Summer Cooling Tips: गर्मियां आते ही भारत के ज्यादातर इलाकों में धूप का पारा बढ़ जाता है. बाहर का तापमान इतना ज्यादा होता है कि घर के अंदर भी हीट जनरेट हो जाती है और कमरे गर्म हो जाते हैं. कुछ लोग एयर कंडीशनल के जरिए हीट को तो खत्म कर देते हैं, लेकिन बिजली का बिल होश उड़ा देता है. कुछ लोग AC को टाइम ब्रेक के साथ चलाते हैं, हालांकि ऐसा करने पर बिजली के बिल पर कुछ खास राहत नहीं मिलती, कमरे भी ओवन जैसा गर्म हो जाता है.
ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि एसी चलने पर बंद कमरे की दीवारें, फर्श और फर्नीचर हीट सोख लेते हैं और एसी बंद होते ही हीट रिलीज करने लगते हैं. इस सिचुएशन से बचने के लिए आप दिए गए हैक्स ट्राई कर सकते हैं.
AC ऑफ करके बंद कमरे में कूलिंग कैसे मेंटेन करें?
- एसी ऑन करने से पहले खिड़की और दरवाजों पर मोटे पर्दे या ब्लैकआउट कर्टेन्स लगाएं. इससे बाहर की गर्म हवा और धूप अंदर नहीं आएगी और बिना एसी भी कमरे में कूलिंग बनी रहेगी.
- एसी बंद करने से पहले पंखा चला दें, जिससे कमरे में चारों तरफ कूलिंग फैलने लगती है. कुछ देर बाद एसी बंद भी कर देंगे तो घंटों तक रूम ठंडा रहेगा.
- यदि आप टॉप फ्लोर पर रहते हैं तो छत पर कूल रूफ कोटिंग कराएं. कमरे की दीवारों पर सफेद पेंट भी करा सकते हैं.
- जब आवश्यकता न हो, तब टीवी, लैपटॉप, लाइट्स जैसे बिजली के उपकरणों को बंद कर दें. ये भी तेजी से हीट करते हैं.
- तापमान के सामान्य रहने पर एसी का इस्तेमाल करने से बचें. इस तरह बिजली का बिल बचाने में भी आसानी रहेगी.
एसी का टेंप्रेचर मेंटन करें
बाहर का तापमान चाहे जो हो, एसी का तापमान ना बढ़ाएं. एक रिसर्च से पता चला है कि यदि एसी को डिफॉप्ट टेंप्रेचर पर यूज करके आप 24 प्रतिशत तक बिजली का बिल बचा सकते हैं. दरअसल, जब बाहर का तापमान बढ़ने पर एसी के टेंप्रेचर को कम करते हैं तो कंप्रेसर पर प्रेशर बढ़ता है और बिजली का बिल ज्यादा आता है. ऐसे में यदि आप तापमान बढ़ने पर एसी टेंप्रेचर डिफॉल्ट पर ही रखते हैं तो एक बार में 6% तक बिजली बचती है.
आपके लिए क्या सही है?
हमारे शरीर का एवरेज तापमान 36 से 37 डिग्री के बीच रहता है. यदि रूम से इससे कम तापमान है तो हमारे लिए नॉर्मल बात है. यदि फिर भी कूलिंग चाहिए तो एसी को 18 डिग्री पर चलाने के बजाए 23-24 रखें. ये हमारी बॉडी के लिए भी कंफर्टेबल और पॉकेट फ्रेंडली रहता है.
ये काम करना न भूलें
अक्सर ऐसा होता है कि एसी के डक्ट्स और वेंट में ज्यादा धूल और गंदगी इकट्ठा हो जाती है, जिससे कंप्रेसर पर प्रेशर बढ़ता है, जिससे बिल भी ज्यादा आता है. कमरे में बिना किसी प्रेशर के कूलिंग मेंटेन करने के लिए, साल में एक बार तो गंदे फिल्टर बदलकर नए लगाने चाहिए. ये एसी की एनर्जी की खपत को 5% से 15% तक कम कर सकता है.