90s Hit Song: बॉलीवुड की फिल्मों में पुरुषों से ज़्यादा महिलाओं का किरदार कठिनाइयों से भरा होता है. अक्सर ऐसा होता है कि महिलाओं को फिल्म शूटिंग को दौरान कई ऐसे फिजिकल सीन करने पढ़ते हैं जिन्हे करने से असहज महसूस करती हैं लेकिन फिर भी वो कर लेती हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमिताभ बच्चन ने कई ऐसे बोल्ड सीन किए हैं, जिनकी चर्चा आज भी होती है. ऐसा ही एक सीन स्मिता पाटिल के साथ था, जिसके बाद कहा जाता है कि स्मिता पूरी रात फूट-फूटकर रोई थीं. आइए जानते हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ था, जिससे स्मिता इतनी परेशान हो गई थीं.
गाने में करने पड़े थे बोल्ड सीन
आपकी जानकारी के लिए बताए दें कि बॉलीवुड के ‘मेगास्टार’ अमिताभ बच्चन और बेहद टैलेंटेड एक्ट्रेस स्मिता पाटिल ने 1982 में आई फिल्म ‘नमक हलाल’ में साथ काम किया था. यह फिल्म तो ज़बरदस्त हिट रही, लेकिन इसके एक गाने की शूटिंग के दौरान स्मिता काफी परेशान हो गई थीं. इस फिल्म का मशहूर गाना ‘आज रपट जाएं तो हम न उठइयो’ आज भी लोगों की ज़बान पर है और काफी पसंद किया जाता है. लेकिन, इस गाने की शूटिंग के दौरान अमिताभ और स्मिता को कई बोल्ड सीन करने के लिए कहा गया था. इस सीन में स्मिता ने सफेद साड़ी पहनी थी, और उनके और अमिताभ के कई क्लोज़-अप शॉट लिए गए थे, जिनमें वे एक-दूसरे के काफी करीब थे.
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कमरा बंदकर फुट-फूटकर रोईं एक्ट्रेस
स्मिता को मेनस्ट्रीम कमर्शियल फिल्मों में अक्सर होने वाले नाच-गाने और बोल्ड सीन बिल्कुल भी पसंद नहीं थे. नमक हलाल कमर्शियल सिनेमा में उनकी पहली बड़ी फिल्म थी. इस गाने की शूटिंग के दौरान वो काफी असहज महसूस कर रही थीं; उन्हें खास तौर पर वे क्लोज़-अप शॉट और बोल्ड सीन बिल्कुल पसंद नहीं आए, जो उन्हें करने पड़े थे. इस गाने में अमिताभ और स्मिता के बीच कई बोल्ड सीन थे, जिससे स्मिता काफी परेशान हो गईं. शूटिंग खत्म होने के बाद स्मिता घर गईं, खुद को अपने कमरे में बंद कर लिया और पूरी रात फूट-फूटकर रोती रहीं. उन्हें लगा कि यह काम उनकी अपनी छवि और उनके मूल सिद्धांतों के खिलाफ है. वो बहुत दुखी थीं और सोच रही थीं कि उन्हें ऐसे सीन करने के लिए क्यों मजबूर किया गया.
अमिताभ ने दिया कम्फर्ट जॉन
अमिताभ बच्चन ने स्मिता की परेशानी को समझा. उन्होंने स्मिता को समझाया कि एक एक्टर के तौर पर, जो फिल्मों में काम करता है, उसे हर तरह का रोल निभाने के लिए तैयार रहना चाहिए. उन्होंने तर्क दिया कि अगर कोई एक्टर किसी रोल को पूरे दिल से नहीं निभाता, तो उस अभिनय में सच्चाई नज़र नहीं आती. अमिताभ की सलाह से आश्वस्त होकर, स्मिता ने हिम्मत जुटाई और बाकी की शूटिंग पूरी की. दोनों के बीच गहरी दोस्ती थी. स्मिता अक्सर बच्चन परिवार के यहाँ आती-जाती थीं.