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Odisha snake case: एक ही रात में उजड़ गया परिवार, जहरीले सांप ने मां-बेटे को डसा, इलाज के दौरान दोनों की मौत

Odisha snake case: ओडिशा के गजपति जिले में घर में सो रहे परिवार के बीच दो जहरीले सांप घुस आए. सांप के डसने से महिला ललिता रैत और उनके सात वर्षीय बेटे अमित कुमार की हालत गंभीर हो गई. अस्पताल में इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई, जबकि परिवार के दो अन्य सदस्य सुरक्षित हैं.

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Last Updated: 2026-08-08 16:01:07

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Odisha snake case: ओडिशा के गजपति जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां घर में सो रहे एक परिवार पर रात के अंधेरे में जहरीले सांपों ने हमला कर दिया. सांप के डसने से एक महिला और उसके सात वर्षीय बेटे की मौत हो गई. इस हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया, वहीं पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है. घटना गजपति जिले के रायगढ़ा ब्लॉक की जालंग पंचायत के कदमाताल गांव की बताई जा रही है. मृतकों की पहचान ललिता रैत और उनके सात वर्षीय बेटे अमित कुमार रैत के रूप में हुई है. हादसे में परिवार के दो अन्य सदस्य सुरक्षित हैं.

रात में घर में घुसे दो जहरीले सांप

जानकारी के मुताबिक, गुरुवार रात अजय कुमार रैत अपनी पत्नी ललिता, सात वर्षीय बेटे अमित और करीब डेढ़ साल की बेटी के साथ घर में सो रहे थे. इसी दौरान दो जहरीले सांप घर के अंदर घुस आए. परिवार के बाकी सदस्य जब गहरी नींद में थे, तभी सांपों ने ललिता और अमित के हाथ में डस लिया. कुछ देर बाद दोनों दर्द से कराहने लगे. उनकी आवाज सुनकर अजय कुमार की नींद खुली. उन्होंने घर के अंदर सांपों को देखा तो परिवार में अफरा-तफरी मच गई.

हालत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया गया

सांप के डसने के बाद परिजनों ने दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया. वहां प्राथमिक उपचार के बाद भी ललिता और अमित की हालत में सुधार नहीं हुआ. उनकी स्थिति लगातार गंभीर होती चली गई. डॉक्टरों ने दोनों की हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए पारलाखेमुंडी जिला मुख्यालय अस्पताल रेफर कर दिया. परिजन दोनों को लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद मां और बेटे की जान नहीं बचाई जा सकी. इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया.

पिता और डेढ़ साल की बेटी बची

इस हादसे में अजय कुमार रैत और उनकी करीब डेढ़ साल की बेटी सुरक्षित हैं. दोनों को सांप ने नहीं डसा. एक ही रात में पत्नी और बेटे को खोने के बाद अजय कुमार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.परिवार के लिए यह हादसा इसलिए भी बेहद भयावह है क्योंकि कुछ ही घंटों में घर के दो सदस्यों की जान चली गई.

गांव में पसरा मातम

मां और बेटे की मौत की खबर सामने आते ही कदमाताल गांव में शोक की लहर दौड़ गई. ग्रामीणों के मुताबिक, घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है. एक ही परिवार के दो लोगों की सांप के डसने से मौत ने ग्रामीणों में भी डर का माहौल पैदा कर दिया है. बारिश और उमस के मौसम में सांपों के घरों और रिहायशी इलाकों में पहुंचने की घटनाएं सामने आती रहती हैं. ऐसे में ग्रामीण इलाकों में घर के आसपास साफ-सफाई रखने और रात में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है.

बारिश के मौसम में बढ़ जाता है सांपों का खतरा

मानसून के दौरान सांपों के बिलों में पानी भरने के कारण वे सुरक्षित और सूखी जगह की तलाश में घरों की ओर आ सकते हैं. जमीन पर सोने वाले परिवारों के लिए ऐसे समय में अतिरिक्त सावधानी जरूरी हो जाती है. विशेषज्ञों की सलाह है कि घर में सांप दिखाई देने पर उसे पकड़ने या मारने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. सुरक्षित दूरी बनाकर प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम या संबंधित स्थानीय अधिकारियों से मदद लेनी चाहिए. वहीं सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचना सबसे जरूरी है.

