रोडीज जीतते ही जिस लड़की को छोड़ा, उसी से रचाई शादी, फिर ‘विक्की डोनर’ ने बदल दी आयुष्मान खुराना की किस्मत
Ayushmann Khurrana: आयुष्मान खुराना बॉलीवुड के उन सितारों में गिने जाते हैं, जिन्होंने अपनी अलग तरह की फिल्मों से पहचान बनाई. हालांकि उनका यहां तक पहुंचना काफी मुश्किल रहा. यहां तक पहुंचने की उनकी कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है. उन्होंने कभी टीवी के एक रियलिटी शो में अपनी किस्मत आजमाई और फिर वे बड़े पर्दे का चमकता सितारा बन गए. दिलचस्प बात यह है कि जिस लड़की से स्कूल के दिनों में प्यार हुआ, उसी के साथ रिश्ते में उतार-चढ़ाव आए. रोडीज के बाद उन्होंने उससे ब्रेकअप तक कर लिया और फिर दोनों ने शादी कर ली.उनकी एक फिल्म ने आयुष्मान की जिंदगी और करियर दोनों की दिशा बदल दी.
रोडीज ने खोला किस्मत का दरवाजा
आयुष्मान खुराना ने साल 2004 में रियलिटी शो 'MTV Roadies 2' में हिस्सा लिया और शो के विजेता बने. यही वह दौर था, जब पहली बार देशभर के युवाओं के बीच उनका नाम पहचान बनाने लगा. इसके बाद उन्होंने रेडियो जॉकी और टीवी होस्ट के तौर पर काम किया. उनकी आवाज, बातचीत का अंदाज और कैमरे के सामने सहजता धीरे-धीरे उनकी पहचान बन गई.
स्कूल में प्यार और ब्रेकअप
आयुष्मान की मुलाकात ताहिरा कश्यप से स्कूल के दिनों में हुई थी. दोनों के बीच दोस्ती हुई और फिर यह रिश्ता प्यार में बदल गया. हालांकि जिंदगी हमेशा एक जैसी नहीं रहती. करियर बनाने की कोशिशों के बीच दोनों के रिश्ते में भी उतार-चढ़ाव आए. एक वक्त ऐसा भी आया जब दोनों अलग हो गए थे.
2008 में शादी
हालांकि किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था. वक्त के साथ दोनों फिर करीब आए और साल 2008 में आयुष्मान और ताहिरा ने शादी कर ली. उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि आने वाले सालों में आयुष्मान बॉलीवुड के सबसे अलग एक्टर्स में शामिल हो जाएंगे.
'विक्की डोनर' ने बदल दी तस्वीर
टीवी और रेडियो की दुनिया में पहचान बनाने के बाद आयुष्मान ने फिल्मों का रुख किया. साल 2012 में आई 'विक्की डोनर' उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई. फिल्म में उन्होंने एक ऐसे युवक का किरदार निभाया, जो स्पर्म डोनेशन के जरिए लोगों की मदद करता है. विषय बेहद अलग था लेकिन आयुष्मान ने इसे इतनी सहजता से पर्दे पर उतारा कि दर्शकों ने उन्हें हाथों-हाथ लिया. फिल्म सफल हुई और आयुष्मान को अपनी पहली ही फिल्म से अलग पहचान मिल गई.
इन फिल्मों से समाज को दिया संदेश
इसके बाद उन्होंने बहुत सी फिल्मों से लोगों को संदेश देने की कोशिश की. उन्होंने दम लगा के हईशा में मोटी पत्नी के साथ खुशी से रहने, शुभ मंगल सावधान में समलैंगिक से शादी, बधाई हो में बुजुर्ग माता-पिता के बच्चे को एक्सेप्ट करना, आर्टिकल 15 में बराबरी और ड्रीम गर्ल में ये संदेश दिया कि आप जिससे बात कर रहे हैं, वो असल में सही हो ये जरूरी नहीं जैसे संदेश दिए.