Nashik Engineering Student Case: महाराष्ट्र के नासिक जिले के पंचवटी पुलिस थाना क्षेत्र में इंजीनियरिंग की एक छात्रा ने अपने ही कॉलेज में पढ़ने वाले एक छात्र पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. पीड़िता ने दावा किया है कि आरोपी ने लंबे समय तक उनका शारीरिक शोषण किया और उसे दूसरे धर्म की ओर प्रेरित करने की कोशिश की. इसके अलावा, पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके गले से तुलसी की माला और हाथ से कलावा को हटवा दिया और उसे गजवा ए हिंद में शामिल का निर्देश दिया.
पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और आगे की जांच की जा रही है.
आरोपी ने शराब और सिगरेट पीने के लिए किया मजबूर
इस पूरे मामले पर पुलिस का बयान सामने आया है. जिसमें पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि इंजीनियरिंग की छात्रा ने अपने क्लासमेट तंजीर इनामदार पर शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया. इसके अलावा, पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उसके गले से तुलसी की माला निकाल दी और उससे गजवा ए हिंद में शामिल होने को कहा. आरोपी ने जबरदस्ती शराब और सिगरेट पीने के लिए भी मजबूर किया.
पीड़िता ने क्या बताया?
पीड़िता ने बताया कि जून 2024-25 से जनवरी 2026 तक नासिक जिले के अलग-अलग स्थानों पर आरोपी उसका हाथ पकड़ लेता था, ज़बरदस्ती उसे गले लगाता था और काफी जोर से मेरे गले के पास काटता था. पीड़िता जब इसका विरोध करती थी तो वह कहता था कि यह एक लव बाइट है.
फोटो वायरल करने की देता था धमकी
पीड़िता ने आगे अपने बयान में कहा है कि आरोपी जबरन सिगरेट पीने के लिए भी मजबूर करता था. इसके अलावा जनवरी 2026 में उसने फोटो वायरल करने की धमकी देकर आरटीओ ऑफिस के सामने स्थित भक्ति इन लॉज में ले जाकर कमरे में जबरन शराब पिलाई और फिर शारीरिक शोषण किया. पीड़िता ने कहा कि आरोपी ने मेरे गले की तुलसी माला और बाएं हाथ का धागा उतरवा दिया. साथ ही कहा कि वह मेरा मुस्लिम रीति के अनुसार गजवा ए हिंद करना चाहता है.
नासिक में सामने आया टीसीएस मामला
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नासिक में हाल ही में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के ऑफिस से सामने आए यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के मामले ने देश को हिलाकर रख दिया है. इस मामले की जांच में केंद्रीय सुरक्षा एजेसियां, पुलिस और राष्ट्रीय महिला आयोग की टीमें जुटी हैं. यौन शोषण और धर्मांतरण मामले में अब तक सात लोगों की गिरफ्तारी हुई है. यह सभी आरोपी टीसीएस के ही कर्मचारी हैं. पुलिस ने 25 मार्च को पहली FIR दर्ज की. धीरे-धीरे और भी पीड़ित सामने आए. अब तक 9 FIR दर्ज हो चुकी हैं.