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Z plus Security vs Z Security Difference: Z+ सुरक्षा से कितनी अलग है Z सुरक्षा? आखिर क्यों केजरीवाल ने छिना राघव चड्ढा से कवच

Z plus Security vs Z Security Difference: क्या आप जानते हैं कि Z+ सुरक्षा से Z सुरक्षा कितनी अलग है? आज हम आपको इसकी पूरी जानकारी देने वाले हैं.

Written By: Heena Khan
Last Updated: April 16, 2026 13:40:25 IST

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Z plus Security vs Z Security Difference: राघव चड्ढा का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उप-नेता पद से हटाए जाने के कुछ ही दिनों बाद, पंजाब सरकार ने बुधवार को इस सांसद को दी गई Z+ श्रेणी की सुरक्षा हटा ली है. सूत्रों ने बताया कि 37 वर्षीय चड्ढा की सुरक्षा के लिए तैनात पंजाब पुलिस के अधिकारियों और जवानों को तुरंत मुख्यालय में रिपोर्ट करने को कहा गया है. यह कदम AAP और उसके पंजाब के सांसद के बीच बढ़ती और कड़वी होती जा रही तनातनी के बीच उठाया गया कदम है. AAP के इस कदम के तुरंत बाद, गृह मंत्रालय ने हस्तक्षेप करते हुए AAP सांसद को सुरक्षा कवर देने की पेशकश की. सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्रालय AAP सांसद को दिल्ली और पंजाब में ‘Z’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करेगा, जबकि देश के बाकी हिस्सों में उन्हें ‘Y’ श्रेणी की सुरक्षा मिलेगी. चलिए जान लेते हैं की Z+ security और Z security में क्या फर्क है. 

क्या होती है Z Security?

भारत में Z Security मध्यम से उच्च स्तर की सुरक्षा प्रदान करती है, जिसमें लगभग 22 कर्मियों की एक सुरक्षा टीम शामिल होती है; इस टीम में 4-5 NSG कमांडो और पुलिस अधिकारी होते हैं. इस सुरक्षा स्तर में एक एस्कॉर्ट वाहन (सुरक्षा वाहन), एक पायलट वाहन, और यात्रा तथा सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा के व्यापक उपाय शामिल होते हैं.

कितने कर्मी चलते  हैं साथ ? 

Z Security में लगभग 22 कर्मियों की एक सुरक्षा टीम शामिल होती है, जिसमें 4-5 NSG कमांडो और पुलिस कर्मी शामिल होते हैं. वहीं अगर इनके वाहन की बात की जाए तो  Z Security के अंतर्गत आने वाले व्यक्ति को एक एस्कॉर्ट वाहन और एक पायलट वाहन प्रदान किया जाता है. ये वाहन काफिले का हिस्सा होते हैं, ताकि आवागमन त्वरित और सुरक्षित हो सके.

जाने इसकी सुरक्षा के बारे में 

Z Security कवर में एक सुव्यवस्थित टीम शामिल होती है, जो यात्रा के दौरान, घर पर और सार्वजनिक कार्यक्रमों में व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करती है. सुरक्षा टीम में हथियारबंद गार्ड शामिल होते हैं, और कुछ कर्मी ‘क्लोज कॉम्बैट’ यानी हाथापाई वाली लड़ाई  में एक्सपर्ट होते हैं.

इन हथियारों के साथ होते हैं कमांडो 

NSG कमांडो अत्याधुनिक हथियारों और संचार उपकरणों से लैस होते हैं, ताकि किसी भी खतरे का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके.

किसको दी जाती है Z Security ? 

 Z Security आमतौर पर उन व्यक्तियों को प्रदान की जाती है, जिनके लिए खतरे का स्तर मध्यम से उच्च माना जाता है. इसमें राजनेता, उच्च-प्रोफ़ाइल व्यवसायी और अन्य ऐसे व्यक्ति शामिल हो सकते हैं, जिन्हें अपने पद या गतिविधियों के कारण विशेष खतरों का सामना करना पड़ता है.

जानें क्या होती है Z+ Plus Security? 

भारत में Z Plus Security सुरक्षा का उच्चतम स्तर प्रदान करती है; यह आमतौर VIPs के लिए होती है. इसमें 36-40 कर्मियों की एक भारी सुरक्षा टीम शामिल होती है, जिसमें NSG कमांडो, पुलिस और खुफिया अधिकारी तक शामिल होते हैं. इसमें सुरक्षा की कई परतें, उन्नत तकनीकी उपाय और व्यक्ति की हर समय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े प्रोटोकॉल शामिल होते हैं.

