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Home > लाइफस्टाइल > तरबूज लाल है या इंजेक्शन वाला? FSSAI के इन 3 आसान टेस्ट से घर बैठे पकड़ें मिलावट!

तरबूज लाल है या इंजेक्शन वाला? FSSAI के इन 3 आसान टेस्ट से घर बैठे पकड़ें मिलावट!

Real vs Fake watermelon: मार्केट में इन दिनों केमिकल से पके हुए तरबूजों का अंबार है, जिसे खाते ही आप बीमार पड़ सकते हैं. खासतौर पर, बच्चे, गर्भवती महिलाएं और बुजुर्गों को गंभीर हेल्थ प्रॉबलम्स हो सकती हैं. इसलिए FSSAI ने तरबूज की पहचान से जुड़ी गाइडलाइन्स जारी की हैं, ताकि आप हल्दी तरबूज खाके अपनी सेहत बना सकें और मिलावट के जंजाल से निकल सकें.

Written By:
Edited By: Gaurav Verma
Last Updated: 2026-05-02 10:55:14

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Real vs Fake watermelon: गर्मी का सीजन यानी तरबूज का सीजन. ये एक ऐसा फल है जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ शरीर में पोषण और पानी की कमी को भी दूर करता है. इसमें फाइबर कंटेट भी भरपूर मात्रा में होता है, जो पेट को भरा हुआ रखता है, लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि मार्केट में जो तरबूज आ रहे हैं, इनमें से ज्यादा कैमिकली इंजेक्टेड हैं. ये भी पॉसीबल है कि आज या कल में जो तरबूज आपके घर पर आया है, उसकी रंगत, मिठास और लालपन को बढ़ाने के लिए केमिकल इंजेक्शन लगाया हो. जी हां, ऐसा हो सकता है, इसलिए तो FSSAI ने तरबूज की शुद्धता और मिलावट को पहचानने का तरीका बताया है. जानें इसके बारे में-

कैसे पहचानें कैमिकल वाला तरबूज?

तरबूज की बढ़ती मांग को देखते हुए फल मार्केट में कई विक्रेता तरबूज में कैमिकल इंजेक्शन लगाते हैं, ताकि फल को मीठा, लाल और हाइड्रेटिंग बताके अच्छे दामों पर बेचा जा सके. क्योंकि ज्यादातर लोग फल के गहरे रंग को देखके मिठास का अंदाजा लगाते हैं, इसलिए विक्रेता भी तरबूज का लालपन बढ़ाने के लिए इनमें एरिथ्रोसिन नाम के हानिकारक कैमिकल का यूज करते हैं, जिससे तरबूज ज्यादा पका हुआ और रंगत से अच्छा लगता है, लेकिन इसे खाने पर आपको पेट से जुड़ी समस्याओं का शिकार हो सकते हैं. इसलिए गर्मी में तरबूज खाने पर फूड पॉइजनिंग के मामले भी सामने आते हैं. कई बार इससे आंतों पर भी बुरा असर पड़ सकता है.

फिर कैसे पहचानें तरबूज हेल्दी है या नहीं?

इकॉनोमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में नेचुरल और मिलावटी तरबूज को पहचानने का तरीका बताया है कि ताकि आप इसके हानिकारक प्रभावों से बच सकें.

  • नकली या मिलावटी तरबूज को पहचानने के लिए इसके इंटरनल कंटेंट यानी इसके फाइबर की रंगत को देखें.
  • प्राकृतिक रुप से पका हुआ तरबूज अंदर से थोड़ा लाल-गुलाबी सी रंगत लिए होता है, जिसके रेशे कहीं लाल और कीं गुलाबी होंगे.
  • जबकि कैमिकली राइपनिंग या इंजेक्शन वाला तरबूज अंदर से ज्यादा लाल और कुछ गला हुआ निकल सकता है.
  • केमिकल से पकाए गए तरबूज के फाइबर अंदर से चमकीले और ज्यादा गहरे नजर आ सकते हैं.

टिशू पेपर टेस्ट

तरबूज में केमिकल की मिलावट को पहचानने के लिए घर पर ही टिशू पेपर टेस्ट कर सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले तरबूज को धोकर काटें और इसका एक छोटा सा टुकड़ा अलग कर लें. अब इस टुकड़े को टिशू पेपर या रुई के गोले पर धीरे से रगड़ें. ऐसा करने पर यदि तरबूज का फाइबर लाल रंग छोड़ता है तो इसे आर्टिफिशियल कलर की मिलावट का संकेत समझिए, क्योंकि नेचुरल तरबूज का रंग चाहे कितना ही डार्क हो, वो दाग नहीं छोड़ता.

