Emu Bird in Ayodhya: रामनगरी अयोध्या के ऐतिहासिक बहू बेगम मकबरे के परिसर में एक ऐसा पक्षी देखा गया, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए. ये पक्षी ऑस्ट्रेलिया का दुर्लभ पक्षी ‘इमू’ है, जो उड़ नहीं सकता. ऐसे में लोगों के मन में ये सवाल है कि अगर ये इमु उड़ नहीं सकता, तो आखिर अयोध्या कैसे पहुंचा. इस पक्षी के मिलने की खबर सुनकर लोगों में इसे देखने की उत्सुकता बढ़ गई. इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग वहां पहुंचने लगे. बहुत से लोगों ने इस पक्षी का वीडियो बनाया, तो कुछ इसके रंग-ढंग और चाल-ढाल देखकर हैरान रह गए.
इस मामले में वन विभाग के डीएफओ प्रखर गुप्ता का कहना है कि बहू बेगम मकबरा परिसर में इमू का एक जोड़ा है. ये मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया का है और ये शुतुरमुर्ग की प्रजाति है. हालांकि ये पक्षी उड़ नहीं सकता है और इसकी रफ्तार और इसका व्यवहार ही इसकी खासियत है. इसके कारण ये दुनिया के दिलचस्प पक्षियों में आता है.
क्या है इमू की खासियत?
आपको जानकर हैरानी होगी कि इमू को दुनिया के उन पक्षियों की लिस्ट में ऊपर रखा गया है, जो बिल्कुल नहीं उड़ सकते. इसकी बनावट शुतुरमुर्ग से काफी मिलती जुलती है. इसकी लंबी गर्दन और मजबूत पैर हैं. ये तेज दौड़ने के लिए भी जाना जाता है. विशेषज्ञों की मानें, तो ये पक्षी 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकता है. इतना ही नहीं, ये पक्षी जरूरत पड़ने पर तैर भी सकता है. ये सर्वाहारी होता है और फल, घास और अनाज के साथ ही कीड़े-मकोड़े भी खा सकता है. ये पक्षी 25-30 सालों तक जीवित रह सकता है.
संरक्षित प्रजातियों की लिस्ट में शामिल नहीं इमू
वन विभाग का कहना है कि ये पक्षी भारतीय मूल का नहीं है. इसके कारण ये वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित प्रजातियों की लिस्ट में भी नहीं है. ऐसे विदेशी पक्षियों के लिए अलग नियम होते हैं. इन नियमों के तहत ही उनका रखरखाव और देखभाल की जाती है. हालांकि इस मामले के बाद इमू के जोड़े के अयोध्या पहुंचने के बारे में सवाल उठ रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर ये पक्षी यहां पर कैसे पहुंचा?