Jamshedpur Accident: जमशेदपुर में गुरुवार तड़के हुए एक भीषण सड़क हादसे ने चार परिवारों की खुशियां छीन लीं. सोनारी थाना क्षेत्र में मरीन ड्राइव पर दोमुहानी के पास एक तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई. हादसे में कार्मेल जूनियर कॉलेज के 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले चार छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई. मृतकों में सार्थक अग्रवाल, नमन गुप्ता, वंशिका खंडेलवाल और झारखंड की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी तृषा सिंह शामिल थीं.
पुलिस के अनुसार, हादसा रात करीब 3 बजे हुआ. बताया जा रहा है कि सड़क पर एक ट्रक खराब होने के कारण खड़ा था. इसी दौरान तेज रफ्तार कार पीछे से ट्रक में जा घुसी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार चारों छात्रों की जान चली गई. जानकारी के अनुसार, मंत्री की बेटी तृषा सिंह का अंतिम संस्कार रांची में किया जाएगा.
जमशेदपुर के दोमुहानी मरीन ड्राइव पर भीषण सड़क हादसे में ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी तृषा सिंह समेत 4 लोगों की मौत हो गई। हादसा गुरुवार तड़के करीब 3 बजे हुआ। मुख्यमंत्री ने घटना पर शोक जताया। pic.twitter.com/t1XirQ6LiZ
— Kunal Singh (@Ibn7Kunal) September 24, 2026
गैस कटर से निकाले गए शव
जानकारी के अनुसार, हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे. कार की हालत इतनी खराब थी कि अंदर फंसे छात्रों को बाहर निकालने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल करना पड़ा. चारों को एमजीएम अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. हादसे से कुछ समय पहले चारों छात्रों के दोमुहानी इलाके में होने की बात भी सामने आई है. एक रेस्टोरेंट के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में उनकी कार के कदमा की ओर जाने की तस्वीरें कैद होने की जानकारी मिली है.
चारों परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
सार्थक अग्रवाल सोनारी के रहने वाले थे. उनके पिता चेतन अग्रवाल सीए हैं और हादसे के वक्त उनके माता-पिता केदारनाथ गए हुए थे. नमन गुप्ता के पिता बिष्टुपुर में एसी और फ्रिज से जुड़ा कारोबार करते हैं. वहीं वंशिका खंडेलवाल आदित्यपुर की रहने वाली थीं. तृषा सिंह की मौत की खबर सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में भी शोक की लहर दौड़ गई. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत कई नेताओं ने हादसे पर दुख जताया. मानगो की मेयर सुधा गुप्ता भी पहले सोनारी थाना और फिर एमजीएम अस्पताल पहुंचीं. उन्होंने मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और उनके परिवार के प्रति संवेदना जताई.
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