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CJP के नेताओं पर बड़ा संकट, क्राइम ब्रांच के हवाले सौंपा गया मामला; क्या दोनों की बढ़ सकती है सजा?

Saurav Das and Ashutosh Ranka: क्राइम ब्रांच अब CJP नेताओं के खिलाफ दर्ज दो केस की जांच करेगी.सौरव दास और आशुतोष रांका के जंतर-मंतर इलाके में कथित तौर पर घुसने से जुड़ा दूसरा केस सोमवार को क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया.

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Last Updated: October 21, 2026 08:27:13 IST

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Saurav Das and Ashutosh Ranka: मंगलवार (20 अक्टूबर) को दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मेंबर सौरव दास और आशुतोष रांका के खिलाफ दर्ज एक और केस क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया. क्राइम ब्रांच अब CJP नेताओं के खिलाफ दर्ज दो केस की जांच करेगी.सौरव दास और आशुतोष रांका के जंतर-मंतर इलाके में कथित तौर पर घुसने से जुड़ा दूसरा केस सोमवार को क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 13 अक्टूबर को सौरव दास, आशुतोष रांका, अजिंक्य शिंदे और कॉकरोच जनता पार्टी के 11 अन्य मेंबर एक प्राइवेट जगह से जंतर-मंतर पहुंचे थे. जंतर-मंतर को तय प्रोटेस्ट साइट्स की लिस्ट से बाहर कर दिया गया है.

हिरासत में लिए14 लोगों को 

जंतर-मंतर पर तैनात पुलिसवालों ने बीच-बचाव किया और उन्हें रोकने की कोशिश की. सभी 14 लोगों को हिरासत में ले लिया गया और दो केस दर्ज किए गए. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मेंबर सौरव दास और आशुतोष रांका ने अपनी रिहाई के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. वे जंतर-मंतर पर बिना इजाज़त एंट्री के मामले में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देंगे जिसमें उनकी ज्यूडिशियल कस्टडी बढ़ाई गई है. यह कदम SEM कोर्ट के 21 अक्टूबर तक उनकी ज्यूडिशियल कस्टडी बढ़ाने के एक दिन बाद आया है. कोर्ट ने कहा कि उनके व्यवहार से कानून के प्रति कोई सम्मान नहीं दिखता और यह दिखाता है कि वे पाबंदी वाली जगहों पर विरोध प्रदर्शन करते हैं.

सौरव दास और आशुतोष रांका को ज़मानत क्यों नहीं दी गई?

दिल्ली पुलिस ने उनकी लगातार हिरासत को सही ठहराते हुए कहा कि उन्होंने बार-बार कानून तोड़ा है. पुलिस को डर था कि अगर उन्हें रिहा कर दिया गया, तो वे फिर से कानून तोड़ सकते हैं और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए उकसा सकते हैं. जांच के बाद, SEM कोर्ट ने दोनों नेताओं को दी गई ज़मानत को अमान्य घोषित कर दिया. कोर्ट ने कहा कि पहचान के कागज़ात में गड़बड़ियां थीं और ज़मानत देने वाले उन लोगों के बारे में बेसिक जानकारी भी नहीं दे पाए जिनके लिए उन्होंने ज़मानत ली थी.

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Saurav Das and Ashutosh Ranka: मंगलवार (20 अक्टूबर) को दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मेंबर सौरव दास और आशुतोष रांका के खिलाफ दर्ज एक और केस क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया. क्राइम ब्रांच अब CJP नेताओं के खिलाफ दर्ज दो केस की जांच करेगी.सौरव दास और आशुतोष रांका के जंतर-मंतर इलाके में कथित तौर पर घुसने से जुड़ा दूसरा केस सोमवार को क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 13 अक्टूबर को सौरव दास, आशुतोष रांका, अजिंक्य शिंदे और कॉकरोच जनता पार्टी के 11 अन्य मेंबर एक प्राइवेट जगह से जंतर-मंतर पहुंचे थे. जंतर-मंतर को तय प्रोटेस्ट साइट्स की लिस्ट से बाहर कर दिया गया है.

हिरासत में लिए14 लोगों को 

जंतर-मंतर पर तैनात पुलिसवालों ने बीच-बचाव किया और उन्हें रोकने की कोशिश की. सभी 14 लोगों को हिरासत में ले लिया गया और दो केस दर्ज किए गए. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मेंबर सौरव दास और आशुतोष रांका ने अपनी रिहाई के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. वे जंतर-मंतर पर बिना इजाज़त एंट्री के मामले में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देंगे जिसमें उनकी ज्यूडिशियल कस्टडी बढ़ाई गई है. यह कदम SEM कोर्ट के 21 अक्टूबर तक उनकी ज्यूडिशियल कस्टडी बढ़ाने के एक दिन बाद आया है. कोर्ट ने कहा कि उनके व्यवहार से कानून के प्रति कोई सम्मान नहीं दिखता और यह दिखाता है कि वे पाबंदी वाली जगहों पर विरोध प्रदर्शन करते हैं.

सौरव दास और आशुतोष रांका को ज़मानत क्यों नहीं दी गई?

दिल्ली पुलिस ने उनकी लगातार हिरासत को सही ठहराते हुए कहा कि उन्होंने बार-बार कानून तोड़ा है. पुलिस को डर था कि अगर उन्हें रिहा कर दिया गया, तो वे फिर से कानून तोड़ सकते हैं और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए उकसा सकते हैं. जांच के बाद, SEM कोर्ट ने दोनों नेताओं को दी गई ज़मानत को अमान्य घोषित कर दिया. कोर्ट ने कहा कि पहचान के कागज़ात में गड़बड़ियां थीं और ज़मानत देने वाले उन लोगों के बारे में बेसिक जानकारी भी नहीं दे पाए जिनके लिए उन्होंने ज़मानत ली थी.

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