Live TV
Search
Home > लाइफस्टाइल > कांच, तांबा या स्टील? प्यास बुझाने के लिए कौन सा बर्तन है सेहत के लिए ‘असली हीरो’?

कांच, तांबा या स्टील? प्यास बुझाने के लिए कौन सा बर्तन है सेहत के लिए ‘असली हीरो’?

Copper vs Steel vs Glass: गर्मी के दिनों में हाइड्रेशन मेंटेन करना भी अपने आप में बड़ा टास्क है. ज्यादा पानी सेहत के लिए नुकसानदेह है तो कम पानी से शरीर में नमी कम होने लगती है. वहीं प्लास्टिक की बोतल से पानी पीने से बॉडी में टॉक्सिंस इकट्ठा होने लगते हैं. वैसे तो पानी पीने के लिए कुछ लोग कांच, स्टील या कॉपर का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन सवाल ये है कि इन तीनों में हेल्थ के लिए कौन सा बेस्ट ऑप्शन है?

Written By: Kajal Jain
Last Updated: April 18, 2026 10:38:00 IST

Mobile Ads 1x1

Copper vs Steel vs Glass:  गर्मी हो या सर्दी, पानी तो हम सब पीते हैं. इससे बॉडी में हाइड्रेशन बनी रहती है और हानिकारक टॉक्सिंस शरीर के बाहर निकलते रहते हैं. पानी पीना जितना इंपॉर्टेंट है, पानी के बर्तन का ख्याल रखना भी उतना ही जरूरी है. ज्यादातर लोग प्लास्टिक की बोतल में पानी पीते हैं, जो अफॉर्डेबल तो है. लेकिन सेहत के लिए हेल्दी ऑप्शन नहीं है. ऐसे में सवाल आता है कि पानी पीने के लिए कौन सी बोतल या कौन सा धातु बेस्ट रहेगा? तांबा, स्टील और कांच….क्या आप भी इसी जवाब को तलाशते हुए यहां आए तो जानें धातु और इसमें रखे पानी के पीछे का साइंस-

पानी के लिए कौन सा बर्तन बेस्ट है?

मार्केट में प्लास्टिक की बोतल आसानी से मिल जाती है, लेकिन ये हेल्थ के लिए सेफ ऑप्शन नहीं है. ऐसे में तांबा, स्टील और कांच की ओर रुरख करना ही फायदेमंद रहेगा. ये बिना किसी हानिकारक प्रभाव के पानी को स्टोर करते हैं. इनमें से हर किसी के विशेष फायदे भी हैं. इनमें से कुछ तो आपके डायजेशन को इंप्रूव करने में भी मदद करते हैं. जानें कैसे?

तांबा

तांबा धातु के आयुर्वेद में कई फायदे गिनाए गए हैं. यदि आप सुबह खाली पेट तांबे के बर्तन में पानी पीते हैं तो ये आपकी बॉडी से टॉक्सिंस और बीमारी पैदा करने वाले तत्वों को बाहर निकाल देता है. नियमित तांबे के गिलास या बोतल से पानी पीने पर पेट की सफाई होती रहती है. ये ना सिर्फ आपकी त्वचा को चमकाता है, बल्कि इम्यूनिटी को भी बढ़ाता है.

सावधानी: तांबे में पानी को कम से कम 7-8 घंटे स्टोर करने के बाद ही पिए. ये तब ही फायदेमंद रहेगा. तांबा सेहत के लिए अच्छी धातु है, लेकिन इसके बर्तन में पानी को कई दिन तक स्टोर नहीं करना चाहिए. ये पुराने पानी में केमिकल रिएक्शन करके पाचन को खराब भी कर सकता है. रोजाना बोतल का पानी बदलना या ताजा पानी भरके पीना ही सही रहती है. 

स्टील

स्टील को बर्तनों में पानी पीने के कोई नुकसान नहीं है और न ही कोई फायदा है. खासतौर पर स्टेनलेस स्टील के गिलास और बोतलों को आँख बंद करके स्टील चुन सकते हैं. सभी झंझटों से दूर ये एक सेफ मेटल है, जिसमें न जंग लगता है, न कोई केमिकल पानी में घुलता है. चाहे पानी गर्म हो या ठंडा. ये इसके बर्तन कोई साइड इफेक्ट क्रिएट नहीं करते. बशर्ते, अच्छी क्वालिटी का स्टील या स्टेनलैस स्टील हो.

कांच

कांच भी किसी वस्तु के साथ रिएक्ट नहीं करता. हालांकि ये एक नाजुक विकल्प है, जो पानी के साथ तो रिएक्ट नहीं करता, लेकिन इसे ध्यान से रखना पड़ता है. कांच का गिलास या बोतल हाथ से छूटते या गिरते ही टूट सकती है. हालांकि कांच की बोतल में पानी पीने से भी हेल्थ के लिए टेंशन पैदा नहीं होती, लेकिन इसके ढक्कन पर ला पेंट या पॉलिमर से पॉलीइथिलीन (PE) के कण पानी में घुल सकते हैं. यदि आप कांच की बोतल खरीद रहे हैं तो इसके ढक्कन का भी विशेष ध्यान रखें.