ये भी पढ़ें:-स्वाद में लाजवाब है शाही दाल की महारानी, रणवीर बरार स्टाइल में ऐसे करें तैयार, आएगा गजब का स्वाद

वॉटर टेस्ट

तरबूज का एक छोटा टुकडा पानी के गिलास में डालें. यदि ऐसा करते ही तरबूज अपना रंग लाल पानी में छोड़ने लगता है तो समझ जाएं कि इसमें आर्टिफिशियल कलर मिक्सिंग हुई है, क्योंकि नेचुरली पका हुआ तरबूज रंग नहीं छोड़ता. इसके रेशे अपने आप में लाल रंग के साथ विकसित होते हैं.

बनावट देखें

तरबूज का गूदा अपने आप में असली-नकली की पहचान करा सकता है. यदि ये दानेदार और सख्त है तो इसे खा सकते हैं, लेकिन ज्यादा नरम, गला हुआ, पानी छोड़ने वाला तरबूज नकली हो सकता है.

स्वाद चखें

असली तरबूज का स्वाद हल्का मीठा और हाइड्रेटिंग होा, जबकि मिलावटी तरबूज की मिठास अलग ही लगेगी, ये कई बार-फीका या कड़वा भी हो सकता है.

बीज देखें

नेचुरली पके हुए तरबूज के बीज गहरे भूरे या काले रंग के और अच्छे से बने हुए होंगे, जबकि मिलावटी या कैमिकल से पकाए गए तरबूज के बीज सफेद, पीले, कम विकसित होंगे. 

बाहर से जांचे

एक नेचुरल ढंग से पके हुए तरबूज की सतह हर जगह से एक जैसी होगी, इसमें पीले रंग का धब्बा भी होगा, जो खेत की जमीन पर रखे जाने का संकेत है, जबकि मिलावटी तरबूज बाहर से चमकीला और गहरे रंग का दिखेगा. चांसेस हैं कि इसमें नेचुरल स्पॉट नहीं मिलेंगे.

सावधानी

ध्यान रखें कि कभी भी बाहर से लाए तरबूज को तुरंत न काटें. सबसे पहले इसे पानी से धोकर साफ कर लें, ताकि ऊपरी तरह से टॉक्सिंस अलग हो जाएं. आप चाहें तो तरबूज को कुछ समय तक पानी में भी छोड़ सकते हैं. कभी-भी कटा हुआ तरबूज बाजार से न खरीदें. हमेशा पूरे तरबूज को घर लाएं. फिर आप चाहें तो इसे काटकर फ्रिज में स्टोर कर सकते हैं.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है. 

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Last Updated: 2026-05-02 10:55:14

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Real vs Fake watermelon: गर्मी का सीजन यानी तरबूज का सीजन. ये एक ऐसा फल है जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ शरीर में पोषण और पानी की कमी को भी दूर करता है. इसमें फाइबर कंटेट भी भरपूर मात्रा में होता है, जो पेट को भरा हुआ रखता है, लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि मार्केट में जो तरबूज आ रहे हैं, इनमें से ज्यादा कैमिकली इंजेक्टेड हैं. ये भी पॉसीबल है कि आज या कल में जो तरबूज आपके घर पर आया है, उसकी रंगत, मिठास और लालपन को बढ़ाने के लिए केमिकल इंजेक्शन लगाया हो. जी हां, ऐसा हो सकता है, इसलिए तो FSSAI ने तरबूज की शुद्धता और मिलावट को पहचानने का तरीका बताया है. जानें इसके बारे में-

कैसे पहचानें कैमिकल वाला तरबूज?

तरबूज की बढ़ती मांग को देखते हुए फल मार्केट में कई विक्रेता तरबूज में कैमिकल इंजेक्शन लगाते हैं, ताकि फल को मीठा, लाल और हाइड्रेटिंग बताके अच्छे दामों पर बेचा जा सके. क्योंकि ज्यादातर लोग फल के गहरे रंग को देखके मिठास का अंदाजा लगाते हैं, इसलिए विक्रेता भी तरबूज का लालपन बढ़ाने के लिए इनमें एरिथ्रोसिन नाम के हानिकारक कैमिकल का यूज करते हैं, जिससे तरबूज ज्यादा पका हुआ और रंगत से अच्छा लगता है, लेकिन इसे खाने पर आपको पेट से जुड़ी समस्याओं का शिकार हो सकते हैं. इसलिए गर्मी में तरबूज खाने पर फूड पॉइजनिंग के मामले भी सामने आते हैं. कई बार इससे आंतों पर भी बुरा असर पड़ सकता है.

