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Home > लाइफस्टाइल > क्या प्रेगनेंसी में ‘अल्कलाइन वॉटर’ सेफ है? किसे एक बूंद भी नहीं पीना चाहिए, जानें इस ‘हेल्थ ड्रिंक’ का सच

क्या प्रेगनेंसी में ‘अल्कलाइन वॉटर’ सेफ है? किसे एक बूंद भी नहीं पीना चाहिए, जानें इस ‘हेल्थ ड्रिंक’ का सच

Alkaline Water Precautions: सोशल मीडिया पर अल्कलाइन वॉटर के बारे में कई दावे किए जा रहे हैं कि ये मैजिकल वॉटर एनर्जी बढाता है, स्किन एजिंग रोकता है और मिनरल्स से भरपूर है. लेकिन ये जानना भी जरूरी है कि किन लोगों को अल्कलाइन नहीं पीना चाहिए. खासतौर पर प्रेग्नेंसी में अल्कलाइन वॉटर के क्या इफेक्ट हो सकते हैं. जानिए विस्तार से-

Written By: Kajal Jain
Last Updated: April 16, 2026 14:38:01 IST

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Alkaline Water Precautions: प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में कई बदलाव होते हैं. कभी मूड स्विंग्स तो कभी फूड क्रेविंग. इस दौरान महिलाओं को खान-पान का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है. बॉडी में हाइड्रेशन मेंटेन करना होता है ताकि हेल्थ प्रोब्लम्स न हो. प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के मन में अक्सर सवाल आता है कि क्या प्रेग्नेंसी में एल्कलाइन वॉटर पी सकते हैं. क्या ये गर्भवती महिलाओं और उनके बच्चे के लिए सुरक्षित है? तो इसका जवाब है-हां. अल्कलाइन वॉटर गर्भवती महिलाओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन एक्सपर्ट की सलाह लेने के बाद-

क्यों जरूरी है एक्सपर्ट की राय?

ज्यादातर डॉक्टर्स का यही मानना है कि प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को बॉडी में हाइड्रेशन मेंटेन करने के लिए बैलेंस मात्रा में पानी पीते रहना चाहिए. अल्कलाइन हो या सिंपल, ज्यादा पानी भी सेहत बिगाड़ सकता है. 

  • हर प्रेग्नेंट महिला की बॉडी, डायजेशन और पीएच अलग-अलग होता है, इसलिए बिना एक्सपर्ट की सलाह के अल्कलाइन वॉटर ना पिए.
  • गर्पीभवती महिलाओं में अल्कलाइन वॉटर से बार-बार उल्टी और किड़नी डिसऑर्डर भी हो सकता है. 
  • ज्यादा अल्कलाइन वॉटर गर्भवती महिलाओं में पीएच को डिसबैलेंस कर सकता है. 
  • प्रेग्नेंसी इंड्यूस्ड हायपरटेंशन जैसी हेल्थ प्रोब्लम में भी अल्कलाइन वॉटर नहीं पीना चाहिए. 

बेशक, अल्कलाइन वॉटर में पाए जाने वाले मिनरल्स सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं, लेकिन महिलाओं को अपनी गायनोकोलॉजिस्ट से कंसल्ट करके ही निर्णय लेना चाहिए.

क्या सच में pH बदल सकता है?

कुछ रिसर्च से पता चला है कि अल्कलाइन वॉटर पीने से यूरिन का pH बदल सकता है. लेकिन शरीर और खून का pH आपके कुछ भी खाने-पीने से नहीं बदलता. बॉडी का बल्ड pH हमेशा 7.35 से 7.45 के बीच ही रहता है.

क्या सावधानियां बरतें?

बेशक अल्कलाइन वॉटर तो हाइड्रेशन और मिनरल्स की खान कहा जाता है, लेकिन ज्यादा मात्रा में इसका सेवन करने पर सेहत को नुकसान भी हो सकता है, इसलिए सावधानी बरतते हुए अल्कलाइन वॉटर की तरफ बढ़ें-

  • रोजाना अल्कलाइन पानी का 1-2 ग्लास आपकी एसीडिटी को दूर करके पाचन को बेहतर बना सकता है.
  • मार्केट में मिलने वाले अल्कलाइन वॉटर में हार्मफुल एडिटिव्स पाए जाते हैं, इसलिए सोच-समझकर अल्कलाइन वॉटर पीना चाहिए.
  • किड़नी की समस्या और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को भी अल्कलाइन वॉटर अवॉइड करने की सलाह दी जाती है.
  • ज्यादा अल्कलाइन पानी पीने से अल्कलोसिस नाम की बीमारी हो सकती है, जिससे मांसपेशियों में खिंचाव, झुनझुनी, उल्टी, चक्कर और अनियमित हार्टबीट औक दौरे भी आ सकते हैं.

