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Home > क्राइम > 20 दिन मुंबई में रहे, फिर हुई रेकी? टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा खुलासा, कोटा से पकड़े गए 3 शूटर गिरफ्तार

20 दिन मुंबई में रहे, फिर हुई रेकी? टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा खुलासा, कोटा से पकड़े गए 3 शूटर गिरफ्तार

Tiger Shroff firing case: टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में अब तक 10 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है. तीन कथित शूटरों को कोटा से पकड़ा गया, जबकि अन्य आरोपियों पर हथियारों की व्यवस्था, सप्लाई और रेकी में मदद करने के आरोप हैं. पुलिस सभी के संपर्कों और भूमिका की जांच कर रही है.

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Last Updated: October 21, 2026 20:57:38 IST

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Tiger Shroff firing case: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी के मामले में पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. इस केस में अब तक कुल 10 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है. इनमें तीन कथित शूटर, हथियारों की व्यवस्था और सप्लाई में मदद करने के आरोपियों के अलावा अंकित, समीर और सोनीपत के जतिन के नाम शामिल हैं. पुलिस आरोपियों के आपसी संपर्क, उनकी गतिविधियों, हथियारों की सप्लाई और फायरिंग से पहले की गई कथित रेकी की पड़ताल कर रही है. हालांकि, सभी आरोपियों की भूमिका की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी.

तीन कथित शूटरों को कोटा से पकड़ा गया

इस मामले में तीन कथित शूटरों को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है. उनकी पहचान रेहान उर्फ सुक्का, फूल सिंह और रितिक कुर्मी उर्फ रोशन के रूप में हुई है. रेहान और फूल सिंह हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले बताए गए हैं, जबकि रितिक कुर्मी मूल रूप से बिहार के बेगूसराय का निवासी है और मुंबई में रह रहा था. तीनों को मुंबई लाकर अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें 31 अक्टूबर 2026 तक पुलिस हिरासत में भेजे जाने की खबर है.

हथियारों की सप्लाई में कुणाल, सुमित और राधा के नाम

जांच के मुताबिक, कुणाल दसवीं तक पढ़ा है और उसका नाम हथियारों की व्यवस्था करने वाले कथित नेटवर्क से जुड़ा है. वह आरोपी सुमित के संपर्क में था. पुलिस अमृतसर से हथियार जुटाने और उन्हें मुंबई पहुंचाने की कड़ी की जांच कर रही है. आठवीं तक पढ़ा सुमित एक कपड़े की दुकान पर काम करता था. उसकी मां ने मीडिया से बातचीत में बेटे को निर्दोष बताते हुए दावा किया कि उसे गुमराह किया गया और घटना के समय वह खाटू श्याम मंदिर गया था. उत्तर प्रदेश के सीतापुर की रहने वाली राधा आठवीं तक पढ़ी है और उसे कुणाल की गर्लफ्रेंड बताया गया है. पुलिस के अनुसार, राधा और 12वीं पास बबीता ने कथित तौर पर हथियार मुंबई पहुंचाने में मदद की. दोनों को दिल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी है. बबीता वायरिंग से जुड़ा काम करती है. पुलिस जांच कर रही है कि हथियार उन्हें कहां से मिले और आगे किसे सौंपे जाने थे.

अंकित, समीर और जतिन की भूमिका की जांच

अंकित 12वीं तक पढ़ा है. उस पर मुख्य आरोपियों के साथ करीब 20 दिनों तक मुंबई में रहने और रेकी करने का आरोप है. पुलिस जांच कर रही है कि उसने किन जगहों की निगरानी की और क्या अभिनेता की गतिविधियों की जानकारी कथित शूटरों तक पहुंचाई. हरियाणा के सोनीपत निवासी समीर मुख्य आरोपियों के संपर्क में बताया गया है. वहीं, अंकित और समीर की गिरफ्तारी के बाद सोनीपत के जतिन को भी पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है. जतिन की भूमिका को लेकर अभी पर्याप्त पुष्ट विवरण उपलब्ध नहीं है.

