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Akshaya Tritiya Date: कब है अक्षय तृतीया? लिख कर रख लें सही डेट और टाइम; जानें पूजा की सही विधि

"अक्षय" शब्द का मतलब है "वह जो कभी खत्म न हो." धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किए गए दान, जप, ध्यान और निवेश का कई गुना फल मिलता है. इसलिए लोग इस दिन सोना-चांदी खरीदते हैं और नए काम शुरू करते हैं. यह भी माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और पैसे की स्थिति मजबूत होती है.

Written By: Divyanshi Singh
Last Updated: April 18, 2026 11:16:19 IST

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Akshaya Tritiya Date: अक्षय तृतीया एक हिंदू त्योहार है जिसे साल के सबसे शुभ दिनों में से एक माना जाता है. इस साल अक्षय तृतीया की तारीख को लेकर कंफ्यूजन है. यह दिन इसलिए भी खास माना जाता है क्योंकि इसे “अबूझ मुहूर्त” कहा जाता है, जिसका मतलब है कि बिना किसी खास हिसाब-किताब के शुभ काम किए जा सकते हैं. यह दिन दान, पूजा, शॉपिंग और नई शुरुआत के लिए बहुत शुभ माना जाता है. माना जाता है कि अक्षय तृतीया खुशहाली और अच्छा भाग्य लाती है. इस दिन भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा करने का रिवाज है. ज्योतिषी राकेश मिश्रा के अनुसार, इस साल अक्षय तृतीया पर सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, जिसे शुभ माना जाता है और यह सभी कामों में सफलता दिलाता है. सौभाग्य योग और स्थिर योग भी बन रहे हैं. अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है.

अक्षय तृतीया 2026 कब है?

वैदिक कैलेंडर के अनुसार, तृतीया तिथि 19 अप्रैल, 2026 को सुबह 07:19 बजे शुरू होगी और 20 अप्रैल, 2026 को सुबह 03:57 बजे खत्म होगी. इसलिए, उदया तिथि के आधार पर, अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को मनाई जाएगी.

शुभ समय (पूजा का सही समय)

अक्षय तृतीया के लिए पूजा का शुभ समय इस प्रकार है:

  • पूजा मुहूर्त: सुबह 07:19 बजे से दोपहर 01:50 बजे तक.
  • कुल समय: 6 घंटे 31 मिनट.
  • इस समय पूजा, खरीदारी और दूसरे शुभ काम करना खास तौर पर फलदायी माना जाता है. हालांकि, इस दिन को शुभ समय माना जाता है, इसलिए पूरे दिन शुभ काम किए जा सकते हैं.

अक्षय तृतीया क्यों खास है?

“अक्षय” शब्द का मतलब है “वह जो कभी खत्म न हो.” धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किए गए दान, जप, ध्यान और निवेश का कई गुना फल मिलता है. इसलिए लोग इस दिन सोना-चांदी खरीदते हैं और नए काम शुरू करते हैं. यह भी माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और पैसे की स्थिति मजबूत होती है.

पूजा विधि 

  • अक्षय तृतीया के दिन सुबह नहाकर साफ कपड़े पहनें और पूजा करने का संकल्प लें.
  • भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर के सामने दीया जलाएं.
  • पीले या सफेद फूल चढ़ाएं.
  • तुलसी के पत्ते चढ़ाएं.
  • खीर या मिठाई चढ़ाएं.
  • आखिर में आरती करें और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करें.
  • पूजा के बाद दान करना भी बहुत ज़रूरी माना जाता है.
  • इस दिन क्या करें:
  • सोना, चांदी या कोई शुभ चीज़ खरीदें.
  • नया बिज़नेस, इन्वेस्टमेंट या काम शुरू करें.
  • ज़रूरतमंदों को खाना, पानी या कपड़े दान करें.
  • भगवान विष्णु और लक्ष्मी की पूजा करें.

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Written By: Divyanshi Singh
Last Updated: April 18, 2026 11:16:19 IST

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Akshaya Tritiya Date: अक्षय तृतीया एक हिंदू त्योहार है जिसे साल के सबसे शुभ दिनों में से एक माना जाता है. इस साल अक्षय तृतीया की तारीख को लेकर कंफ्यूजन है. यह दिन इसलिए भी खास माना जाता है क्योंकि इसे “अबूझ मुहूर्त” कहा जाता है, जिसका मतलब है कि बिना किसी खास हिसाब-किताब के शुभ काम किए जा सकते हैं. यह दिन दान, पूजा, शॉपिंग और नई शुरुआत के लिए बहुत शुभ माना जाता है. माना जाता है कि अक्षय तृतीया खुशहाली और अच्छा भाग्य लाती है. इस दिन भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा करने का रिवाज है. ज्योतिषी राकेश मिश्रा के अनुसार, इस साल अक्षय तृतीया पर सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, जिसे शुभ माना जाता है और यह सभी कामों में सफलता दिलाता है. सौभाग्य योग और स्थिर योग भी बन रहे हैं. अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है.

अक्षय तृतीया 2026 कब है?

वैदिक कैलेंडर के अनुसार, तृतीया तिथि 19 अप्रैल, 2026 को सुबह 07:19 बजे शुरू होगी और 20 अप्रैल, 2026 को सुबह 03:57 बजे खत्म होगी. इसलिए, उदया तिथि के आधार पर, अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को मनाई जाएगी.

शुभ समय (पूजा का सही समय)

अक्षय तृतीया के लिए पूजा का शुभ समय इस प्रकार है:

  • पूजा मुहूर्त: सुबह 07:19 बजे से दोपहर 01:50 बजे तक.
  • कुल समय: 6 घंटे 31 मिनट.
  • इस समय पूजा, खरीदारी और दूसरे शुभ काम करना खास तौर पर फलदायी माना जाता है. हालांकि, इस दिन को शुभ समय माना जाता है, इसलिए पूरे दिन शुभ काम किए जा सकते हैं.

अक्षय तृतीया क्यों खास है?

“अक्षय” शब्द का मतलब है “वह जो कभी खत्म न हो.” धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किए गए दान, जप, ध्यान और निवेश का कई गुना फल मिलता है. इसलिए लोग इस दिन सोना-चांदी खरीदते हैं और नए काम शुरू करते हैं. यह भी माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और पैसे की स्थिति मजबूत होती है.

पूजा विधि 

  • अक्षय तृतीया के दिन सुबह नहाकर साफ कपड़े पहनें और पूजा करने का संकल्प लें.
  • भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर के सामने दीया जलाएं.
  • पीले या सफेद फूल चढ़ाएं.
  • तुलसी के पत्ते चढ़ाएं.
  • खीर या मिठाई चढ़ाएं.
  • आखिर में आरती करें और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करें.
  • पूजा के बाद दान करना भी बहुत ज़रूरी माना जाता है.
  • इस दिन क्या करें:
  • सोना, चांदी या कोई शुभ चीज़ खरीदें.
  • नया बिज़नेस, इन्वेस्टमेंट या काम शुरू करें.
  • ज़रूरतमंदों को खाना, पानी या कपड़े दान करें.
  • भगवान विष्णु और लक्ष्मी की पूजा करें.

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