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मौन व्रत और अन्न-जल त्यागने का दावा, जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई के भांजे की हालत बिगड़ी, अस्पताल में भी इलाज से इनकार

Sachin Thapan Hospital: अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद गैंगस्टर सचिन थापन उर्फ सचिन बिश्नोई की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, वह पिछले 17-18 दिनों से भूखा रहने के कारण गंभीर हालत में है और इलाज कराने से भी इनकार कर रहा है. वहीं, जेल प्रशासन का कहना है कि सचिन ने अपनी मांगों को लेकर कोई लिखित आवेदन नहीं दिया. उसने नवरात्र का हवाला देते हुए खुद को मौन व्रत पर बताया था. सचिन लॉरेंस बिश्नोई का भांजा है और सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के प्रमुख आरोपियों में शामिल है.

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Last Updated: October 21, 2026 18:50:31 IST

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Sachin Thapan Hospital: राजस्थान के अजमेर स्थित हाई सिक्योरिटी जेल में बंद गैंगस्टर सचिन थापन उर्फ सचिन बिश्नोई की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सचिन पिछले 17 18 दिनों से अन्न जल त्यागने की बात कह रहा है. लंबे समय तक भोजन नहीं करने के कारण उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है. डॉक्टर उसका इलाज करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वह उपचार कराने से भी इनकार कर रहा है. सचिन को अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के कैजुअल्टी वार्ड में लाया गया. इस घटनाक्रम के बाद जेल प्रशासन और अस्पताल के अधिकारी उसकी सेहत पर नजर रख रहे हैं. अस्पताल प्रशासन ने मामले की जानकारी संबंधित उच्चाधिकारियों को भी दे दी है. फिलहाल डॉक्टरों के सामने चुनौती उसकी स्थिति को देखते हुए इलाज शुरू कराने की है.

वरात्र और मौन व्रत का दिया हवाला

सचिन थापन के अन्न जल त्यागने के मामले में जेल प्रशासन ने अलग जानकारी दी है. जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ के मुताबिक, सचिन ने अपनी मांगों को लेकर अब तक कोई लिखित प्रार्थना पत्र नहीं दिया है. जब अधिकारी उससे मिलने हाई सिक्योरिटी जेल पहुंचे, तो उसने नवरात्र का हवाला देते हुए खुद को मौन व्रत पर बताया. इस कारण वह अधिकारियों से अपनी बात विस्तार से नहीं कर रहा था. जेल प्रशासन का कहना है कि सचिन की ओर से किसी मांग को औपचारिक रूप से दर्ज नहीं कराया गया. हालांकि, जेल अधीक्षक के मुताबिक, नवरात्र का व्रत शुरू होने से दो दिन पहले सचिन ने मौखिक रूप से एक मांग रखी थी. वह चाहता था कि हाई सिक्योरिटी जेल में बंद उसके दो अन्य साथियों को भी उसकी बैरक में रखा जाए.

दो साथियों को एक ही बैरक में रखने की मांग

जेल अधीक्षक के अनुसार, सचिन जिन दो कैदियों को अपनी बैरक में रखने की मांग कर रहा था, वे भी अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद हैं. जेल प्रशासन का आरोप है कि इन दोनों कैदियों ने हाल ही में अपनी बैरक में लगे सीसीटीवी कैमरे और टाइल्स तोड़ दिए थे. इस मामले में उनके खिलाफ सिविल लाइंस थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था. जेल प्रशासन का कहना है कि अनुशासनहीनता के मामले में कार्रवाई का सामना कर रहे इन कैदियों को सचिन के साथ एक ही बैरक में रखना सुरक्षा नियमों के अनुरूप नहीं होगा. इसी वजह से उसकी मौखिक मांग पूरी नहीं की जा सकती. अधिकारियों के मुताबिक, जेल में बंद कैदियों को रखने से जुड़े नियमों और सुरक्षा व्यवस्था का पालन करना जरूरी है.

अस्पताल में भी इलाज कराने से इनकार

अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अमित यादव ने बताया कि सचिन को अस्पताल लाया गया था और लंबे समय तक भूखे रहने के कारण उसकी हालत गंभीर हो गई है. डॉक्टर उसका इलाज करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन वह उपचार कराने से इनकार कर रहा है. अस्पताल प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी है और जेल प्रशासन के साथ समन्वय कर इलाज शुरू कराने की कोशिश की जा रही है. सचिन की बिगड़ती तबीयत के बीच उसकी चिकित्सकीय निगरानी की जा रही है. फिलहाल, इलाज से इनकार किए जाने के कारण डॉक्टरों और जेल अधिकारियों के सामने स्थिति को संभालने की चुनौती बनी हुई है.

कौन है सचिन थापन

सचिन थापन उर्फ सचिन बिश्नोई कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भांजा है. वह पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में प्रमुख आरोपियों में शामिल है. पुलिस जांच के मुताबिक, हत्या की साजिश में उसकी अहम भूमिका होने के आरोप सामने आए थे. उस पर हत्या से पहले रेकी करने और शूटरों को हथियारों सहित अन्य जरूरी मदद उपलब्ध कराने के आरोप भी लगे थे. फिलहाल सचिन अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद है. उसकी तबीयत बिगड़ने और अस्पताल में इलाज से इनकार करने का मामला सामने आने के बाद जेल प्रशासन और चिकित्सक उसकी स्थिति पर नजर रख रहे हैं. अन्न जल त्यागने के पीछे उसकी मांगों को लेकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए जेल प्रशासन की ओर से लिखित आवेदन नहीं मिलने की बात कही गई है. मामले में आगे की स्थिति उसकी सेहत और उपचार को लेकर होने वाली कार्रवाई पर निर्भर करेगी.