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Odisha snake case: ओडिशा के गजपति जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां घर में सो रहे एक परिवार पर रात के अंधेरे में जहरीले सांपों ने हमला कर दिया. सांप के डसने से एक महिला और उसके सात वर्षीय बेटे की मौत हो गई. इस हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया, वहीं पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है. घटना गजपति जिले के रायगढ़ा ब्लॉक की जालंग पंचायत के कदमाताल गांव की बताई जा रही है. मृतकों की पहचान ललिता रैत और उनके सात वर्षीय बेटे अमित कुमार रैत के रूप में हुई है. हादसे में परिवार के दो अन्य सदस्य सुरक्षित हैं.

रात में घर में घुसे दो जहरीले सांप

जानकारी के मुताबिक, गुरुवार रात अजय कुमार रैत अपनी पत्नी ललिता, सात वर्षीय बेटे अमित और करीब डेढ़ साल की बेटी के साथ घर में सो रहे थे. इसी दौरान दो जहरीले सांप घर के अंदर घुस आए. परिवार के बाकी सदस्य जब गहरी नींद में थे, तभी सांपों ने ललिता और अमित के हाथ में डस लिया. कुछ देर बाद दोनों दर्द से कराहने लगे. उनकी आवाज सुनकर अजय कुमार की नींद खुली. उन्होंने घर के अंदर सांपों को देखा तो परिवार में अफरा-तफरी मच गई.

हालत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया गया

सांप के डसने के बाद परिजनों ने दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया. वहां प्राथमिक उपचार के बाद भी ललिता और अमित की हालत में सुधार नहीं हुआ. उनकी स्थिति लगातार गंभीर होती चली गई. डॉक्टरों ने दोनों की हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए पारलाखेमुंडी जिला मुख्यालय अस्पताल रेफर कर दिया. परिजन दोनों को लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद मां और बेटे की जान नहीं बचाई जा सकी. इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया.

पिता और डेढ़ साल की बेटी बची

इस हादसे में अजय कुमार रैत और उनकी करीब डेढ़ साल की बेटी सुरक्षित हैं. दोनों को सांप ने नहीं डसा. एक ही रात में पत्नी और बेटे को खोने के बाद अजय कुमार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.परिवार के लिए यह हादसा इसलिए भी बेहद भयावह है क्योंकि कुछ ही घंटों में घर के दो सदस्यों की जान चली गई.

गांव में पसरा मातम

मां और बेटे की मौत की खबर सामने आते ही कदमाताल गांव में शोक की लहर दौड़ गई. ग्रामीणों के मुताबिक, घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है. एक ही परिवार के दो लोगों की सांप के डसने से मौत ने ग्रामीणों में भी डर का माहौल पैदा कर दिया है. बारिश और उमस के मौसम में सांपों के घरों और रिहायशी इलाकों में पहुंचने की घटनाएं सामने आती रहती हैं. ऐसे में ग्रामीण इलाकों में घर के आसपास साफ-सफाई रखने और रात में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है.

बारिश के मौसम में बढ़ जाता है सांपों का खतरा

मानसून के दौरान सांपों के बिलों में पानी भरने के कारण वे सुरक्षित और सूखी जगह की तलाश में घरों की ओर आ सकते हैं. जमीन पर सोने वाले परिवारों के लिए ऐसे समय में अतिरिक्त सावधानी जरूरी हो जाती है. विशेषज्ञों की सलाह है कि घर में सांप दिखाई देने पर उसे पकड़ने या मारने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. सुरक्षित दूरी बनाकर प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम या संबंधित स्थानीय अधिकारियों से मदद लेनी चाहिए. वहीं सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचना सबसे जरूरी है.

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