Chandra Kumar Bose Launches Azad Hind Party | New Gen Z Party: चंद्र कुमार बोस ने 11 अगस्त, 2026 को आज़ाद हिंद पार्टी नाम से एक नई राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया है. 66 साल के चंद्र कुमार बोस नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते हैं. इस ऐलान के बाद राजनीतिक पार्टी में भूचाल मचा दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये पार्टी युवाओं यानी GEN Z और नेताजी की सबको साथ लेकर चलने वाली सेक्युलर सोच को फ़ॉलो करेगा. चंद्र कुमार बोस बोस ने कहा, ‘आजादी के लगभग 80 साल बाद, युवा एक बार फिर आगे आ रहे हैं. हमने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों में वह जोश देखा.’
Gen Z ने दिया नया आइडिया
Gen Z प्रोटेस्ट के बाद वह इस कदम के लिए मोटिवेट हुए. NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर Gen Z ने मिलकर विरोध प्रदर्शन किया. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जून के आखिर में शुरू हुए इस प्रदर्शनों को लीड किया. जुलाई 2026 में यूनियन एजुकेशन मिनिस्टर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ प्रोटेस्ट खत्म हुआ, जो प्रोटेस्ट कर रहे स्टूडेंट्स की एक मुख्य मांग थी.
भाजपा पर साधा निशाना
चंद्र कुमार बोस ने आरोप लगाया कि’ पॉलिटिक्स और इंस्टीट्यूशन्स में बड़े पैमाने पर करप्शन ने युवा भारतीयों को मौजूदा सिस्टम से फ्रस्ट्रेट कर दिया है.’ उन्होंने कहा, ‘सभी पॉलिटिकल पार्टियां इसमें शामिल हैं. एजुकेशन, हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री में, करप्शन ज़िंदगी का एक तरीका बन गया है.’ उन्होंने आगे कहा कि ‘युवा लोग सरकारों, एडमिनिस्ट्रेशन और दूसरे इंस्टीट्यूशन्स से तंग आ चुके हैं. उन्हें अपने हक के लिए लड़ने के लिए पॉलिटिकल स्पेस की जरूरत है. नेताजी की आज़ाद हिंद फौज, आज़ाद हिंद पार्टी के बैनर तले लड़ने से बेहतर क्या हो सकता है?’
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चंद्र कुमार बोस का राजनीतिक अनुभव
चंद्र कुमार बोस 2016 में BJP में शामिल हुए और सात साल तक रहे, हालांकि बाद में उन्होंने पार्टी में शामिल होने के फैसले को गलती बताया. उन्हें उम्मीद थी कि वह नेताजी की आइडियोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए वादे के मुताबिक ‘आजाद हिंद मोर्चा’ को लीड करेंगे. बोस ने कहा, ‘मैंने सात साल तक इंतज़ार किया, सब्र से इंतजार किया. लेकिन आजाद हिंद मोर्चा नहीं बना. यह क्यों नहीं बना? इस सवाल का जवाब सिर्फ BJP लीडरशिप ही दे सकती है. उन्होंने कमिटमेंट किया था. नहीं तो, मैं कभी BJP में शामिल नहीं होता.’ इसके बाद पश्चिम बंगाल असेंबली इलेक्शन से पहले अप्रैल 2026 में TMC में शामिल हुए थे. उन्हें लगता था कि वे नेताजी की विरासत को आगे बढ़ा सकते हैं. बोस ने सिर्फ चार महीने बाद 3 अगस्त, 2026 को TMC से ऑफिशियली इस्तीफा दे दिया.
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