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Last Updated: October 21, 2026 18:50:31 IST

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Sachin Thapan Hospital: राजस्थान के अजमेर स्थित हाई सिक्योरिटी जेल में बंद गैंगस्टर सचिन थापन उर्फ सचिन बिश्नोई की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सचिन पिछले 17 18 दिनों से अन्न जल त्यागने की बात कह रहा है. लंबे समय तक भोजन नहीं करने के कारण उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है. डॉक्टर उसका इलाज करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वह उपचार कराने से भी इनकार कर रहा है. सचिन को अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के कैजुअल्टी वार्ड में लाया गया. इस घटनाक्रम के बाद जेल प्रशासन और अस्पताल के अधिकारी उसकी सेहत पर नजर रख रहे हैं. अस्पताल प्रशासन ने मामले की जानकारी संबंधित उच्चाधिकारियों को भी दे दी है. फिलहाल डॉक्टरों के सामने चुनौती उसकी स्थिति को देखते हुए इलाज शुरू कराने की है.

वरात्र और मौन व्रत का दिया हवाला

सचिन थापन के अन्न जल त्यागने के मामले में जेल प्रशासन ने अलग जानकारी दी है. जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ के मुताबिक, सचिन ने अपनी मांगों को लेकर अब तक कोई लिखित प्रार्थना पत्र नहीं दिया है. जब अधिकारी उससे मिलने हाई सिक्योरिटी जेल पहुंचे, तो उसने नवरात्र का हवाला देते हुए खुद को मौन व्रत पर बताया. इस कारण वह अधिकारियों से अपनी बात विस्तार से नहीं कर रहा था. जेल प्रशासन का कहना है कि सचिन की ओर से किसी मांग को औपचारिक रूप से दर्ज नहीं कराया गया. हालांकि, जेल अधीक्षक के मुताबिक, नवरात्र का व्रत शुरू होने से दो दिन पहले सचिन ने मौखिक रूप से एक मांग रखी थी. वह चाहता था कि हाई सिक्योरिटी जेल में बंद उसके दो अन्य साथियों को भी उसकी बैरक में रखा जाए.

दो साथियों को एक ही बैरक में रखने की मांग

जेल अधीक्षक के अनुसार, सचिन जिन दो कैदियों को अपनी बैरक में रखने की मांग कर रहा था, वे भी अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद हैं. जेल प्रशासन का आरोप है कि इन दोनों कैदियों ने हाल ही में अपनी बैरक में लगे सीसीटीवी कैमरे और टाइल्स तोड़ दिए थे. इस मामले में उनके खिलाफ सिविल लाइंस थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था. जेल प्रशासन का कहना है कि अनुशासनहीनता के मामले में कार्रवाई का सामना कर रहे इन कैदियों को सचिन के साथ एक ही बैरक में रखना सुरक्षा नियमों के अनुरूप नहीं होगा. इसी वजह से उसकी मौखिक मांग पूरी नहीं की जा सकती. अधिकारियों के मुताबिक, जेल में बंद कैदियों को रखने से जुड़े नियमों और सुरक्षा व्यवस्था का पालन करना जरूरी है.

अस्पताल में भी इलाज कराने से इनकार

अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अमित यादव ने बताया कि सचिन को अस्पताल लाया गया था और लंबे समय तक भूखे रहने के कारण उसकी हालत गंभीर हो गई है. डॉक्टर उसका इलाज करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन वह उपचार कराने से इनकार कर रहा है. अस्पताल प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी है और जेल प्रशासन के साथ समन्वय कर इलाज शुरू कराने की कोशिश की जा रही है. सचिन की बिगड़ती तबीयत के बीच उसकी चिकित्सकीय निगरानी की जा रही है. फिलहाल, इलाज से इनकार किए जाने के कारण डॉक्टरों और जेल अधिकारियों के सामने स्थिति को संभालने की चुनौती बनी हुई है.

कौन है सचिन थापन

सचिन थापन उर्फ सचिन बिश्नोई कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भांजा है. वह पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में प्रमुख आरोपियों में शामिल है. पुलिस जांच के मुताबिक, हत्या की साजिश में उसकी अहम भूमिका होने के आरोप सामने आए थे. उस पर हत्या से पहले रेकी करने और शूटरों को हथियारों सहित अन्य जरूरी मदद उपलब्ध कराने के आरोप भी लगे थे. फिलहाल सचिन अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद है. उसकी तबीयत बिगड़ने और अस्पताल में इलाज से इनकार करने का मामला सामने आने के बाद जेल प्रशासन और चिकित्सक उसकी स्थिति पर नजर रख रहे हैं. अन्न जल त्यागने के पीछे उसकी मांगों को लेकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए जेल प्रशासन की ओर से लिखित आवेदन नहीं मिलने की बात कही गई है. मामले में आगे की स्थिति उसकी सेहत और उपचार को लेकर होने वाली कार्रवाई पर निर्भर करेगी.

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