Engineering Story: हर साल लाखों छात्र IIT JEE को क्रैक करने का सपना देखते हैं, लेकिन हर किसी की मंजिल एक जैसी नहीं होती. ऐसी ही एक प्रेरक कहानी सामने आई है, जिसमें एक भारतीय टेक प्रोफेशनल ने असफलताओं से सीख लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की. अमित दत्ता (Amit Dutta) ने अपने संघर्ष और सफलता की कहानी सोशल मीडिया पर साझा की. उनका यह सफर कई छात्रों के लिए उम्मीद और प्रेरणा का स्रोत बन गया है.
अमित बताते हैं कि 2018 में वे IIT में दाखिला पाने में असफल रहे. उस समय उनके कई दोस्त प्रतिष्ठित संस्थानों में चयनित हो गए थे, जबकि वे एक ऐसे कॉलेज में थे जिसे बहुत कम लोग जानते थे. यह समय उनके लिए काफी कठिन था. लेकिन उन्होंने खुद को वहीं रोकने के बजाय एक बड़ा फैसला लिया, उन्होंने अपने कॉलेज को लेकर दुखी होना छोड़ दिया और अपनी स्किल्स पर ध्यान देना शुरू किया. उनका मानना था कि एक अच्छा इंजीनियर बनने के लिए केवल कॉलेज का नाम ही मायने नहीं रखता.
असफलता से मिली नई दिशा
साल 2021 में उन्हें एक और झटका लगा, जब उन्होंने Microsoft में इंटर्नशिप के लिए इंटरव्यू दिया, लेकिन चयन नहीं हो पाया. इस असफलता ने उन्हें तोड़ा जरूर, लेकिन साथ ही और मजबूत भी बनाया. अमित ने हार मानने के बजाय और मेहनत करने का फैसला किया. उन्होंने अपनी तकनीकी स्किल्स को बेहतर किया और खुद को लगातार आगे बढ़ाने में जुटे रहे.
Google में मिली पहली बड़ी सफलता
उनकी मेहनत का परिणाम 2022 में मिला, जब उन्हें Google में फुल-टाइम नौकरी मिली. यह उनके करियर का पहला बड़ा टर्निंग पॉइंट था. यहां काम करते हुए उन्होंने न केवल अपने प्रोफेशनल स्किल्स को निखारा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स पर काम करने और विभिन्न देशों में यात्रा करने का अवसर भी पाया. इससे उनका आत्मविश्वास और अनुभव दोनों बढ़े.
Meta के साथ लंदन तक का सफर
अमित के जीवन में सबसे बड़ा बदलाव तब आया, जब Meta ने उन्हें लंदन ऑफिस के लिए अप्रोच किया. उन्होंने छह कठिन इंटरव्यू राउंड पास किए और आखिरकार इस मौके को हासिल कर लिया. आज वे लंदन में एक उच्च वेतन वाली नौकरी कर रहे हैं, जहां उनका पैकेज लगभग 1.7 करोड़ बताया जाता है. यह उपलब्धि उनके संघर्ष, धैर्य और लगातार सीखने की इच्छा का परिणाम है.
सोशल मीडिया पर मिली सराहना
अमित की कहानी ने इंटरनेट पर कई लोगों को प्रेरित किया है. यूज़र्स का कहना है कि यह इस बात का उदाहरण है कि सफलता केवल IIT जैसे संस्थानों तक सीमित नहीं है. कई लोगों ने इसे “real motivation” बताया और कहा कि कड़ी मेहनत और सही सोच से कोई भी अपने लक्ष्य तक पहुंच सकता है.