फिर कैसे पहचानें तरबूज हेल्दी है या नहीं?

इकॉनोमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में नेचुरल और मिलावटी तरबूज को पहचानने का तरीका बताया है कि ताकि आप इसके हानिकारक प्रभावों से बच सकें.

  • नकली या मिलावटी तरबूज को पहचानने के लिए इसके इंटरनल कंटेंट यानी इसके फाइबर की रंगत को देखें.
  • प्राकृतिक रुप से पका हुआ तरबूज अंदर से थोड़ा लाल-गुलाबी सी रंगत लिए होता है, जिसके रेशे कहीं लाल और कीं गुलाबी होंगे.
  • जबकि कैमिकली राइपनिंग या इंजेक्शन वाला तरबूज अंदर से ज्यादा लाल और कुछ गला हुआ निकल सकता है.
  • केमिकल से पकाए गए तरबूज के फाइबर अंदर से चमकीले और ज्यादा गहरे नजर आ सकते हैं.

टिशू पेपर टेस्ट

तरबूज में केमिकल की मिलावट को पहचानने के लिए घर पर ही टिशू पेपर टेस्ट कर सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले तरबूज को धोकर काटें और इसका एक छोटा सा टुकड़ा अलग कर लें. अब इस टुकड़े को टिशू पेपर या रुई के गोले पर धीरे से रगड़ें. ऐसा करने पर यदि तरबूज का फाइबर लाल रंग छोड़ता है तो इसे आर्टिफिशियल कलर की मिलावट का संकेत समझिए, क्योंकि नेचुरल तरबूज का रंग चाहे कितना ही डार्क हो, वो दाग नहीं छोड़ता.

ये भी पढ़ें:-स्वाद में लाजवाब है शाही दाल की महारानी, रणवीर बरार स्टाइल में ऐसे करें तैयार, आएगा गजब का स्वाद

वॉटर टेस्ट

तरबूज का एक छोटा टुकडा पानी के गिलास में डालें. यदि ऐसा करते ही तरबूज अपना रंग लाल पानी में छोड़ने लगता है तो समझ जाएं कि इसमें आर्टिफिशियल कलर मिक्सिंग हुई है, क्योंकि नेचुरली पका हुआ तरबूज रंग नहीं छोड़ता. इसके रेशे अपने आप में लाल रंग के साथ विकसित होते हैं.

बनावट देखें

तरबूज का गूदा अपने आप में असली-नकली की पहचान करा सकता है. यदि ये दानेदार और सख्त है तो इसे खा सकते हैं, लेकिन ज्यादा नरम, गला हुआ, पानी छोड़ने वाला तरबूज नकली हो सकता है.

स्वाद चखें

असली तरबूज का स्वाद हल्का मीठा और हाइड्रेटिंग होा, जबकि मिलावटी तरबूज की मिठास अलग ही लगेगी, ये कई बार-फीका या कड़वा भी हो सकता है.

बीज देखें

नेचुरली पके हुए तरबूज के बीज गहरे भूरे या काले रंग के और अच्छे से बने हुए होंगे, जबकि मिलावटी या कैमिकल से पकाए गए तरबूज के बीज सफेद, पीले, कम विकसित होंगे. 

बाहर से जांचे

एक नेचुरल ढंग से पके हुए तरबूज की सतह हर जगह से एक जैसी होगी, इसमें पीले रंग का धब्बा भी होगा, जो खेत की जमीन पर रखे जाने का संकेत है, जबकि मिलावटी तरबूज बाहर से चमकीला और गहरे रंग का दिखेगा. चांसेस हैं कि इसमें नेचुरल स्पॉट नहीं मिलेंगे.

सावधानी

ध्यान रखें कि कभी भी बाहर से लाए तरबूज को तुरंत न काटें. सबसे पहले इसे पानी से धोकर साफ कर लें, ताकि ऊपरी तरह से टॉक्सिंस अलग हो जाएं. आप चाहें तो तरबूज को कुछ समय तक पानी में भी छोड़ सकते हैं. कभी-भी कटा हुआ तरबूज बाजार से न खरीदें. हमेशा पूरे तरबूज को घर लाएं. फिर आप चाहें तो इसे काटकर फ्रिज में स्टोर कर सकते हैं.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है. 

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