Evergreen Bollywood Songs: साल 1990… हिंदी सिनेमा में एक ऐसी फिल्म ने दस्तक दी, जिसकी कहानी से ज्यादा उसके गानों ने लोगों के दिलों पर कब्जा कर लिया. सिनेमाघरों में फिल्म देखने वालों से ज्यादा लोग उसके कैसेट खरीदने के लिए बेताब नजर आए. गली-मोहल्लों से लेकर घरों की बालकनी तक बस एक ही आवाज सुनाई देती थी. ये आवाज थी कुमार सानू और अनुराधा पौडवाल की. फिल्म थी महेश भट्ट की ‘आशिकी’.
राहुल रॉय और अनु अग्रवाल की इस फिल्म ने दोनों कलाकारों को रातोंरात स्टार बना दिया. हालांकि असली तूफान इसके म्यूजिक ने खड़ा किया. फिल्म के 11 गानों का एल्बम ऐसा चला कि इसे हिंदी सिनेमा के सबसे ज्यादा बिकने वाले साउंडट्रैक में गिना जाता है. कई रिपोर्ट्स में इसके दो करोड़ से ज्यादा यूनिट बिकने का दावा किया गया है. यहां तक कि IMDb के मुताबिक, बिक्री का आंकड़ा एक करोड़ पार करने के बाद टी-सीरीज ने इसकी गिनती बंद कर दी थी.
हर गाना बन गया प्यार की आवाज
फिल्म का संगीत नदीम-श्रवण ने तैयार किया था और गीत समीर, रानी मलिक और मदन पाल ने लिखे थे. खास बात ये थी कि एल्बम का लगभग हर गाना अपनी अलग पहचान बनाने में कामयाब रहा. इसके गाने कुमार सानू और अनुराधा पौडवाल ने गाया.
फिल्म के यादगार गाने
- जाने-जिगर जानेमन
- मैं दुनिया भुला दूंगा
- एक सनम चाहिए आशिकी के लिए
- नजर के सामने
- तू मेरी जिंदगी है
- दिल का आलम
- अब तेरे बिन
- धीरे-धीरे से मेरी जिंदगी में आना
- मेरा दिल तेरे लिए
ऐसी थी राहुल और अनु की प्रेम कहानी
फिल्म की कहानी राहुल और अनु की मुलाकात से शुरू होती है. राहुल अपने पिता की दूसरी शादी से नाराज होकर घर में हंगामा करता है. वो पुलिस स्टेशन पहुंच जाता है. दूसरी तरफ अनु भी हॉस्टल से भागकर पुलिस के पास पहुंचती है. यहीं दोनों पहली बार मिलते हैं और धीरे-धीरे उनकी दोस्ती प्यार में बदल जाती है. अनु के सपनों को पूरा करने के लिए राहुल उसके करियर में मदद करता है. जैसे-जैसे दोनों अपने करियर में आगे बढ़ते हैं, रिश्ते में गलतफहमियां आने लगती हैं. प्यार और करियर के बीच कहानी कई मोड़ लेती है. आखिरकार राहुल अनु को जाने से रोक लेता है और दोनों का प्यार अपनी मंजिल तक पहुंचता है.
बना कुमार सानू के करियर का टर्निंग पॉइंट
आशिकी सिर्फ राहुल रॉय और अनु अग्रवाल के लिए ही नहीं, बल्कि कुमार सानू के करियर के लिए भी बड़ा मोड़ साबित हुई. उनकी आवाज फिल्म के रोमांटिक गानों की पहचान बन गई. दिलचस्प बात यह है कि कुमार सानू ने फिल्म में सिर्फ गाया ही नहीं था. वे एक छोटे से किरदार में नजर भी आए थे. उन्होंने एक गुंडे का किरदार निभाया था, हीरो जिसकी पिटाई करता है.