PM Who Did Not Hoist Flag at Red Fort: स्वतंत्रता दिवस भारत के लिए एक बेहद गौरव का दिन है. भारत इस साल अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. इस दिन हर साल 13 अगस्त को देश के प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराते हैं. साथ ही देश के नाम अपना संबोधन देते हैं. यह परंपरा 1947 से चली आ रही है. लेकिन, देश के इतिहास में ऐसे दो प्रधानमंत्री रहे हैं, जिन्हें ये गौरव नहीं मिला. आइए जानते हैं कौन हैं वो?
किस भारतीय PM ने कभी लाल किले से तिरंगा नहीं फहराया?
दो मशहूर प्रधानमंत्री जिन्हें कभी लाल किले से राष्ट्रीय झंडा फहराने का सम्मान नहीं मिला, वे हैं गुलजारीलाल नंदा और चंद्रशेखर.
गुलजारीलाल नंदा दो अलग-अलग मौकों पर भारत के एक्टिंग प्रधानमंत्री रहे, पहला 27 मई, 1964 को देश के पहले PM जवाहरलाल नेहरू की मौत के बाद, और दूसरा 11 जनवरी, 1966 को लाल बहादुर शास्त्री की मौत के बाद. गुजारीलाल नंदा का कार्यकाल 13-13 दिनों का था और कभी-कभी 15 अगस्त से मेल नहीं खाता था, इसलिए उन्हें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले पर तिरंगा फहराने का मौका नहीं मिला.
चंद्रशेखर के मामले में, वे 1990 के दशक के आखिर में एक मुश्किल दौर के दौरान भारत के 8वें प्रधानमंत्री बने, जब देश राजनीतिक अस्थिरता से गुजर रहा था. चंद्रशेखर का कार्यकाल 10 नवंबर 1990 से 21 जून 1991 तक 6 महीने से थोड़ा ज़्यादा चला, जिसके बाद कांग्रेस के साथ उनकी गठबंधन सरकार गिर गई और नए चुनाव हुए. इस तरह चंद्रशेखर को लाल किले पर भारतीय झंडा फहराने का मौका भी नहीं मिला क्योंकि 15 अगस्त उनके कार्यकाल में नहीं पड़ा.
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स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से भारतीय झंडा?
15 अगस्त, 1947 को, देश में ब्रिटिश राज खत्म होने के बाद भारत एक आजाद देश बना. भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इस मौके पर भारतीय झंडा फहराया और मशहूर लाल किले की प्राचीर से नए बने देश को संबोधित किया, जिससे एक परंपरा शुरू हुई जो आज भी जारी है.
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