Indian National Flag: भारत का राष्ट्रीय ध्वज जिसे हिंदी में तिरंगा भी कहा जाता है. हमारे देश के सबसे सम्मानित प्रतीकों में से एक है. यह ध्वज केवल कपड़े का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और गर्व का प्रतीक है.
भारत के राष्ट्रीय ध्वज का डिजाइन, रंग और आकार आधिकारिक नियमों द्वारा तय किए जाते हैं. इसका सीधा सा मतलब है कि जो कोई भी ध्वज बनाता है या उसका उपयोग करता है, उसे इन नियमों का सख्ती से पालन करना होगा.
भारतीय राष्ट्रीय ध्वज की लंबाई और चौड़ाई का सही अनुपात 3:2 है. यह ‘फ्लैग कोड ऑफ इंडिया’ में बताया गया है जिसमें ध्वज के स्वरूप, इसे बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और इसे फहराने के नियमों के बारे में भी जानकारी दी गई है.
भारतीय झंडे की लंबाई और चौड़ाई का अनुपात क्या है?
भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का आधिकारिक अनुपात 3:2 है. इसका मतलब है कि झंडे की लंबाई हमेशा तीन भाग और चौड़ाई (जिसे ऊंचाई भी कहा जाता है) हमेशा दो भाग होती है. भारत के ध्वज संहिता (Flag Code of India) के अनुसार, राष्ट्रीय ध्वज का आकार आयताकार होना चाहिए.
उदाहरण के लिए अगर झंडे की लंबाई 150 cm है तो चौड़ाई 100 cm होगी. इसलिए, झंडा चाहे कितना भी बड़ा या छोटा क्यों न हो, यह अनुपात हमेशा एक जैसा ही रहता है.
झंडे के बीच में बना पहिया क्या दर्शाता है
भारतीय ध्वज की सफेद पट्टी के बीच में एक पहिया बना हुआ है. इस पहिये को धर्मचक्र कहा जाता है और यह हमें भारत की प्राचीन विरासत से जोड़ता है. यह सारनाथ के ‘लायन कैपिटल’ (सिंह शीर्ष) पर बने अशोक चक्र से प्रेरित है जो अब हमारा राष्ट्रीय प्रतीक है. 22 जुलाई 1947 को अपनाया गया अशोक चक्र सिर्फ. एक डिज़ाइन नहीं है.
‘द फ्लैग कोड ऑफ इंडिया 2002’ के अनुसार बीच वाली पट्टी सफेद रंग की होगी जिसके केंद्र में गहरे नीले रंग का अशोक चक्र बना होगा और उसमें समान दूरी पर 24 तीलियां होंगी. अशोक चक्र को सही तरीके से स्क्रीन प्रिंट, प्रिंट, स्टेंसिल या कढ़ाई करके बनाया जा सकता है और यह सफेद पट्टी के केंद्र में झंडे के दोनों तरफ साफ-साफ दिखना चाहिए.
अशोक चक्र की 24 तीलियां 24 गुणों को दर्शाती हैं जो सदाचार, न्याय, ईमानदारी और सुशासन के सिद्धांतों का प्रतीक हैं.
अशोक चक्र की 24 तीलियां:
- आशा
- प्रेम
- साहस
- धैर्य
- शांति
- अच्छाई
- निष्ठा
- सौम्यता
- दयालुता
- निस्वार्थ भाव
- आत्म-नियंत्रण
- आत्म-त्याग
- सत्य
- धर्म/सही आचरण
- न्याय
- दया
- कृपा/उदारता
- विनम्रता
- सहानुभूति (दूसरों की भावनाओं को समझना)
- करुणा
- ज्ञान
- विवेक
- नैतिक मूल्य
- परोपकार