World’s Most Expensive: गर्मियों के सीजन में देशभर के बाजार अलग-अलग वैरायटी के आमों से भर जाते हैं. इसमें से साधारण वैरायटी के आमों का जायका ₹80 से ₹100 किलो की कीमत में ले सकते हैं, जबकि अच्छी किस्मों के आम ₹500 से ₹800 किलो की कीमत में मिल जाते हैं, लेकिन क्या आप कभी आपने ₹2.5 लाख से ₹3 लाख किलो की कीमत वाले आमों के बारे में सुना है?
कुछ समय पहले तक ये आम सिर्फ जापान के मियाजाकी शहर में ही उगाए जाते थे, लेकिन आज भारत के किसान भी इन आमों को बेचकर लाखों का मुनाफा कमा रहे हैं. आखिर ऐसा क्या है इस आम में कि ये लाख की कीमत में बेचा जा रहा है, जानिए विस्तार से-
3 लाख रुपये किलो का आम?
मियाजाकी आम को ‘ताइओ नो तमागो’ और ‘सूरज का अंडा’ भी कहते हैं. इस लाल रूबी जैसे दिखने वाले आम को उगना और खाना के खरीदना हर किसी के बसकी बात नहीं है. कुछ साल पहले तक जापान के मियाजाकी शहर में उगाए जाने वाले इस आम की दुनिया में भारी डिमांड थी. एक सीमित इलाके में इसका उत्पादन होने से इसका उत्पादन कम और कीमतें बढ़ने लगीं.
भारतीय किसानों को मुनाफा
भारत के किसानों ने मियाजाकी आम में नया बिजनेस मॉडस तलाश लिया है. अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मियाजकी आम की कीमत 3 लाख रुपये किलो तक है, इसलिए भारत में पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश के कुछ किसान इसे उगाकर अच्छा मुनाफा कमा रहे है.
इस आम की वैरायटी के एक ही पौधे की कीमत ₹1,500 से ₹5,000 रुपये के आसपास होती है, जिसकी स्पेशल केयर करने के बाद ही अच्छी मात्रा में आम की उपज मिल पाती है. आपको सुनकर हैरानी होगी, लेकिन मियाजाकी आम के बाग की सुरक्षा के लिए कुछ किसानों ने सीसीटीवी कैमरे और बॉडीगार्ड भी लगाए हैं.
ऐसा क्या खास है इस आम में?
3 लाख रुपये किलो वाले इस आम की खेती के लिए किसानों को कड़ी पहरेदारी करनी पड़ती है और ऊंची कीमतों को बावजूद बाजार में भी इसकी काफी डिमांड है. ये जानकर सबसे पहला सवाल यही आता है कि आखिर इस जर्द लाल रंग के आम में ऐसा क्या खास है?
- मियाजाकी आम का सुर्ख लाल रूबी रंग लोगों को काफी लुभाता है.
- इस आम में लगभग 15% तक नेचुरल शुगर कंटेट पाया गया है, जिससे दूसरे आम की वैरायटी से ज्यादा मीठा भी है.
- इसे अच्छे से पकने के लिए 6 से 8 घंटे की अच्छी धूप चाहिए होती है. बावजूद इसके मियाजाकी को जालीदार थैलों में उगाते हैं,
- मियाजाकी आम की खेती में केमिकल फर्टिलाइजर का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं होता.
- इस ऑर्गेनिक आम के पौधे को 3 साल तक अच्छा खाद-पानी देकर पालना पड़ता है, तब जाके 3 साल बाद से आम की अच्छी खेप मिलती है.
- मियाजाकी आम पकने के बाद बैंगनी रंग का हो जाता है. इसका वजन 250 से 350 ग्राम तक होता है.
- इस आम के हेल्थ बेनिफिट भी गजब के हैं. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर ये आम बीटा-कैरोटीन और फोलिक एसिड का भी अच्छा सोर्स है.