कितने कर्मी होते हैं साथ 

Z Plus Security ज्यादा प्रभावशाली होती है, जिसमें लगभग 55 कर्मियों की एक सुरक्षा टीम शामिल होती है; इस टीम में पुलिस और CRPFकर्मियों के अलावा 10 से अधिक NSG कमांडो शामिल होते हैं. अगर वाहन की बात की जाए तो  Z Plus Security के अंतर्गत आने वाले व्यक्ति के पास एक अधिक विस्तृत काफिला होता है, जिसमें कई एस्कॉर्ट वाहन, एक पायलट वाहन और कभी-कभी एक एम्बुलेंस भी शामिल होती है.

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जानें इसकी सुरक्षा के बारे में ?

सुरक्षा के इस स्तर में अत्यंत कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल शामिल होते हैं. सुरक्षा टीम को व्यक्ति की निकट सुरक्षा का दायित्व सौंपा जाता है; इसमें उन्नत सुरक्षा जांच, निगरानी और खतरों को बेअसर करने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया टीमें शामिल होती हैं. 

इन हथियारों से लेस होती है टीम 

 Z Plus सुरक्षा कर्मी आधुनिक हथियारों और अत्याधुनिक संचार उपकरणों से लैस होते हैं. NSG कमांडो आतंकवाद-रोधी अभियानों, VIP सुरक्षा और नज़दीकी लड़ाई की रणनीतियों में उच्च प्रशिक्षित होते हैं.

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Written By: Heena Khan
Last Updated: April 16, 2026 13:40:25 IST

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क्या होती है Z Security?

भारत में Z Security मध्यम से उच्च स्तर की सुरक्षा प्रदान करती है, जिसमें लगभग 22 कर्मियों की एक सुरक्षा टीम शामिल होती है; इस टीम में 4-5 NSG कमांडो और पुलिस अधिकारी होते हैं. इस सुरक्षा स्तर में एक एस्कॉर्ट वाहन (सुरक्षा वाहन), एक पायलट वाहन, और यात्रा तथा सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा के व्यापक उपाय शामिल होते हैं.

कितने कर्मी चलते  हैं साथ ? 

Z Security में लगभग 22 कर्मियों की एक सुरक्षा टीम शामिल होती है, जिसमें 4-5 NSG कमांडो और पुलिस कर्मी शामिल होते हैं. वहीं अगर इनके वाहन की बात की जाए तो  Z Security के अंतर्गत आने वाले व्यक्ति को एक एस्कॉर्ट वाहन और एक पायलट वाहन प्रदान किया जाता है. ये वाहन काफिले का हिस्सा होते हैं, ताकि आवागमन त्वरित और सुरक्षित हो सके.

जाने इसकी सुरक्षा के बारे में 

Z Security कवर में एक सुव्यवस्थित टीम शामिल होती है, जो यात्रा के दौरान, घर पर और सार्वजनिक कार्यक्रमों में व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करती है. सुरक्षा टीम में हथियारबंद गार्ड शामिल होते हैं, और कुछ कर्मी ‘क्लोज कॉम्बैट’ यानी हाथापाई वाली लड़ाई  में एक्सपर्ट होते हैं.

इन हथियारों के साथ होते हैं कमांडो 

NSG कमांडो अत्याधुनिक हथियारों और संचार उपकरणों से लैस होते हैं, ताकि किसी भी खतरे का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके.

किसको दी जाती है Z Security ? 

 Z Security आमतौर पर उन व्यक्तियों को प्रदान की जाती है, जिनके लिए खतरे का स्तर मध्यम से उच्च माना जाता है. इसमें राजनेता, उच्च-प्रोफ़ाइल व्यवसायी और अन्य ऐसे व्यक्ति शामिल हो सकते हैं, जिन्हें अपने पद या गतिविधियों के कारण विशेष खतरों का सामना करना पड़ता है.

जानें क्या होती है Z+ Plus Security? 

भारत में Z Plus Security सुरक्षा का उच्चतम स्तर प्रदान करती है; यह आमतौर VIPs के लिए होती है. इसमें 36-40 कर्मियों की एक भारी सुरक्षा टीम शामिल होती है, जिसमें NSG कमांडो, पुलिस और खुफिया अधिकारी तक शामिल होते हैं. इसमें सुरक्षा की कई परतें, उन्नत तकनीकी उपाय और व्यक्ति की हर समय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े प्रोटोकॉल शामिल होते हैं.

कितने कर्मी होते हैं साथ 

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इन हथियारों से लेस होती है टीम 

 Z Plus सुरक्षा कर्मी आधुनिक हथियारों और अत्याधुनिक संचार उपकरणों से लैस होते हैं. NSG कमांडो आतंकवाद-रोधी अभियानों, VIP सुरक्षा और नज़दीकी लड़ाई की रणनीतियों में उच्च प्रशिक्षित होते हैं.

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