दिल्ली पुलिस ने भी की थी गिरफ्तारियां

हथियारों की व्यवस्था करने में मदद के आरोप में गिरफ्तार चार लोगों को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा था, जिसके बाद उन्हें मुंबई पुलिस को सौंप दिया गया. पुलिस अब हथियारों की बरामदगी, फायरिंग के मकसद, आरोपियों के संपर्कों और कथित साजिश में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की जांच कर रही है. फिलहाल आरोपियों पर लगे आरोपों को साबित होना बाकी है और जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी मानना उचित नहीं होगा.

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Tiger Shroff firing case: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी के मामले में पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. इस केस में अब तक कुल 10 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है. इनमें तीन कथित शूटर, हथियारों की व्यवस्था और सप्लाई में मदद करने के आरोपियों के अलावा अंकित, समीर और सोनीपत के जतिन के नाम शामिल हैं. पुलिस आरोपियों के आपसी संपर्क, उनकी गतिविधियों, हथियारों की सप्लाई और फायरिंग से पहले की गई कथित रेकी की पड़ताल कर रही है. हालांकि, सभी आरोपियों की भूमिका की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी.

तीन कथित शूटरों को कोटा से पकड़ा गया

इस मामले में तीन कथित शूटरों को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है. उनकी पहचान रेहान उर्फ सुक्का, फूल सिंह और रितिक कुर्मी उर्फ रोशन के रूप में हुई है. रेहान और फूल सिंह हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले बताए गए हैं, जबकि रितिक कुर्मी मूल रूप से बिहार के बेगूसराय का निवासी है और मुंबई में रह रहा था. तीनों को मुंबई लाकर अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें 31 अक्टूबर 2026 तक पुलिस हिरासत में भेजे जाने की खबर है.

हथियारों की सप्लाई में कुणाल, सुमित और राधा के नाम

जांच के मुताबिक, कुणाल दसवीं तक पढ़ा है और उसका नाम हथियारों की व्यवस्था करने वाले कथित नेटवर्क से जुड़ा है. वह आरोपी सुमित के संपर्क में था. पुलिस अमृतसर से हथियार जुटाने और उन्हें मुंबई पहुंचाने की कड़ी की जांच कर रही है. आठवीं तक पढ़ा सुमित एक कपड़े की दुकान पर काम करता था. उसकी मां ने मीडिया से बातचीत में बेटे को निर्दोष बताते हुए दावा किया कि उसे गुमराह किया गया और घटना के समय वह खाटू श्याम मंदिर गया था. उत्तर प्रदेश के सीतापुर की रहने वाली राधा आठवीं तक पढ़ी है और उसे कुणाल की गर्लफ्रेंड बताया गया है. पुलिस के अनुसार, राधा और 12वीं पास बबीता ने कथित तौर पर हथियार मुंबई पहुंचाने में मदद की. दोनों को दिल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी है. बबीता वायरिंग से जुड़ा काम करती है. पुलिस जांच कर रही है कि हथियार उन्हें कहां से मिले और आगे किसे सौंपे जाने थे.

अंकित, समीर और जतिन की भूमिका की जांच

अंकित 12वीं तक पढ़ा है. उस पर मुख्य आरोपियों के साथ करीब 20 दिनों तक मुंबई में रहने और रेकी करने का आरोप है. पुलिस जांच कर रही है कि उसने किन जगहों की निगरानी की और क्या अभिनेता की गतिविधियों की जानकारी कथित शूटरों तक पहुंचाई. हरियाणा के सोनीपत निवासी समीर मुख्य आरोपियों के संपर्क में बताया गया है. वहीं, अंकित और समीर की गिरफ्तारी के बाद सोनीपत के जतिन को भी पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है. जतिन की भूमिका को लेकर अभी पर्याप्त पुष्ट विवरण उपलब्ध नहीं है.

दिल्ली पुलिस ने भी की थी गिरफ्तारियां

हथियारों की व्यवस्था करने में मदद के आरोप में गिरफ्तार चार लोगों को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा था, जिसके बाद उन्हें मुंबई पुलिस को सौंप दिया गया. पुलिस अब हथियारों की बरामदगी, फायरिंग के मकसद, आरोपियों के संपर्कों और कथित साजिश में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की जांच कर रही है. फिलहाल आरोपियों पर लगे आरोपों को साबित होना बाकी है और जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी मानना उचित नहीं होगा.

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