आदित्य धर निर्देशित और रणवीर सिंह अभिनीत ‘धुरंधर’ फिल्म में जो दिखाया गया है, वह अब पाकिस्तान में हकीकत होता नजर आ रहा है. पाकिस्तान में एक्टिव आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के लिए बुरी खबर सामने आई है. LeT के संस्थापक सदस्यों में से एक आमिर हमज़ा को लाहौर में कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मार दी है. बुरी तरह से घायल आमिर हमजा को फिलहाल एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां पर उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है. एक साल से भी कम समय में यह दूसरी बार है जब आमिर हमज़ा पर हमला हुआ है. पिछले साल मई में कुछ अज्ञात लोगों ने लाहौर में उनके घर के बाहर इस आतंकी को गोली मार दी थी, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया था. बाद में पाकिस्तानी अधिकारियों ने कथित तौर पर उनकी सुरक्षा बढ़ा दी थी, लेकिन उन्होंने इस घटना पर कोई टिप्पणी नहीं की थी.
कौन हैं आमिर हमज़ा?
आमिर हमजा की बात करें वह 10 मई, 1959 को पंजाब प्रांत के गुजरांवाला में जन्मा अफ़ग़ान जिहाद का एक पुराना लड़ाका हैं. उसने वर्ष 1985 और 1986 के बीच आतंकी हाफ़िज़ सईद के साथ मिलकर LeT की सह-स्थापना की थी. LeT अमेरिका द्वारा घोषित एक आतंकी संगठन है. हमज़ा कई आतंकी गतिविधियों से जुड़े रहे हैं, जिनमें भारत में हुई गतिविधियां भी शामिल हैं. माना जाता है कि उन्होंने बेंगलुरु में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ साइंस (IISc) पर 2005 में हुए आतंकी हमले की योजना बनाने में मदद की थी, यह कश्मीर के बाहर LeT के पहले बड़े हमलों में से एक था.
अमेरिका भी घोषित कर चुका है आतंक
सईद के बाद LeT के दूसरे सबसे महत्वपूर्ण नेता माने जाने वाले हमज़ा ने पिछले कुछ सालों में इस आतंकी संगठन के भीतर कई अहम पदों पर काम किया है। उन्होंने संगठन के प्रोपेगैंडा विंग (प्रचार शाखा) और आउटरीच अभियानों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. अमेरिकी वित्त विभाग ने उन्हें प्रतिबंधित आतंकियों की सूची में शामिल किया हुआ है. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने हमज़ा को अभी भी ‘वैश्विक आतंकवादी’ के तौर पर नामित किया हुआ है. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग उसे LeT के दशकों से चले आ रहे भर्ती, कट्टरपंथ फैलाने और चंदा जुटाने के अभियानों में एक अहम व्यक्ति मानता है.
हाफिज सईद के साथ संगठन को संभालता था
2012 में अमेरिकी वित्त विभाग ने एक बयान जारी कर कहा था कि हमज़ा LeT की केंद्रीय सलाहकार समिति का हिस्सा थे और सईद की सीधी देखरेख में संगठन के बाहरी संबंधों को संभालने में उसने अहम भूमिका निभाई थी. 2010 तक, हमज़ा LeT से जुड़े एक चैरिटी संगठन में भी काम करते थे और सईद की देखरेख वाले LeT के एक यूनिवर्सिटी ट्रस्ट में वरिष्ठ पद पर थे.
लेख भी लिखे हैं अखबारों में
LeT के एक शीर्ष विचारक माने जाने वाले 66 वर्षीय हमज़ा एक जोशीले वक्ता और विपुल लेखक के तौर पर जाने जाते हैं. इसके अलावा, वे LeT की प्रचार सामग्री को फैलाने में भी सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं. उन्होंने संगठन के साप्ताहिक अख़बार का संपादन किया और उसमें नियमित रूप से लेख भी लिखे.