गर्म-गर्म याक का खून पीते हैं लोग, वजह जान रह जाएंगे हैरान; जानें क्यों निभाई जाती है ये परंपरा?
Yak Blood Drinking: नेपाल का मुस्तांग जिला अपनी खूबसूरत पहाड़ियों और अनोखी परंपराओं के लिए जाना जाता है. यहां एक सदियों पुरानी परंपरा आज भी लोगों के बीच चर्चा में रहती है. खास त्योहार के दौरान स्थानीय लोग जिंदा याक से निकाला गया ताजा खून पीते हैं. माना जाता है कि याक औषधीय पौधे खाते हैं, जिससे उनके खून में भी औषधीय गुण आ जाते हैं.
नेपाल की अनोखी परंपरा
नेपाल के मुस्तांग जिले में सदियों पुरानी अनोखी परंपरा आज भी देखने को मिलती है, जहां खास त्योहार के दौरान लोग जिंदा याक का ताजा खून पीते हैं.
याक का खून
मुस्तांग में स्थानीय लोग मानते हैं कि याक कई औषधीय हिमालयी पौधे खाते हैं, इसलिए उनके खून में भी इन पौधों के गुण मौजूद रहते हैं.
याक के खून को लेकर मान्यता
याक के खून को लेकर स्थानीय मान्यता है कि यह गैस, पीलिया, त्वचा संबंधी समस्याओं और हाई ब्लड प्रेशर जैसी परेशानियों में लाभ पहुंचा सकता है.
बिना मारे निकालते हैं खून
इस परंपरा में याक को मारा नहीं जाता, बल्कि पारंपरिक तरीके से उसकी गर्दन की नस से सीमित मात्रा में खून निकालकर तुरंत इस्तेमाल किया जाता है.
15 से 40 कप तक खून
स्थानीय चरवाहों के अनुसार, एक वयस्क याक से परंपरागत रूप से करीब 15 से 40 कप तक खून निकाला जा सकता है, हालांकि ऐसा कभी-कभी ही किया जाता है.
तुरंत पिया जाता है खून
ताजा खून जल्दी जमने लगता है, इसलिए इसे निकालने के तुरंत बाद पी लिया जाता है और स्थानीय लोग इसे गर्म, नमकीन तथा धातु जैसा स्वाद वाला बताते हैं.