरोपियों ने इसकी तैयारी की थी. सिटी तरनतारन थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है. एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस दूसरे आरोपी को पकड़ने और हत्या के पीछे की पूरी वजह सामने लाने में जुटी है. 83 वार और 37 सेकेंड से जुड़ा दावा जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा.