Flight Ticket Price: त्योहारों के मौसम में घर जाने या जरूरी काम से कहीं सफर करने के लिए फ्लाइट टिकट बुक करना कई बार जेब पर भारी पड़ जाता है. मांग बढ़ते ही हवाई किराये में होने वाली बढ़ोतरी यात्रियों की परेशानी बढ़ा देती है. अब इस मुद्दे पर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकार ने बताया कि भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024 के तहत तैयार किए गए नियमों को प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है. इन्हें प्रकाशित होने में करीब दो सप्ताह लग सकते हैं.
सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने क्या बताया?
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में देश के विमानन क्षेत्र को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने से जुड़ी याचिका पर सुनवाई हुई. इस दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति आर. महादेवन और न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की पीठ को बताया कि नए नियमों को प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है. सरकार के मुताबिक, इन्हें सार्वजनिक होने में लगभग दो सप्ताह का समय लग सकता है. पीठ ने सरकार से कहा कि अगली सुनवाई के दौरान भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024 के तहत बनाए गए नियम अदालत के सामने पेश किए जाएं. इस मामले में अगली सुनवाई 16 नवंबर को निर्धारित की गई है.
हवाई किराये पर नियंत्रण की मांग क्यों?
यह मामला सामाजिक कार्यकर्ता एस. लक्ष्मीनारायण की याचिका से जुड़ा है. याचिका में विमानन क्षेत्र के लिए एक स्वतंत्र नियामक बनाने की मांग की गई है. इसका उद्देश्य हवाई यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और एयरलाइन कंपनियों के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाना है. यात्रियों की एक बड़ी शिकायत यह भी रही है कि त्योहारों, छुट्टियों और खास मौकों पर टिकटों की कीमतें काफी बढ़ जाती हैं. ऐसे समय में परिवार के साथ यात्रा करना या अचानक टिकट बुक करना महंगा पड़ सकता है. इसी वजह से हवाई किराये को तर्कसंगत बनाने और इस क्षेत्र में स्पष्ट नियम लागू करने की मांग उठती रही है.
17 अगस्त को हुई थी सुनवाई
इससे पहले 17 अगस्त को सुनवाई हुई, जिसमें केंद्र ने अदालत को बताया था कि नियम तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है. उस समय मसौदा सीलबंद लिफाफे में पेश किया गया था और कुछ अंतिम चर्चाएं बाकी थीं. अब प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद इन नियमों के प्रकाशन का इंतजार है.