हार्दिक पांड्या की भारतीय टीम में वापसी की उम्मीदों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है. पैर की नई तकलीफ के कारण अब उनके अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी तीन मैचों की टी20 सीरीज से बाहर रहने की संभावना जताई जा रही है.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, हार्दिक अपनी रिकवरी की दिशा में बिल्कुल सही तरीके से आगे बढ़ रहे थे. हालांकि, आखिरी वक्त पर हुई इस परेशानी ने उनकी उपलब्धता पर फिर से सवालिया निशान लगा दिया है.
13 सितंबर से नई दिल्ली में शुरू हो रही अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए चयनकर्ता इस हफ्ते टीम का चयन करने वाले हैं. बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में मौजूद खिलाड़ियों की फिटनेस रिपोर्ट भी जल्द ही चयनकर्ताओं को सौंपी जाएगी.
सूत्रों के मुताबिक, ‘हार्दिक पूरी क्षमता के साथ बिना किसी परेशानी के अभ्यास कर रहे थे, लेकिन पैर में खिंचाव के चलते उन्हें फिलहाल गेंदबाजी रोकने की सलाह दी गई है. वह जल्द ही दोबारा अभ्यास शुरू करेंगे, लेकिन अफगानिस्तान सीरीज तक पूरी फिटनेस हासिल करना मुश्किल है. बल्लेबाजी और रनिंग में कोई बड़ी समस्या नहीं है, लेकिन मेडिकल टीम पूरी तरह आश्वस्त होने के बाद ही उन्हें हरी झंडी देगी.’
कब से मैदान से बाहर हैं हार्दिक पांड्या?
हार्दिक लंबे समय से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर हैं. उन्होंने आखिरी मुकाबला आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए 24 मई को खेला था. वहीं, भारतीय जर्सी में वह आखिरी बार 8 मार्च को टी20 विश्व कप के फाइनल में नजर आए थे.
इसके बाद से वह अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज के साथ-साथ आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे से भी बाहर रहे. अब इस ताजा चोट की वजह से उनका मैदान से बाहर रहने का सिलसिला और लंबा होता दिख रहा है.
यह पहली बार नहीं है जब वापसी के ठीक पहले हार्दिक को चोट लगी हो. इससे पहले अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज से ठीक पहले भी वह क्वाड्रिसेप्स (जांघ की मांसपेशी) में खिंचाव का शिकार हो गए थे, जबकि उससे पहले तक वह पूरी तरह फिट होकर अभ्यास कर रहे थे.
क्यों हो रहे बार बार चोटिल?
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि हार्दिक के बार-बार चोटिल होने की मुख्य वजह एक ऑलराउंडर के रूप में उनका भारी वर्कलोड, बॉलिंग एक्शन से लोअर-बॉडी पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव और रिकवरी प्रक्रिया में जल्दबाजी हो सकती है, हालांकि इस पर बीसीसीआई ने इसपर कुछ नहीं कहा है.
भारतीय टीम प्रबंधन के लिए क्यों चिंता का विषय
हार्दिक की फिटनेस समस्याएं अब कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि एक पैटर्न बनती जा रही हैं. यही बात चयनकर्ताओं और मेडिकल स्टाफ की चिंता बढ़ा रही है. वापसी के एकदम अंतिम चरण में दो बार चोटिल होना, और दोनों ही बार निचले हिस्से में खिंचाव आना यह इशारा करता है कि उनके रिहैब प्लान पर नए सिरे से ध्यान देने की जरूरत है.
यहां उनके वर्कलोड मैनेजमेंट पर भी बात करना जरूरी है. एक तेज गेंदबाज ऑलराउंडर होने के नाते उनके शरीर पर अधिक दबाव पड़ता है. मैच फिटनेस हासिल करने के करीब पहुंचकर बार-बार चोटिल होना यह बताता है कि शायद उनकी रिकवरी में जल्दबाजी की जा रही है. अफगानिस्तान जैसी द्विपक्षीय सीरीज के लिए उन्हें जल्दबाजी में मैदान पर उतारना एक बड़ा जोखिम साबित हो सकता है.