सिर्फ चीनी ही नहीं बढ़ा रही खर्च! किचन की ये 4 चीजें हुईं महंगी, महीने का बजट हुआ तहस-नहस
Onion Oil Egg Prices Rise: महंगाई की मार ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है. चीनी के बढ़ते दाम के बाद अब प्याज भी जेब पर भारी पड़ रहा है. हर घर में इस्तेमाल होने वाला प्याज लगातार महंगा हो रहा है, जिससे रोजमर्रा के खर्च बढ़ रहे हैं. सब्जियों और खाने-पीने की जरूरी चीजों के दाम बढ़ने से परिवारों को महीने का बजट संभालना मुश्किल हो रहा है. पहले जहां कम पैसों में रसोई का सामान आसानी से आ जाता था, अब उसी सामान के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं. ऐसे में बढ़ती महंगाई आम लोगों की चिंता बढ़ा रही है और घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है.
प्याज के बढ़े दाम
24 अगस्त को देश में प्याज की औसत कीमत 43.53 रुपये प्रति किलो पहुंच गई. पिछले साल इसी समय प्याज करीब 27.37 रुपये प्रति किलो था. यानी एक साल में प्याज की कीमत करीब 59% बढ़ गई. बड़े शहरों में भी प्याज महंगा है. चेन्नई में यह 60 रुपये, दिल्ली में 55 रुपये और कोलकाता में 53 रुपये प्रति किलो बिक रहा था. हालांकि, सरकार कीमत कम करने के लिए सरकारी स्टॉक से प्याज बेचने की तैयारी कर रही है. इससे आने वाले दिनों में लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है.
महंगाई की मार
महंगाई की मार से आम आदमी की रसोई का बजट बिगड़ गया है. चीनी के बाद अब प्याज भी जेब पर भारी पड़ रहा है. प्याज की कीमत एक साल में करीब 59% बढ़ी है. 24 अगस्त को इसका औसत भाव 43.53 रुपये किलो पहुंच गया. दिल्ली, चेन्नई और कोलकाता में प्याज 53 से 60 रुपये किलो तक बिक रहा है.
गुड़
चीनी के साथ गुड़ के कीमतें भी बढ़ चुकी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले 15 दिनों में महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश समेत प्रमुख उत्पादक इलाकों में 25% की वृद्धि हुई है, जिसके कारण त्योहार के सीजन से पहले उपभोक्ता को मिठाई बनाने और खरीदने के लिए लागत ज्यादा देनी पड़ रही है. खुदरा बाजार में इसकी कीमत करीब ₹65 प्रतिकिलो है.
खाने का तेल
त्योहारों का सीजन आ चुका है. वैश्विक बाजारों में तेजी के कारण तेल के दाम भी बढ़ गए हैं. पिछले एक महीने में तेल के दाम करीब 15 प्रतिशत बढ़ गए हैं. खुदरा बाजार में खाद्य तेलों के दाम 200 रुपये से ऊपर पहुंच चुके हैं. उद्योग जगत पर कड़ी नजर रखने वालों ने मीडिया को जानकारी देते हुएबताया कि आगे और भी तेल के दाम बढ़ सकते हैं.
अंडा
अंडा प्रोटीन का सबसे अच्छआ और सस्ता सोर्स माना जाता है. नेशनल एग कोऑर्डिनेशन कमेटी (NECC) की रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछसले एक साल में इसकी कीमत में भारी उछाल देखने को मिला है. एक्स-फार्म (पोल्ट्री फार्म वाले अंडे) की कीमत थोक भाव में ₹7 प्रति तक पहुंच चुकी है. वहीं रिटेल भाव इसका 9 रुपये करीब हो चुका है.
चीनी ने बिगाड़ा खेल
चीनी के बढ़ते दाम का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है. घर में चाय-कॉफी से लेकर मिठाई और दूसरी खाने-पीने की चीजों का खर्च बढ़ सकता है. चीनी महंगी होने से महीने का किचन बजट बिगड़ जाता है और परिवार को दूसरे खर्चों में कटौती करनी पड़ सकती है. लंबे समय में इसका असर रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखाई देता है.