पानी को स्टोर करने या बोतल के लिए कांच, तांबा या स्टील किसी बी धातु को चुन सकते हैं, लेकिन प्लास्टिक की बोतल अवॉइड करना ही समझदारी होगी. इसमें BPA या थैलेट जैसे हानिकारक तत्व पानी में धुलकर धीरे धीरे सेहत को नुकसान पहुंचाते रहते हैं और आपको पता भी नहीं चलता.

Tags:

MORE NEWS

Home > लाइफस्टाइल > कांच, तांबा या स्टील? प्यास बुझाने के लिए कौन सा बर्तन है सेहत के लिए ‘असली हीरो’?

Written By: Kajal Jain
Last Updated: April 18, 2026 10:38:00 IST

Mobile Ads 1x1

Copper vs Steel vs Glass:  गर्मी हो या सर्दी, पानी तो हम सब पीते हैं. इससे बॉडी में हाइड्रेशन बनी रहती है और हानिकारक टॉक्सिंस शरीर के बाहर निकलते रहते हैं. पानी पीना जितना इंपॉर्टेंट है, पानी के बर्तन का ख्याल रखना भी उतना ही जरूरी है. ज्यादातर लोग प्लास्टिक की बोतल में पानी पीते हैं, जो अफॉर्डेबल तो है. लेकिन सेहत के लिए हेल्दी ऑप्शन नहीं है. ऐसे में सवाल आता है कि पानी पीने के लिए कौन सी बोतल या कौन सा धातु बेस्ट रहेगा? तांबा, स्टील और कांच….क्या आप भी इसी जवाब को तलाशते हुए यहां आए तो जानें धातु और इसमें रखे पानी के पीछे का साइंस-

पानी के लिए कौन सा बर्तन बेस्ट है?

मार्केट में प्लास्टिक की बोतल आसानी से मिल जाती है, लेकिन ये हेल्थ के लिए सेफ ऑप्शन नहीं है. ऐसे में तांबा, स्टील और कांच की ओर रुरख करना ही फायदेमंद रहेगा. ये बिना किसी हानिकारक प्रभाव के पानी को स्टोर करते हैं. इनमें से हर किसी के विशेष फायदे भी हैं. इनमें से कुछ तो आपके डायजेशन को इंप्रूव करने में भी मदद करते हैं. जानें कैसे?

तांबा

तांबा धातु के आयुर्वेद में कई फायदे गिनाए गए हैं. यदि आप सुबह खाली पेट तांबे के बर्तन में पानी पीते हैं तो ये आपकी बॉडी से टॉक्सिंस और बीमारी पैदा करने वाले तत्वों को बाहर निकाल देता है. नियमित तांबे के गिलास या बोतल से पानी पीने पर पेट की सफाई होती रहती है. ये ना सिर्फ आपकी त्वचा को चमकाता है, बल्कि इम्यूनिटी को भी बढ़ाता है.

सावधानी: तांबे में पानी को कम से कम 7-8 घंटे स्टोर करने के बाद ही पिए. ये तब ही फायदेमंद रहेगा. तांबा सेहत के लिए अच्छी धातु है, लेकिन इसके बर्तन में पानी को कई दिन तक स्टोर नहीं करना चाहिए. ये पुराने पानी में केमिकल रिएक्शन करके पाचन को खराब भी कर सकता है. रोजाना बोतल का पानी बदलना या ताजा पानी भरके पीना ही सही रहती है. 

स्टील

स्टील को बर्तनों में पानी पीने के कोई नुकसान नहीं है और न ही कोई फायदा है. खासतौर पर स्टेनलेस स्टील के गिलास और बोतलों को आँख बंद करके स्टील चुन सकते हैं. सभी झंझटों से दूर ये एक सेफ मेटल है, जिसमें न जंग लगता है, न कोई केमिकल पानी में घुलता है. चाहे पानी गर्म हो या ठंडा. ये इसके बर्तन कोई साइड इफेक्ट क्रिएट नहीं करते. बशर्ते, अच्छी क्वालिटी का स्टील या स्टेनलैस स्टील हो.

कांच

कांच भी किसी वस्तु के साथ रिएक्ट नहीं करता. हालांकि ये एक नाजुक विकल्प है, जो पानी के साथ तो रिएक्ट नहीं करता, लेकिन इसे ध्यान से रखना पड़ता है. कांच का गिलास या बोतल हाथ से छूटते या गिरते ही टूट सकती है. हालांकि कांच की बोतल में पानी पीने से भी हेल्थ के लिए टेंशन पैदा नहीं होती, लेकिन इसके ढक्कन पर ला पेंट या पॉलिमर से पॉलीइथिलीन (PE) के कण पानी में घुल सकते हैं. यदि आप कांच की बोतल खरीद रहे हैं तो इसके ढक्कन का भी विशेष ध्यान रखें.

पानी को स्टोर करने या बोतल के लिए कांच, तांबा या स्टील किसी बी धातु को चुन सकते हैं, लेकिन प्लास्टिक की बोतल अवॉइड करना ही समझदारी होगी. इसमें BPA या थैलेट जैसे हानिकारक तत्व पानी में धुलकर धीरे धीरे सेहत को नुकसान पहुंचाते रहते हैं और आपको पता भी नहीं चलता.

Tags:

MORE NEWS