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Written By: Kajal Jain
Last Updated: April 16, 2026 14:38:01 IST

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Alkaline Water Precautions: प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में कई बदलाव होते हैं. कभी मूड स्विंग्स तो कभी फूड क्रेविंग. इस दौरान महिलाओं को खान-पान का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है. बॉडी में हाइड्रेशन मेंटेन करना होता है ताकि हेल्थ प्रोब्लम्स न हो. प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के मन में अक्सर सवाल आता है कि क्या प्रेग्नेंसी में एल्कलाइन वॉटर पी सकते हैं. क्या ये गर्भवती महिलाओं और उनके बच्चे के लिए सुरक्षित है? तो इसका जवाब है-हां. अल्कलाइन वॉटर गर्भवती महिलाओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन एक्सपर्ट की सलाह लेने के बाद-

क्यों जरूरी है एक्सपर्ट की राय?

ज्यादातर डॉक्टर्स का यही मानना है कि प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को बॉडी में हाइड्रेशन मेंटेन करने के लिए बैलेंस मात्रा में पानी पीते रहना चाहिए. अल्कलाइन हो या सिंपल, ज्यादा पानी भी सेहत बिगाड़ सकता है. 

  • हर प्रेग्नेंट महिला की बॉडी, डायजेशन और पीएच अलग-अलग होता है, इसलिए बिना एक्सपर्ट की सलाह के अल्कलाइन वॉटर ना पिए.
  • गर्पीभवती महिलाओं में अल्कलाइन वॉटर से बार-बार उल्टी और किड़नी डिसऑर्डर भी हो सकता है. 
  • ज्यादा अल्कलाइन वॉटर गर्भवती महिलाओं में पीएच को डिसबैलेंस कर सकता है. 
  • प्रेग्नेंसी इंड्यूस्ड हायपरटेंशन जैसी हेल्थ प्रोब्लम में भी अल्कलाइन वॉटर नहीं पीना चाहिए. 

बेशक, अल्कलाइन वॉटर में पाए जाने वाले मिनरल्स सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं, लेकिन महिलाओं को अपनी गायनोकोलॉजिस्ट से कंसल्ट करके ही निर्णय लेना चाहिए.

क्या सच में pH बदल सकता है?

कुछ रिसर्च से पता चला है कि अल्कलाइन वॉटर पीने से यूरिन का pH बदल सकता है. लेकिन शरीर और खून का pH आपके कुछ भी खाने-पीने से नहीं बदलता. बॉडी का बल्ड pH हमेशा 7.35 से 7.45 के बीच ही रहता है.

क्या सावधानियां बरतें?

बेशक अल्कलाइन वॉटर तो हाइड्रेशन और मिनरल्स की खान कहा जाता है, लेकिन ज्यादा मात्रा में इसका सेवन करने पर सेहत को नुकसान भी हो सकता है, इसलिए सावधानी बरतते हुए अल्कलाइन वॉटर की तरफ बढ़ें-

  • रोजाना अल्कलाइन पानी का 1-2 ग्लास आपकी एसीडिटी को दूर करके पाचन को बेहतर बना सकता है.
  • मार्केट में मिलने वाले अल्कलाइन वॉटर में हार्मफुल एडिटिव्स पाए जाते हैं, इसलिए सोच-समझकर अल्कलाइन वॉटर पीना चाहिए.
  • किड़नी की समस्या और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को भी अल्कलाइन वॉटर अवॉइड करने की सलाह दी जाती है.
  • ज्यादा अल्कलाइन पानी पीने से अल्कलोसिस नाम की बीमारी हो सकती है, जिससे मांसपेशियों में खिंचाव, झुनझुनी, उल्टी, चक्कर और अनियमित हार्टबीट औक दौरे भी आ सकते हैं.

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